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‘CJP फुस्स नहीं हुई, लड़ाई जारी रहेगी’, अभिजीत दीपके ने बताया क्या होगा आगे का प्लान
CJP Protest: CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन जारी रहेगा। सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात के बाद नई रणनीति बनेगी।
Abhijeet Deepke
CJP Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) यानी सीजेपी (CJP) की मुश्किलें बढ़ी हैं, लेकिन पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। आंदोलन को दिवाली (Diwali) तक विराम देने और समर्थकों को परिवार के साथ समय बिताने की सलाह देने के बाद अब उन्होंने अगली लड़ाई का संकेत दिया है। दीपके का कहना है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका से मुलाकात के बाद आंदोलन की नई रणनीति (New Strategy) तैयार की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए आंदोलन के तरीके में बदलाव करना जरूरी हो गया है।
दिवाली के बाद फिर सक्रिय होगी CJP, क्या है आगे का प्लान?
सीजेपी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका करीब एक सप्ताह से ज्यादा समय जेल में बिता चुके हैं। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन की दिशा और संगठन के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच अभिजीत दीपके ने एक यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) को दिए इंटरव्यू में साफ किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल वह दोनों नेताओं से मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
दीपके के मुताबिक, उन्होंने सौरभ दास और आशुतोष रांका से पहले अपने परिवार के साथ कुछ दिन बिताने को कहा है। इसके बाद तीनों बैठकर आंदोलन की अगली रूपरेखा (Future Plan) तय करेंगे। उन्होंने सीजेपी के कमजोर पड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए ऐतिहासिक टेस्ट मैच (Historic Test Match) का उदाहरण दिया।
भारत की ऐतिहासिक जीत से क्यों की आंदोलन की तुलना?
अभिजीत दीपके ने साल 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले गए टेस्ट मैच का जिक्र किया। इस मुकाबले में भारत फॉलोऑन (Follow-on) खेलने के बाद भी जीत हासिल करने में सफल रहा था। दीपके ने राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण के बीच हुई साझेदारी को अपनी पार्टी के मौजूदा हालात से जोड़कर देखा।
उनका कहना था कि जिस तरह उस मुकाबले में भारतीय टीम की वापसी की उम्मीद कम दिखाई दे रही थी, उसी तरह सीजेपी के सामने भी चुनौतियां हैं। दीपके ने सौरभ दास और आशुतोष रांका के जेल में बिताए दिनों को इसी संघर्ष का हिस्सा बताया। उनके मुताबिक, दोनों नेता जेल से लौटने के बाद भी आंदोलन जारी रखने के लिए तैयार हैं।
‘जेल से हीरो बनकर लौटे’, सरकार पर लगाया बड़ा आरोप
दीपके ने दावा किया कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को कई दिनों तक जेल में रखने का मकसद प्रदर्शन करने वालों को डराना था। उन्होंने कहा कि दोनों नेता जेल से बाहर आने के बाद भी पीछे नहीं हटे और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
सीजेपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार उनके संगठन से डरती है, क्योंकि वह युवाओं को आंदोलन से जोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दूसरे समूहों को प्रदर्शन करने दिया जा रहा है, लेकिन सीजेपी को रोकने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, ये आरोप दीपके के अपने दावे हैं।
दीपके ने यह भी बताया कि जब उन्हें जमानत मिल गई थी और उनके साथी जेल में थे, तब उन्हें इस बात का दुख था कि वह खुद अंदर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब संगठन के नेता फिर से एक साथ बैठेंगे और नए तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की योजना बनाएंगे।
अब कानूनी तैयारी पर जोर, रणनीति में होगा बदलाव
आंदोलन के अगले चरण को लेकर अभिजीत दीपके ने माना कि अब पहले की तरह आगे बढ़ना आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक, आंदोलन का दायरा बढ़ने के साथ सावधानी बरतना भी जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन को अपनी पुरानी रणनीति (Old Strategy) की समीक्षा करनी होगी और कई पहलुओं पर दोबारा काम करना होगा।
दीपके ने कानूनी तैयारी (Legal Preparedness) मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनका दावा है कि आने वाले समय में संगठन और उसके नेताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चुनौतियों की आशंका पहले से थी और संगठन इनके लिए तैयार रहने की कोशिश कर रहा है।
सीजेपी प्रमुख के बयान से साफ है कि दिवाली तक आंदोलन में भले ही विराम रहे, लेकिन इसे खत्म करने का ऐलान नहीं किया गया है। अब सबकी नजर सौरभ दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके की बैठक पर रहेगी, जहां से आंदोलन की अगली दिशा तय होने की उम्मीद है।


