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स्वतंत्र भारद्वाज की बढ़ीं मुश्किलें! जिस मंत्री को बताया था बड़ा भाई, उसी ने कर दी पुलिस में शिकायत
Swatantra Bhardwaj Complaint: कथित हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लेने के बाद मामला और बढ़ गया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी उनके नाम के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
Image Source- Social Media
Swatantra Bhardwaj Complaint: कथित हिंदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध-प्रदर्शन के बाद जहां दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया, वहीं अब उस केंद्रीय मंत्री ने भी उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है, जिन्हें भारद्वाज अपने साक्षात्कार में अपना ‘बड़ा भाई’ बता रहा था।
मामला हाईलाइट होने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्वतंत्र भारद्वाज ने उनके और कई दूसरे राजनेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया है। इसी वजह से उन्होंने उसके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
‘नाम का गलत इस्तेमाल किया’
चिराग पासवान ने कहा, “एक व्यक्ति स्वतंत्र भारद्वाज ने मेरे और कई राजनेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया है। ऐसे में मैंने उनके खिलाफ आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अगर शिकायत के बाद भी आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो यह गलत होगा। खास बात यह है कि जिस व्यक्ति को स्वतंत्र भारद्वाज अपने राजनीतिक संबंधों और समर्थन का उदाहरण देते हुए अपना ‘बड़ा भाई’ बता रहा था, अब उसी चिराग पासवान ने उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है।
CJP के प्रदर्शन के बाद पुलिस ने लिया एक्शन
स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन किया था। इस दौरान नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद भी संसद मार्ग थाने में मौजूद थे।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC-ST एक्ट (SC-ST Act) के तहत मामला दर्ज करने और उसे जल्द गिरफ्तार करने की मांग की थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने कहा था कि आरोपी को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हालांकि, पुलिस के इस आश्वासन के कुछ ही घंटों बाद स्वतंत्र भारद्वाज पुलिस के हत्थे चढ़ गया और उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया।
एक वीडियो से शुरू हुआ पूरा विवाद
दरअसल, पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक साक्षात्कार सामने आया। इसमें उसने 20 जुलाई को संसद चलो मार्च (Sansad Chalo March) के दौरान एक प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद के पिता के साथ मारपीट करने का दावा किया था।
खुद को ‘कट्टर हिंदू’ बताने वाला स्वतंत्र भारद्वाज वीडियो में यह स्वीकार करता दिखाई दिया कि उसने प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार की “खोपड़ी फोड़ दी” थी और इसके बावजूद वह जेल जाने से बच गया।
‘मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा’
वीडियो में स्वतंत्र भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि इस अपराध में धारा 307 लग सकती है और संजय कुमार को 60 टांके लगे थे। उसने यह भी कहा कि संजय कुमार को गंभीर हालत में एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था, जबकि उनकी बेटी थाने के बाहर खड़ी होकर अपने पिता के लिए न्याय की मांग कर रही थी। भारद्वाज ने दावा किया कि इसके बावजूद उसे जेल नहीं भेजा गया और वह पूरी रात बाहर घूमता रहा।
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस दावे का खंडन किया है कि संजय कुमार के सिर की हड्डी टूट गई थी। पुलिस के मुताबिक हाथापाई के दौरान उन्हें मामूली चोट लगी थी और उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था।
इन नेताओं का लिया था नाम
यूट्यूब पर उपलब्ध करीब एक घंटे के साक्षात्कार में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने राजनीतिक संबंध होने का भी दावा किया था। उसने कहा था कि उसे हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त है और कपिल मिश्रा उसके बड़े भाई हैं।
उसने यह भी दावा किया था कि कपिल मिश्रा के फोन करने के बाद उसे छोड़ दिया गया। इसके अलावा उसने चिराग पासवान को भी अपना बड़ा भाई बताया था।
साक्षात्कार में उसने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नाम लेते हुए भी दावा किया था कि मोदी जी भी उसके बड़े भाई हैं और उसे सभी का समर्थन प्राप्त है। अब चिराग पासवान की ओर से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद उसके इन दावों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
‘ऐसे गुंडे बख्शे नहीं जाने चाहिए’
इसी वायरल वीडियो के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस पर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का दबाव बनाया। CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसे गुंडे बख्शे न जाएं। उन्होंने सवाल उठाया कि स्वतंत्र भारद्वाज जैसे लोग जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर आए थे तो क्या दिल्ली पुलिस ने उनकी पहचान नहीं की। सौरव दास ने कहा कि उस पर हत्या के प्रयास का आरोप है और मामले में उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
'घटना के बाद स्कूल तक नहीं जा सकी'
प्रदर्शनकारी छात्रा निशु आजाद ने भी पत्रकारों से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि घटना के बाद उन्हें गालियां और बलात्कार की धमकियां दी गईं। निशु के मुताबिक उन्होंने इस मामले में एक प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी।
निशु ने कहा कि इस घटना का उन पर गहरा असर पड़ा। उन्हें बाहर निकलने में भी शर्म महसूस होने लगी और कुछ हफ्तों तक वह स्कूल नहीं जा सकीं। उन्हें ऐसा लगता था कि हर कोई उनके बारे में बात कर रहा है।
अब स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ CJP के विरोध-प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की शिकायत के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इस पूरे मामले में आगे क्या होता है, इस पर नजर बनी रहेगी।


