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CJP Press Conference Live: CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा ऐलान, अभिजीत दिपके बोले- आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे; हर दिन प्रदर्श
CJP Press Conference Live: तीन नेताओं की रिहाई के बाद अभिजीत दिपके ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया। जानिए SIR विवाद, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, पुलिस कार्रवाई और CJP की अगली रणनीति से जुड़ी अहम बातें।
CJP Press Conference Live: Abhijeet Dipke Vows to Continue Protest Against Gyanesh Kumar
CJP Press Conference Live:दि ल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं की रिहाई के बाद आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है। रविवार को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में CJP के नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का रुख अपनाया है। वहीं, अभिजीत दिपके ने कहा है कि पार्टी पीछे हटने वाली नहीं है। यह विवाद अब पुलिस कार्रवाई, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर केंद्रित हो गया है।
अभिजीत दिपके ने कहा- CJP न पीछे हटेगी, न डरेगी
ताजा लाइव रिपोर्ट के मुताबिक, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने परिवार में अपनी दादी के निधन के कारण महाराष्ट्र स्थित अपने गांव लौटने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सौरव दास और आशुतोष रांका दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। दिपके ने अपने संदेश में आंदोलन जारी रखने का संकेत देते हुए कहा कि CJP न पीछे हटेगी और न ही डरने वाली है।
इस बयान से संकेत मिलता है कि तीन नेताओं की रिहाई के बाद भी पार्टी अपनी मांगों से पीछे हटने के मूड में नहीं है। हालांकि, आंदोलन की अगली तारीखों, स्थानों और कार्यक्रमों की पूरी जानकारी पार्टी की आधिकारिक घोषणा से ही स्पष्ट होगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नजर
CJP के नेताओं की रिहाई ऐसे समय हुई है, जब दिल्ली में प्रदर्शन को रोकने के लिए की गई पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। शनिवार, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर की ओर जाने की कोशिश कर रहे हजारों लोगों को अलग-अलग स्थानों पर हिरासत में लिया गया था। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को दिल्ली में मेट्रो, रेल और इंटरनेट सेवाओं को सामान्य रूप से बहाल करने तथा कानून के मुताबिक प्रतिबंध लागू करने से जुड़े निर्देश दिए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित प्रतिबंधित क्षेत्र से बाहर शांतिपूर्वक एकत्र हुए निहत्थे लोगों को कानून में निर्धारित प्रक्रिया के बिना हिरासत में नहीं लिया जा सकता। ऐसे में CJP की प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई पर पार्टी का रुख और आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति अहम विषय बने हुए हैं।
एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा हुए तीनों नेता
CJP के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने एहतियातन हिरासत में लिया था। रविवार को दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत ने उन्हें रिहा करने का आदेश दिया।
पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं ने एक साल तक शांति और अच्छे आचरण को बनाए रखने के लिए 50-50 हजार रुपये का जमानती बांड जमा किया। उनके खिलाफ BNSS की धारा 126 और 170 के तहत कार्रवाई की गई थी।
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे पर कायम है CJP
CJP का आंदोलन मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR में कथित अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। पार्टी और उसके समर्थक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। इन आरोपों के आकलन में निर्वाचन आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित आंकड़े भी महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल, प्रेस कॉन्फ्रेंस से सामने आए संदेशों के मुताबिक CJP आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है। पार्टी की अगली रणनीति, प्रदर्शन के कार्यक्रम और पुलिस कार्रवाई को लेकर उसके विस्तृत आरोपों की पुष्टि उसके आधिकारिक बयान से की जानी बाकी है।


