CJP Protest: किन शर्तों पर ध्रुव राठी, दीपके और उनके साथियों को मिली आजादी? जानें पूरा मामला

CJP Protest Latest Update: अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका 50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा। ध्रुव राठी की रिहाई, पुलिस की शर्तें और जंतर-मंतर प्रदर्शन का पूरा अपडेट जानें।

Alakha Singh
Published on: 11 Oct 2026 11:45 AM IST (Updated on: 11 Oct 2026 11:47 AM IST)
CJP Protest: किन शर्तों पर ध्रुव राठी, दीपके और उनके साथियों को मिली आजादी? जानें पूरा मामला
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CJP Protest Latest Update: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर पुलिस की कार्रवाई के बीच बड़ी खबर सामने आई है। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका को रविवार सुबह विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद रिहा कर दिया गया। तीनों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर छोड़ने के साथ एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त लगाई गई है। वहीं, यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी शनिवार देर रात हिरासत से रिहा कर दिया गया। हालांकि, पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर जाने की कोशिश करने पर दोबारा हिरासत में लेने या कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

50-50 हजार रुपये के मुचलके पर रिहा हुए CJP नेता

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एहतियातन हिरासत में लिया था। तीनों नेता मुंबई से दिल्ली पहुंचे थे और उन्हें विमान से उतरने के बाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे।

रविवार सुबह तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। इसके बाद उनकी रिहाई का आदेश दिया गया। रिहाई की शर्तों के तहत प्रत्येक नेता को 50 हजार रुपये का निजी मुचलका देना पड़ा है। साथ ही, उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने और शांति भंग नहीं करने की शर्त का पालन करना होगा।

ध्रुव राठी को पुलिस ने किन शर्तों पर छोड़ा?

न्यूइंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, यूट्यूबर ध्रुव राठी को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को गुरुग्राम स्थित उनके सेक्टर-56 आवास से हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी किए जाने के बीच हुई। हालांकि, पुलिस ने देर रात उन्हें छोड़ दिया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ध्रुव राठी यदि प्रतिबंधात्मक आदेशों के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है। उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। फिलहाल, उनकी रिहाई के संबंध में सामने आई जानकारी में CJP नेताओं की तरह 50 हजार रुपये के मुचलके या एक साल की शांति बनाए रखने की शर्त का उल्लेख नहीं है। इसलिए दोनों मामलों की शर्तों को एक जैसा मानना सही नहीं होगा।

जंतर-मंतर प्रदर्शन पर दिल्ली पुलिस की सख्ती जारी

CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं के विरोध में 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस ने इसके पीछे आवेदन देर से दिए जाने, पहले के प्रदर्शन में निर्देशों का पालन नहीं किए जाने और कानून-व्यवस्था तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका जैसे कारण बताए थे।

इसके बावजूद प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे लोगों को रोकने के लिए राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए गए। पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग, वाहनों की जांच और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार की कार्रवाई के दौरान 7,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया था। इनमें विपक्षी नेता और ध्रुव राठी भी शामिल थे। बाद में CJP के तीन प्रमुख नेताओं को छोड़कर अन्य हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की जानकारी भी सामने आई।

20 से ज्यादा FIR दर्ज होने की खबर, पुलिस की कार्रवाई पर नजर

CJP प्रदर्शन के दौरान राजधानी के अलग-अलग इलाकों में पुलिस की कार्रवाई और कानून-व्यवस्था को लेकर तनाव बना रहा। मीडिया रिपोर्टों में 20 से ज्यादा FIR दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन मामलों में गैरकानूनी जमावड़े, पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की या हमले, सरकारी काम में बाधा और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है।

हालांकि, सभी FIR में दर्ज आरोपों, संबंधित आरोपियों और लागू धाराओं की विस्तृत पुष्टि अलग-अलग मामलों के आधिकारिक रिकॉर्ड से की जानी चाहिए। FIR दर्ज होने का अर्थ आरोप साबित होना नहीं है।

रिहाई के बाद CJP की अगली रणनीति क्या होगी?

रिहाई के बाद CJP नेताओं की अगली रणनीति को लेकर सबकी नजरें पार्टी की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं। आशुतोष रांका ने रिहाई के बाद मीडिया से बातचीत में दोपहर 2 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की बात कही थी। इसमें पार्टी पुलिस की कार्रवाई, रिहाई की शर्तों और आगे के आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट कर सकती है।

CJP ने पहले ही संकेत दिया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका विरोध जारी रहेगा। ऐसे में सवाल यह है कि एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त के बीच पार्टी अपने आंदोलन को किस तरह आगे बढ़ाती है और दिल्ली पुलिस प्रस्तावित प्रदर्शनों को लेकर क्या रुख अपनाती है।

फिलहाल, दीपके, दास और रांका की रिहाई से हिरासत का मामला एक नए चरण में पहुंच गया है, लेकिन CJP और दिल्ली पुलिस के बीच टकराव खत्म होने के संकेत नहीं मिले हैं।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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