जंतर-मंतर पर छात्रों की आवाज बनी CJP...रांची में खामोश क्यों? सोशल मीडिया पर निभाई औपचारिकता!

CJP Silence on Jharkhand Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन की अगुवाई करने वाली CJP पर अब झारखंड के रांची आंदोलन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के विधानसभा घेराव के दौरान CJP का शीर्ष नेतृत्व नजर नहीं आया।

Harsh Srivastava
Published on: 10 Aug 2026 3:56 PM IST
जंतर-मंतर पर छात्रों की आवाज बनी CJP...रांची में खामोश क्यों? सोशल मीडिया पर निभाई औपचारिकता!
X

CJP Silence on Jharkhand Protest: नीट परीक्षा धांधली के खिलाफ राजधानी दिल्ली की सड़कों पर पूरे 1 महीने तक जोरदार प्रदर्शन करने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का रुख झारखंड आंदोलन को लेकर सवालों के घेरे में है। सोमवार को रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं के खिलाफ हुए उग्र 'विधानसभा घेराव' के दौरान जब हजारों छात्र सड़कों पर लाठियां खा रहे थे, तब सीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम से रहस्यमयी दूरी बना रखी थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को घुटनों पर लाने का दावा करने वाली इस चर्चित पार्टी की ऐसी बेरुखी देखकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे सूबे के युवाओं में काफी हैरानी देखने को मिल रही है।

सुरक्षा घेरे तोड़कर आगे बढ़े आक्रोशित अभ्यर्थी

राज्य की जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं के विरोध में अभ्यर्थी पिछले 17 दिनों से लगातार सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं। पूर्वनिर्धारित योजना के तहत सोमवार सुबह 11 बजे हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा का घेराव करने के लिए निकल पड़े। राह में बिछाए गए लोहे के कांटों वाले तार और पुलिस की ठंडे पानी की तेज बौछारें भी इन जुझारू अभ्यर्थियों का रास्ता नहीं रोक सकीं। छात्र एक के बाद एक कई सुरक्षा घेरे ध्वस्त करते हुए आगे बढ़ते चले गए, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आखिरकार कड़ा बल प्रयोग करना पड़ा।

प्रमुख प्रवक्ताओं की खामोशी

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सीजेपी के मुख्य प्रवक्ताओं की चुप्पी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। आमतौर पर हर मुद्दे पर मुखर रहने वाले सौरभ दास और आशुतोष रांका जैसे वरिष्ठ चेहरों के आधिकारिक सोशल मीडिया खातों पर झारखंड के लाचार अभ्यर्थियों के पक्ष में एक शब्द भी दर्ज नहीं हुआ। हालांकि, संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने इंटरनेट पर केवल एक वीडियो साझा कर औपचारिकता पूरी कर ली। उन्होंने छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के विरोध मार्च का एक छोटा सा अंश शेयर करते हुए अंग्रेजी में केवल इतना लिखा कि वे झारखंड के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में पूरी मजबूती से खड़े हैं।

स्थानीय आंदोलन छोड़ दिल्ली की बयानबाजी में उलझे नेता

हैरानी की बात यह रही कि संगठन के आधिकारिक एक्स हैंडल से रांची की इस विशाल जनक्रांति पर कोई टिप्पणी जारी नहीं की गई। सीजेपी के प्रमुख रणनीतिकार और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने पूरे दिन इस मुद्दे पर मौन व्रत धारण किए रखा। वहीं, पार्टी के चर्चित प्रवक्ता सौरभ दास के खाते से कई संदेश साझा किए गए, लेकिन वे सभी केवल दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पुलिसिया एक्शन को लेकर केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर हमला बोलने तक ही सीमित रहे। झारखंड के भविष्य के लिए लड़ रहे युवाओं की जमीनी समस्याओं को उठाने में पार्टी की कोई खास दिलचस्पी नजर नहीं आई।

शीर्ष नेतृत्व की अनुपस्थिति और अधूरा आश्वासन

रांची में आंदोलन की शुरुआत से यह सवाल उठ रहा था कि क्या दिल्ली में छात्रों की आवाज बनने वाले बड़े नेता झारखंड पहुंचकर धरातल पर अभ्यर्थियों का हौसला बढ़ाएंगे। शुरुआत में गोलमोल जवाब देने के बाद पार्टी प्रमुख दीपके ने अस्वस्थ होने और टाइफाइड का बहाना बनाकर रांची जाने से दूरी बनाए रखी। दो दिनों तक महाराष्ट्र में बेरोजगारी और संवैधानिक सुधारों पर बड़े-बड़े दावे करने वाली सीजेपी की कोर टीम ने रांची में केवल एक छोटा प्रतिनिधिमंडल भेजकर अपना पल्ला झाड़ लिया। जंतर-मंतर के उस चर्चित आंदोलन का कोई भी मुख्य चेहरा युवाओं के इस उलगुलान में उनके साथ खड़ा दिखाई नहीं दिया।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story