CJP को बड़ा झटका: आशुतोष और सौरव 5 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे रिहा; अब आगे क्या?

CJP के सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले में 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अजिंक्य शिंदे रिहा, जानें अब आगे क्या होगा।

Alakha Singh
Published on: 14 Oct 2026 9:48 AM IST (Updated on: 14 Oct 2026 9:57 AM IST)
CJP को बड़ा झटका: आशुतोष और सौरव 5 दिन के लिए तिहाड़ जेल भेजे गए, अजिंक्य शिंदे रिहा; अब आगे क्या?
X

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। संगठन के प्रमुख चेहरों सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से CJP को बड़ा झटका लगा है। वहीं, संगठन के नेता अजिंक्य शिंदे को रिहा कर दिया गया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि CJP इस कार्रवाई को अदालत में चुनौती देता है या जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अपनी मुहिम को नए सिरे से आगे बढ़ाता है।

CJP के नेताओं को मंगलवार सुबह उस समय हिरासत में लिया गया था, जब वे दिल्ली पुलिस की अनुमति के बिना जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचने की कोशिश कर रहे थे। बाद में पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। संगठन की ओर से हिरासत की प्रक्रिया, वकीलों से संपर्क और गिरफ्तारी के आधारों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

CJP के सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे की ओर से पेश हुए अधिवक्ता अभिष्त हेल ने कहा कि पुलिस की इस आशंका के आधार पर तीनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत में झूठ बोला कि तीनों ने लोगों को मौके पर पहुंचने के लिए बुलावा दिया था, जबकि उन्होंने ऐसा कोई आह्वान नहीं किया था। वकील ने दावा किया कि तीनों ने शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कनॉट प्लेस से जुड़ी अलग शिकायत का इस मामले में दुरुपयोग किया गया और उसी आधार पर तीनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

मंगलवार सुबह हिरासत, फिर गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रतिबंधों के बावजूद प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने की कोशिश के आरोप में सौरव दास और आशुतोष रांका समेत CJP के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। संगठन का आरोप है कि पुलिस ने शांतिपूर्ण विरोध को रोकने के लिए मनमानी कार्रवाई की।

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया था कि नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद भी उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में बाधाएं आईं। संगठन लगातार अपने नेताओं की रिहाई की मांग कर रहा था।

बेल बॉन्ड तोड़ने का आरोप, पुलिस ने बताई कार्रवाई की वजह

इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं पर पहले से भरे गए शांति बनाए रखने के बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाया। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस का कहना है कि सौरव दास और आशुतोष रांका ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों का दोबारा उल्लंघन किया। पुलिस ने उन पर कथित अतिक्रमण और सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा डालने जैसे आरोप भी लगाए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले 11 अक्टूबर को CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर इस शर्त के साथ रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग करने वाली गतिविधियों में शामिल नहीं होंगे। पुलिस का दावा है कि मंगलवार की घटना में इस बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन हुआ। हालांकि, पुलिस के आरोपों को अदालत में चुनौती देने का विकल्प आरोपियों के पास है।



अजिंक्य शिंदे को राहत, रांका और दास तिहाड़ जेल भेजे गए

बुधवार सुबह करीब आठ बजे तीनों नेताओं को दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SCM) के समक्ष पेश किया गया। सुनवाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों को तिहाड़ जेल भेजा गया है। वहीं, अजिंक्य शिंदे को राहत मिली है और उन्हें रिहा कर दिया गया है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की आलोचना की है। उन्होंने एक्स पर आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। दूसरी ओर, पुलिस की कार्रवाई का आधार प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश और कथित बॉन्ड उल्लंघन बताया जा रहा है। इस तरह मामला अब केवल प्रदर्शन की अनुमति तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पहले से लागू कानूनी शर्तों के कथित उल्लंघन पर भी केंद्रित हो गया है।


दिल्ली पुलिस पर रत्ना सिंह के गंभीर आरोप

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए गए नेताओं को देर रात तक वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। उनके मुताबिक, नेताओं को रात करीब तीन बजे निजी वाहन से संसद मार्ग थाने लाया गया था। संगठन ने हिरासत की प्रक्रिया और कानूनी सहायता तक पहुंच को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ये आरोप CJP की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें लेकर पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है।

अब आगे क्या करेगी CJP? इन कदमों पर रहेगी नजर

सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद अब तीन मोर्चों पर आगे की कार्रवाई अहम होगी।

- जमानत और कानूनी चुनौती: CJP की कानूनी टीम न्यायिक हिरासत के आदेश और पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देने के विकल्प पर विचार कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में नई याचिका दाखिल होने या जमानत पर कोई अगला आदेश आने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

- बॉन्ड उल्लंघन के आरोप का जवाब: पुलिस का दावा है कि दोनों नेताओं ने पहले दिए गए शांति बनाए रखने के आश्वासन का उल्लंघन किया। आगे की कानूनी कार्यवाही में इस आरोप और संबंधित दस्तावेजों की अहम भूमिका हो सकती है।

- आंदोलन की अगली रणनीति: CJP के सामने यह चुनौती भी है कि नेताओं की हिरासत के बावजूद आंदोलन को कैसे जारी रखा जाए। संगठन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग पर कायम रहता है या प्रशासन की ओर से निर्धारित दूसरे स्थल पर आंदोलन करने का रास्ता चुनता है, इस पर नजर रहेगी।

इन संभावित कदमों के बीच सबसे अहम बात यह है कि पांच दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश अपने आप में दोषसिद्धि नहीं है। मामले की अगली कानूनी कार्यवाही और संबंधित पक्षों के तर्क तय करेंगे कि दोनों नेताओं को आगे राहत मिलती है या हिरासत जारी रहती है।

फिलहाल CJP के लिए यह दोहरी चुनौती है: एक तरफ अपने नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई और दूसरी तरफ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आंदोलन को जारी रखना। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और संगठन की अगली घोषणा इस पूरे विवाद की दिशा तय कर सकती है।

Alakha Singh
ABOUT THE AUTHOR

Alakha Singh

alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

Next Story