SC मार्च से पहले राहुल गांधी को बड़ा झटका! CJI सूर्यकांत ने विपक्ष से मिलने से किया इनकार

CJI Rejects Meeting Request: सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन के नेताओं से मुलाकात करने और ज्ञापन सौंपने की मांग खारिज कर दी। विपक्ष 12 अक्टूबर को वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने वाला था।

Aditya Kumar Verma
Published on: 11 Oct 2026 11:03 PM IST (Updated on: 11 Oct 2026 11:04 PM IST)
CJI Surya Kant Rejects Meeting Request by Rahul Gandhi
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CJI Rejects Meeting Request: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन (INDIA Alliance) के नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। विपक्षी नेता सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर मुख्य न्यायाधीश को एक ज्ञापन सौंपने वाले थे। इस ज्ञापन में कथित वोट चोरी (Vote Chori) रोकने, एसआईआर (SIR) पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल थी। लेकिन, अब विपक्षी नेताओं की मुलाकात और ज्ञापन सौंपने की मांग स्वीकार नहीं की गई है।

सीजेआई कार्यालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, 11 अक्टूबर 2026 को जस्टिस सूर्यकांत ने ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को अपने फैसले और इसके पीछे की वजह की जानकारी दी। इस फैसले के बाद सोमवार को प्रस्तावित विपक्षी मार्च और ज्ञापन सौंपने की योजना को लेकर स्थिति चर्चा में आ गई है।

राहुल गांधी ने किया था SC तक मार्च का ऐलान

दरअसल, राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि विपक्षी नेता सोमवार, 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालेंगे। इस दौरान विपक्षी नेता देश की ओर से मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत को ज्ञापन सौंपने वाले थे। विपक्ष की योजना थी कि इस ज्ञापन के जरिए चुनाव प्रक्रिया और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के सामने उठाया जाए।

विपक्षी नेताओं ने अपने ज्ञापन में कथित वोट चोरी को रोकने, एसआईआर पर रोक लगाने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल की थी। इसी सिलसिले में राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात करना चाहते थे।

CJI सूर्यकांत ने क्यों नहीं दी मुलाकात की अनुमति?

सीजेआई कार्यालय से जुड़े सूत्रों ने पुष्टि की है कि जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं की मुलाकात और ज्ञापन सौंपने की मांग को अस्वीकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश ने 11 अक्टूबर को ईमेल के जरिए विपक्षी नेताओं को इस फैसले की जानकारी दी और इसके पीछे की वजह भी बताई।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में ईमेल में बताई गई वजह का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। ऐसे में मुलाकात से इनकार करने के फैसले के पीछे की पूरी बात स्पष्ट नहीं है। फिलहाल इतना सामने आया है कि राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं को सीजेआई से मिलने और उन्हें ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं मिली है।

वोट चोरी, SIR और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की थी मांग

विपक्षी नेताओं के प्रस्तावित ज्ञापन में तीन प्रमुख मुद्दे शामिल थे। पहला, चुनाव में कथित वोट चोरी को रोकने की मांग। दूसरा, एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) पर रोक लगाने की मांग। तीसरा, मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग।

विपक्ष इन मुद्दों को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है। राहुल गांधी के ऐलान के मुताबिक, सोमवार को सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर इन मांगों को मुख्य न्यायाधीश के सामने रखा जाना था। लेकिन, अब सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से मुलाकात करने और ज्ञापन स्वीकार करने की मांग को खारिज कर दिया है।

इस फैसले के बाद 12 अक्टूबर को प्रस्तावित मार्च को लेकर विपक्ष का अगला कदम क्या होगा, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, सीजेआई कार्यालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, विपक्षी नेताओं को मुलाकात का समय नहीं दिया गया है और उनका ज्ञापन सौंपने का अनुरोध भी स्वीकार नहीं किया गया है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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