महज संयोग या साजिश! CJP नेताओं को हिरासत में लेने क्यों पहुंची महिला पुलिस अफसरों की टीम?

CJP Leaders Detained: कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने विमान के अंदर हिरासत में लिया। जानिए गिरफ्तारी के दौरान महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के पीछे क्या वजह हो सकती है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 10 Oct 2026 8:00 PM IST
CJP Leaders Detained | Why Did Delhi Police Deploy Women Officers?
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CJP Leaders Detained: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लेने के लिए दिल्ली पुलिस ने महिला अधिकारियों को विमान के अंदर भेजा। मुंबई से दिल्ली पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट के लैंड होते ही पुलिसकर्मी विमान में दाखिल हुए और तीनों नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान सीजेपी नेताओं ने इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाए। सवाल यह है कि आखिर दिल्ली पुलिस ने पुरुष अधिकारियों के बजाय महिला अफसरों को इस कार्रवाई के लिए क्यों चुना?

विमान के अंदर टकराव टालना चाहती थी पुलिस?

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्रवाई में महिला अधिकारियों की तैनाती जानबूझकर की गई थी या नहीं, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, माना जा रहा है कि पुलिस ने संभावित टकराव को टालने के लिए यह तरीका अपनाया हो सकता है।

विमान के अंदर गलियारे संकरे होते हैं और यात्रियों के हिलने-डुलने के लिए भी बहुत कम जगह होती है। ऐसे में मामूली हाथापाई या धक्का-मुक्की भी बड़े हंगामे में बदल सकती है। पुलिस शायद ऐसी स्थिति से बचना चाहती थी, इसलिए नेताओं को हिरासत में लेने के लिए महिला अधिकारियों को भेजा गया।

विमान के अंदर सामने आए वीडियो में करीब एक दर्जन महिला पुलिसकर्मी सीजेपी नेताओं को घेरे हुए दिखाई देती हैं। कुछ तीखी बहस जरूर हुई, लेकिन आखिरकार तीनों नेताओं को बिना किसी बड़े हंगामे के हिरासत में ले लिया गया। हालांकि, महिला अधिकारियों की तैनाती के पीछे पुलिस का वास्तविक उद्देश्य स्पष्ट नहीं है।

CJP पहले भी पुरुष पुलिसकर्मियों पर लगा चुकी है आरोप

सीजेपी और पुलिस के बीच पहले भी टकराव की स्थिति बन चुकी है। पेपर लीक के विरोध में संसद की ओर मार्च कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच 20 जुलाई को झड़प हुई थी। इसके बाद सीजेपी ने आरोप लगाया था कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने लड़कियों की पिटाई की।

संगठन ने दावा किया था कि 12 साल तक की लड़कियों के सिर फोड़ दिए गए और उनके कपड़े फाड़े गए। ये आरोप सीजेपी की ओर से लगाए गए थे।

सीजेपी के अधिकतर समर्थक युवा और जेन-जी (Gen Z) वर्ग के बताए जाते हैं। ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि पुलिस ऐसी स्थिति से बचना चाहती थी, जिसमें पुरुष अधिकारी नेताओं को पकड़ते और विमान के अंदर अफरा-तफरी मच जाती। हालांकि, यह पुलिस की रणनीति थी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फ्लाइट लैंड होते ही पुलिस ने तीनों नेताओं को हिरासत में लिया

शनिवार को मुंबई से दिल्ली पहुंची एयर इंडिया की फ्लाइट के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरते ही दिल्ली पुलिस के जवान विमान के अंदर पहुंच गए। उन्होंने सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में ले लिया।

उस समय अभिजीत दीपके खिड़की वाली सीट पर बैठे थे। पुलिसकर्मियों को विमान में आते देख उन्होंने अपने फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। सौरव दास बीच वाली सीट पर थे, जबकि आशुतोष रांका उनके बगल में बैठे थे।

पुलिस को देखते ही तीनों नेताओं ने इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। वीडियो में अभिजीत दीपके पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहते सुनाई दिए कि पुलिस उनके विमान से उतरने का इंतजार कर सकती थी।

'ऐसा तो इंदिरा गांधी ने भी नहीं किया था'

विमान के अंदर हिरासत में लिए जाने पर अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “आप देख सकते हैं कि देश किस ओर जा रहा है। वे हमें सीधे फ्लाइट से ही गिरफ्तार करने आए हैं। ऐसा तो इंदिरा गांधी ने भी नहीं किया था। यह तानाशाही है।”

दीपके ने पुलिस अधिकारियों से यह भी कहा, “मैं यहां गिरफ्तार होने ही आया हूं, मुझे गिरफ्तार करें।” इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी उनसे और उनके साथियों से सहयोग करने का आग्रह करती दिखीं। इसके बाद अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन से पहले हुई कार्रवाई

सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया था। संगठन ने सुबह 10 बजे प्रदर्शन शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।

प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचे सीजेपी के तीनों प्रमुख नेताओं को विमान के अंदर ही हिरासत में लिए जाने से संगठन की तैयारियों को झटका लगा। इस घटनाक्रम के बाद महिला अधिकारियों की तैनाती और विमान के अंदर हुई कार्रवाई चर्चा में आ गई।

फिलहाल, महिला अधिकारियों को चुनने के पीछे संभावित टकराव को टालने की बात रिपोर्ट में सामने आई है, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से इस रणनीति की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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