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रिहाई के 2 दिन बाद फिर फंसे CJP नेता! पुलिस के समन पर नहीं पहुंचे सौरव दास-आशुतोष रांका
CJP Leaders Skip Summons: सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस के समन पर पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। दोनों ने पुलिस से और समय मांगा है। जानिए पूरा मामला।
CJP Leaders Skip Summons
CJP Leaders Skip Summons: कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के समन के बावजूद पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों नेताओं ने पुलिस से पेश होने के लिए और समय मांगा है। ऐसे में अब संभावना जताई जा रही है कि दिल्ली पुलिस की ओर से दोनों को नया नोटिस जारी किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस ने दोनों सीजेपी नेताओं को राजौरी गार्डन कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। खास बात यह है कि दोनों को महज दो दिन पहले ही न्यायिक हिरासत से रिहा किया गया था।
शांति बनाए रखने की शर्त पर मिली थी रिहाई
सौरव दास और आशुतोष रांका को स्पेशल एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट (Special Executive Magistrate Court) ने शांति बनाए रखने की शर्त पर बॉन्ड भरवाने के बाद रिहा करने की इजाजत दी थी। दोनों नेताओं से 50 हजार रुपये का निजी मुचलका भरवाया गया है।
अदालत ने दोनों से यह भी कहा है कि उन्हें सुनवाई की तारीखों पर लगातार हाजिर होना होगा। लिखित शर्तों के मुताबिक, दोनों ने यह वादा किया है कि वे कानून का उल्लंघन नहीं करेंगे और शांति बनाए रखेंगे।
प्रदर्शन को लेकर भी रखी गई शर्त
रिहाई की शर्तों में यह भी कहा गया है कि भविष्य में अगर कोई प्रदर्शन किया जाता है तो वह कानून के दायरे में ही होना चाहिए। अदालत की ओर से रखी गई इन शर्तों के बीच अब दोनों नेताओं का पुलिस पूछताछ के लिए तय समय पर हाजिर नहीं होना मामले में एक नया घटनाक्रम माना जा रहा है।
23 अक्टूबर को अदालत में होना है पेश
अदालत में दिए गए वचन को देखते हुए इस चरण में दोनों नेताओं की आगे की न्यायिक हिरासत की जरूरत नहीं मानी गई थी। इसके बाद मजिस्ट्रेट ने जांच अधिकारी को जमानतदारों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर उसकी रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
इस मामले को आगे की कार्यवाही के लिए 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत की ओर से दोनों नेताओं और उनके जमानतदारों को भी उस समय मौजूद रहने के लिए कहा गया है।
जंतर-मंतर के प्रदर्शन से जुड़ा है मामला
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर हुए एक प्रदर्शन से जुड़ी है। पुलिस के मुताबिक, इस प्रदर्शन में सौरव दास, आशुतोष रांका, शिंदे और सीजेपी के 11 अन्य सदस्य शामिल थे।
पुलिस का आरोप है कि जंतर-मंतर का संबंधित स्थल धरना स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं था और इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने निजी परिसरों के रास्ते उस क्षेत्र में प्रवेश किया। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान शांति बनाए रखने से जुड़ी शर्तों का भी कथित तौर पर उल्लंघन किया गया।
अब आगे क्या होगा?
फिलहाल दोनों नेताओं की ओर से पुलिस से पूछताछ के लिए और समय मांगे जाने की बात सामने आई है। ऐसे में अब दिल्ली पुलिस की अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। अगर पुलिस नया नोटिस जारी करती है तो दोनों नेताओं को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। वहीं, 23 अक्टूबर को अदालत में होने वाली आगे की कार्यवाही भी इस मामले में अहम रहेगी।


