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गुस्से से तिलमिला उठे अभिजीत दीपके, सरकार को दी खुली चेतावनी, कहा- 'फिर सड़कों पर...'
Abhijeet Dipke Warns BJP Row: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और कथित उत्पीड़न नहीं रुका, तो देशभर में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने, पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कई राजनीतिक मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
Abhijeet Dipke Warns BJP Row: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के राष्ट्रीय प्रमुख अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार के खिलाफ फिर से कड़ा रुख अपनाते हुए सीधी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सत्ता में बैठे लोग इस गलतफहमी में बिल्कुल न रहें कि केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ने भर से देश के युवाओं और आम जनता का आक्रोश समाप्त हो चुका है। दीपके ने जोर देकर कहा कि लोगों का यह गुस्सा केवल किसी एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह पूरी शासन प्रणाली की असफलताओं के विरोध में है। उन्होंने चेताया कि यदि छात्रों को परेशान करना बंद नहीं किया गया, तो उनके पास विरोध दर्ज कराने के लिए दोबारा सड़कों पर उतरने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचेगा।
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने की मांग
एक राष्ट्रीय समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में अभिजीत दीपके ने मांग रखी कि सरकार को लिखित रूप से यह अधिकारिक फैसला जारी करना चाहिए कि आंदोलन में भाग लेने वाले सभी विद्यार्थियों और प्रदर्शनकारियों पर दर्ज केस तुरंत रद्द किए जाएं। उन्होंने कहा कि इसके बाद किसी भी छात्र को प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए। दीपके ने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल ने बर्बरता की सभी सीमाएं लांघ दी थीं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बिहार में एके 47 और दिल्ली में पेलेट गन का प्रयोग किया गया, जो किसी भी स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अत्यंत शर्मनाक बात है।
अमित शाह के इस्तीफे की मांग का समर्थन
दीपके ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे की मांग का पूर्ण समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को जब छात्रों ने 'संसद चलो मार्च' निकाला था, तब उन पर बल प्रयोग करने के निर्देश गृह मंत्रालय के स्तर से ही जारी किए गए होंगे। उन्होंने कहा कि यदि उस दिन असामाजिक तत्व या आदतन अपराधी भीड़ में घुसे हुए थे, तो यह सीधे तौर पर दिल्ली पुलिस की विफलता है जो गृह मंत्री के अधीन आती है। दीपके ने आरोप लगाया कि आंदोलन को बदनाम करने के मकसद से जंतर-मंतर पर पत्थरों से भरा ट्रक भेजा गया और डैमेज वैन खड़ी करके पूरी साजिश रची गई।
छत्रपति संभाजीनगर में प्रेस वार्ता
मध्य महाराष्ट्र में स्थित अपने गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अभिजीत दीपके ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर गंभीर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आज देश में लोकतंत्र गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और स्वायत्त जांच एजेंसियों का दुरुपयोग केवल राजनीतिक दलों में फूट डालने तथा विरोधियों को कुचलने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने साफ किया कि अधिकार मांगने वाले युवाओं की आवाज को इस तरह की तानाशाही नीतियों से दबाया नहीं जा सकता।
विदेश से लौटकर खड़ा किया विशाल आंदोलन
अमेरिका से भारत वापस लौटने के बाद अभिजीत दीपके ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' की स्थापना की थी, जिसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर देश भर के युवाओं का अभूतपूर्व समर्थन मिला। नीट परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में जब उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, तो हजारों की संख्या में विद्यार्थी उनके साथ जुड़ गए। 20 जुलाई को आयोजित संसद मार्च पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद यह विरोध देशव्यापी आंदोलन में बदल गया। छात्रों के इस भारी दबाव और चौतरफा विरोध के कारण अंततः सरकार को कदम पीछे खींचने पड़े और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा।


