TRENDING TAGS :
CJP Election Contest News: कॉकरोच जनता पार्टी चुनाव लड़ेगी या नहीं? अभिजीत दीपके ने बताई पूरी बात
CJP Election Contest News: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया कि उनकी पार्टी फिलहाल चुनाव नहीं लड़ेगी। NEET-UG विवाद पर उन्होंने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की तथा आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
CJP Election Contest News: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी फिलहाल चुनावी राजनीति में उतरने का कोई इरादा नहीं रखती है। नागपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने न केवल अपनी पार्टी की भविष्य की रणनीति साझा की, बल्कि NEET-UG विवाद को लेकर केंद्र सरकार को भी आड़े हाथों लिया। दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश का युवा संकट में है, लेकिन प्रधानमंत्री ने छात्रों के साथ संवाद करना जरूरी नहीं समझा। यह बयान उस समय आया जब CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नागपुर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही थी।
अधिकारों के लिए चुनाव लड़ना अनिवार्य क्यों?
जब मीडिया ने अभिजीत दीपके से यह सवाल किया कि क्या उनकी पार्टी आने वाले समय में चुनाव लड़ेगी, तो उन्होंने बहुत ही बेबाक अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने प्रतिप्रश्न करते हुए कहा कि आखिर हमें चुनाव लड़ने की जरूरत ही क्यों पड़नी चाहिए? दीपके का तर्क था कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में अगर हर व्यक्ति को अपने बुनियादी अधिकारों की मांग करने या सिस्टम की खामियों को उजागर करने के लिए चुनाव लड़ना पड़े, तो यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक गंभीर स्थिति होगी। उनके अनुसार, जनता की आवाज उठाने के लिए सत्ता की कुर्सी पर बैठना ही एकमात्र विकल्प नहीं होना चाहिए।
पीड़ित परिवारों से माफी और प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता पर सवाल
NEET-UG परीक्षा के विवाद और उसके बाद उपजी दुखद स्थितियों पर बोलते हुए दीपके काफी भावुक नजर आए। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग की कि वे उन पांच-छह छात्रों के माता-पिता से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें, जिन्होंने परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक जैसे विवादों के बीच मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या कर ली। दीपके ने कहा कि दोबारा पेपर न लीक होने का भरोसा दिलाने से पहले सरकार को उन मासूमों की जान की कीमत समझनी होगी जो इस अव्यवस्था की भेंट चढ़ गए।
'मन की बात' के बजाय छात्रों के मन की बात सुनने की सलाह
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री के सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और वैश्विक मुद्दों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने की आदत पर भी तंज कसा। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया के किसी भी कोने में होने वाली घटना पर तुरंत पोस्ट साझा करते हैं, लेकिन जब उनके अपने देश के छात्र अपनी जान दे रहे हैं, तो उनके लिए संवेदना का एक शब्द भी नहीं निकलता। दीपके ने सवाल उठाया कि 'मन की बात' और 'परीक्षा पे चर्चा' जैसे कार्यक्रम आखिर कब तक एकतरफा चलते रहेंगे? उन्होंने जोर देकर कहा कि अब समय आ गया है जब प्रधानमंत्री को अपनी बात कहने के बजाय छात्रों के मन की पीड़ा सुननी चाहिए।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक जारी रहेगा राष्ट्रव्यापी आंदोलन
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में CJP संस्थापक ने अपने कड़े तेवर बरकरार रखते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री सीधे तौर पर छात्रों से बात करते, तो शायद उनकी समस्याओं की गहराई को समझ पाते और कोई ठोस समाधान निकल पाता। उन्होंने अपनी मांग को दोहराते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस पूरी विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए और अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। दीपके ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक CJP का देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और संघर्ष थमेगा नहीं।


