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'मेरा घर सबको क्यों दिखाया?’ CJP नेता सौरभ दास का फूटा गुस्सा, मांगे 2.01 लाख रुपये, पहुंचे हाईकोर्ट
CJP नेता सौरभ दास ने घर का पता और निजी जानकारी सार्वजनिक करने के आरोप में दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है। 2.01 लाख रुपये हर्जाना मांगा।
Saurabh Das House Address Case: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक सौरभ दास ने अपने निजी जीवन और आवासीय पते को कथित तौर पर सार्वजनिक किए जाने के खिलाफ अब सीधा कानूनी मोर्चा खोल दिया है। दास ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए सोशल मीडिया कमेंटेटर अभिजीत अय्यर मित्रा, पैम्फलेट, लॉ बीट से जुड़े लोगों और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ याचिका दायर की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके किराये के घर की पहचान उजागर कर उनकी निजता और सुरक्षा से खिलवाड़ किया गया।
दास ने कथित निजता उल्लंघन के लिए 2.01 लाख रुपये के हर्जाने की मांग की है। साथ ही अदालत से मांग की है कि उनके आवासीय पते और निजी जानकारियों को आगे सार्वजनिक करने पर तत्काल रोक लगाई जाए।
घर के अंदर तक रिकॉर्डिंग का आरोप
सौरभ दास का दावा है कि वह 2025 की शुरुआत से ग्रेटर कैलाश-I स्थित एक मकान के ग्राउंड फ्लोर पर किराये के कमरे में रह रहे हैं। उनके मुताबिक, परिसर में दूसरे लोग भी किराये पर रहते हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि पैम्फलेट से जुड़े प्रतिनिधि कथित तौर पर परिसर के अंदर पहुंचे और वहां की रिकॉर्डिंग की। इसके बाद 5 अगस्त को वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया गया। दास का दावा है कि इस वीडियो में उनके आवासीय पते की पहचान सामने आ गई और वीडियो को करीब 21 लाख व्यूज मिले।
‘7 लाख रुपये महीना किराया’ बताने पर भी आपत्ति
दास ने अभिजीत अय्यर मित्रा पर आरोप लगाया है कि लॉ बीट के एक कार्यक्रम में उन्होंने उनके आवासीय पते का खुलासा किया और उनके घर का किराया 7 लाख रुपये प्रति माह बताया। दास ने इस दावे को गलत बताया है।
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उनके बारे में निजी जानकारियां अलग-अलग मौकों पर सार्वजनिक की गईं। दास का कहना है कि किसी व्यक्ति का निजी पता और आवासीय जानकारी इस तरह सार्वजनिक करना गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकता है।
‘पहले भी मिली हैं हिंसक धमकियां’
सौरभ दास ने अपनी याचिका में सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनका कहना है कि उन्हें पहले भी हिंसक धमकियां मिल चुकी हैं। ऐसे में घर का पता सार्वजनिक होने से सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और उसी परिसर में रहने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है।
X और Google से भी कंटेंट हटाने की मांग
दास ने दिल्ली हाई कोर्ट से मांग की है कि पहले से अपलोड किए गए उन वीडियो और पोस्ट को हटाने के निर्देश दिए जाएं जिनमें उनकी कथित निजी जानकारी सार्वजनिक की गई है। उन्होंने X और Google को भी ऐसी सामग्री हटाने का निर्देश देने की मांग की है।
अब इस मामले में अदालत के सामने मुख्य सवाल यह होगा कि सार्वजनिक हित और किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी तथा सुरक्षा के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। फिलहाल दास ने अपने आवासीय पते के कथित खुलासे को लेकर कानूनी लड़ाई तेज कर दी है।


