बिहार में नीतीश का ‘दबदबा’ कायम! 7 दिन में 3 बार सीएम सम्राट ने की मुलाकात, बड़े बदलाव की आहट

Bihar Politics: राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच बीते सात दिनों में तीन बार मुलाकात हो चुकी है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 23 April 2026 12:22 PM IST
Samrat Choudhary meet Nitish Kumar
X

Samrat Choudhary meet Nitish Kumar

Bihar Politics: बिहार की राजनीति इन दिनों लगातार दिलचस्प मोड़ ले रही है। राज्य के वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच बीते सात दिनों में तीन बार मुलाकात हो चुकी है। हर मुलाकात में एक समान दृश्य देखने को मिला नीतीश कुमार का सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखना और सम्राट का विनम्र भाव से हाथ जोड़कर अभिवादन करना। यह राजनीतिक “बॉडी लैंग्वेज” बिहार की सत्ता समीकरणों में कई संकेत छोड़ रही है।

22 अप्रैल को दिल्ली दौरे से लौटने के तुरंत बाद सम्राट चौधरी सीधे पटना में नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पहुंचे। यह मुलाकात महज औपचारिक नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे राजनीतिक संकेतों से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले 15 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने शाम को ही नीतीश कुमार से शिष्टाचार मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त किया।

इसके बाद 18 अप्रैल को खुद नीतीश कुमार सम्राट चौधरी के आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच लगभग 20 मिनट की बातचीत हुई। इस मुलाकात को भी राजनीतिक रूप से काफी अहम माना गया। तीन बार की इन मुलाकातों ने बिहार की राजनीति में यह चर्चा तेज कर दी है कि क्या राज्य की सत्ता में वास्तविक प्रभाव अभी भी नीतीश कुमार के पास है। सरकार बनने के बाद कई प्रशासनिक फैसले भी तेजी से लिए गए, जिससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर नीतीश कुमार का प्रभाव बना हुआ है।

सम्राट चौधरी ने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की थी और लौटते ही नीतीश कुमार से मिलने पहुंचे। यह क्रम लगातार यह संकेत दे रहा है कि नई सरकार में संतुलन और मार्गदर्शन दोनों स्तरों पर नीतीश की भूमिका अहम बनी हुई है। सरकार बनने के बाद कई प्रशासनिक फैसले भी तेजी से लागू हुए हैं। नीतीश कुमार के करीबी नेताओं को सुरक्षा और राजनीतिक प्रोटोकॉल में अहम स्थान मिला है। उनके बेटे को विशेष सुरक्षा श्रेणी दिए जाने से लेकर सहयोगी नेताओं को उच्च सुरक्षा व्यवस्था तक, कई फैसलों ने राजनीतिक चर्चा को और बढ़ा दिया है।

अब नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में जब सरकार को विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा और मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा, तब सत्ता संतुलन किस दिशा में जाता है। क्या नीतीश कुमार का प्रभाव इसी तरह कायम रहेगा या नया नेतृत्व अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करेगा, यह बिहार की राजनीति का अगला बड़ा सवाल बना हुआ है।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

Mail ID -Shishulko@gmail.com

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story