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CJP के नेताओं को अमेरिका-पाकिस्तान से मिला पैसा? केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों से बवाल!
CJP Foreign Funding Row: केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका पर विदेशी फंडिंग के गंभीर आरोप लगाए। जानिए अमेरिका और पाकिस्तान कनेक्शन पर क्या दावा किया गया।
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CJP Foreign Funding Row: कॉकरोच जनता पार्टी एक बार फिर चर्चा में है। इस बार पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका पर विदेशी फंडिंग लेने के आरोप लगे हैं। ये आरोप केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके को अमेरिका में रहने वाले लोगों से आर्थिक मदद मिली, जबकि आशुतोष रांका को पाकिस्तान के नेताओं और दूसरे लोगों से फंडिंग मिली है।
केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि इस पैसे का इस्तेमाल भारत में सरकार विरोधी अभियान चलाने और लोगों के बीच गलत नैरेटिव (Narrative) फैलाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने विदेशी संगठनों और भारत विरोधी ताकतों के साथ मिलकर काम करने का भी आरोप लगाया है। इसके साथ ही जितेंद्र सिंह ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का बचाव करते हुए कहा कि इस तरह की विदेशी फंडिंग पर नियंत्रण जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस पर भी चुनावी प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है।
अमेरिका और पाकिस्तान से फंडिंग मिलने का दावा
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके और सह-संस्थापक आशुतोष रांका की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके को अमेरिका में रहने वाले डोनर्स (Donors) से पैसे मिले हैं।
वहीं, आशुतोष रांका को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पाकिस्तान के नेताओं और वहां के दूसरे लोगों से आर्थिक मदद मिली है। मंत्री के मुताबिक, इस तरह मिलने वाली विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल भारत में सरकार के खिलाफ अभियान चलाने और लोगों के बीच गलत धारणाएं बनाने के लिए किया जा रहा है।
हालांकि, ये सभी आरोप केंद्रीय मंत्री की ओर से लगाए गए हैं। दी गई जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि या फंडिंग से जुड़े दस्तावेजों का विवरण नहीं दिया गया है।
भारत विरोधी एनजीओ और डीप स्टेट का भी जिक्र
जितेंद्र सिंह ने विदेशी संगठनों से मिलने वाली फंडिंग को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों को कथित तौर पर विदेशी स्रोतों से पैसा मिल रहा है। इनमें भारत विरोधी गैर सरकारी संगठन (NGO) और देश-विदेश में काम करने वाले संगठन शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विदेशी फंडिंग वाले एनजीओ, डीप स्टेट (Deep State) से जुड़े लोग और भारत के हितों के खिलाफ काम करने वाली ताकतें मिलकर एक गलत नैरेटिव तैयार कर रही हैं।
उन्होंने ऐसे नेताओं और एक्टिविस्ट की फंडिंग के स्रोतों पर भी सवाल उठाए, जो खुद को जनता की आवाज बताते हैं। जितेंद्र सिंह का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति जनता के मुद्दों को उठाने के नाम पर अभियान चला रहा है तो उसे यह भी बताना चाहिए कि उसके अभियान के लिए पैसा कहां से आ रहा है।
FCRA कानून का जितेंद्र सिंह ने किया बचाव
विदेशी फंडिंग के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्री ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कानून विदेशी फंडिंग के रास्तों को नियंत्रित करने का एक जरिया है।
जितेंद्र सिंह ने अभिजीत दिपके और आशुतोष रांका को स्वयंभू नेता और एक्टिविस्ट बताते हुए कहा कि जो लोग दूसरों पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें अपनी फंडिंग के स्रोत भी सार्वजनिक करने चाहिए।
उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे अपने अभियानों के लिए पैसा कहां से जुटाते हैं और उन्हें आर्थिक मदद कौन दे रहा है। उनके मुताबिक, विदेशी फंडिंग के स्रोतों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है।
कांग्रेस पर भी साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस दौरान कांग्रेस को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैला रही है और अपने नेताओं की राजनीतिक छवि बचाने के लिए वोट चोरी (Vote Chori) के आरोप लगा रही है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि राजनीतिक जमीन खो चुके कुछ लोग जनता का ध्यान खींचने के लिए नया नैरेटिव तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीतिक मुद्दे खड़े किए जा रहे हैं।
इस तरह केंद्रीय मंत्री ने एक तरफ कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं पर अमेरिका और पाकिस्तान से फंडिंग मिलने के आरोप लगाए, तो दूसरी तरफ कांग्रेस पर चुनावी प्रक्रिया को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।


