TRENDING TAGS :
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED का बड़ा एक्शन! कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाले में ईडी ने प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अब एजेंसी रिमांड लेकर उनसे पूछताछ करेगी।
Image Source- Social Media
Chhattisgarh Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के कथित 3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने प्रदेश कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उन्हें स्थानीय अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड मांगने की तैयारी में है।
ईडी के वकील सौरभ पांडेय ने रामगोपाल अग्रवाल को ईडी हिरासत में लिए जाने की पुष्टि की है। इससे पहले आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू (EOW) भी रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार कर पूछताछ कर चुका है। अब ईडी इस मामले में उनसे आगे की पूछताछ करेगी।
लंबे समय से जांच के घेरे में थे रामगोपाल अग्रवाल
शराब घोटाला (Liquor Scam) मामले में जांच एजेंसी लंबे समय से रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका की जांच कर रही थी। मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एजेंसी ने यह कार्रवाई की है।
गिरफ्तारी के बाद ईडी अब रामगोपाल अग्रवाल से घोटाले से जुड़े कथित लेन-देन, पूरे नेटवर्क और मामले में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। अदालत में पेशी के दौरान ईडी उनकी रिमांड की मांग कर सकती है। इसके बाद पूछताछ में मामले से जुड़े नए नाम और पैसों के लेन-देन की जानकारी सामने आने की संभावना है।
पिछले महीने ईओडब्ल्यू-एसीबी में किया था सरेंडर
रामगोपाल अग्रवाल ने पिछले महीने छत्तीसगढ़ की आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी ईओडब्ल्यू (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी (ACB) के कार्यालय में सरेंडर किया था। इसके बाद शराब घोटाले से जुड़े मामले में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
अब प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें अपने मामले में गिरफ्तार किया है। ईडी की गिरफ्तारी के बाद इस मामले की जांच में एक और अहम कार्रवाई हुई है और अब एजेंसी रामगोपाल अग्रवाल से अपने स्तर पर पूछताछ करेगी।
3400 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही हैं। एजेंसियों का आरोप है कि शराब कारोबार में एक संगठित नेटवर्क (Organised Network) के जरिए बड़ी रकम का लेन-देन हुआ।
ईडी इस मामले में पहले भी कई लोगों से पूछताछ और कार्रवाई कर चुकी है। अब रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। ईडी उनसे घोटाले से जुड़े लेन-देन और कथित नेटवर्क को लेकर जानकारी हासिल करने की कोशिश करेगी।
क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला (Chhattisgarh Liquor Scam) मामले की जांच ईडी कर रही है। ईडी ने इस मामले में एसीबी में एफआईआर (FIR) दर्ज कराई है। दर्ज एफआईआर में 2 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के कथित घोटाले की बात कही गई है।
ईडी ने अपनी जांच में दावा किया था कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट (Syndicate) के जरिए कथित तौर पर घोटाले को अंजाम दिया गया था।
मामले में जांच एजेंसियां सरकारी शराब कारोबार में कथित भ्रष्टाचार, अवैध वसूली और पैसों के लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। इसी जांच के तहत अलग-अलग लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई शराब
ईडी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच एसीबी कर रही है। एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 के बीच सरकारी शराब दुकानों से कथित तौर पर डुप्लीकेट होलोग्राम (Duplicate Hologram) लगाकर शराब बेची गई।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस प्रक्रिया से शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। शराब की बिक्री से जुड़े इस पूरे मामले में डुप्लीकेट होलोग्राम के इस्तेमाल और उससे हुए कथित राजस्व नुकसान की भी जांच की जा रही है।
रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ में क्या सामने आएगा?
रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी की पूछताछ पर सबकी नजर है। जांच एजेंसी उनसे शराब घोटाले में कथित पैसों के लेन-देन, नेटवर्क और दूसरे आरोपियों से संबंधों को लेकर सवाल कर सकती है।
अदालत में पेशी के दौरान ईडी उनकी रिमांड मांग सकती है। अगर अदालत से रिमांड मिलती है तो एजेंसी आगे की पूछताछ करेगी। ऐसे में जांच के दौरान घोटाले से जुड़े कथित लेन-देन और दूसरे लोगों की भूमिका को लेकर नए खुलासे होने की संभावना है।


