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झारखंड में छात्रों को मिला कांग्रेस का साथ! JPSC-JSSC धांधली पर राहुल ने भरी हुंकार, बोले- 'ढह चुका है...'
Rahul Gandhi on JPSC Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन तेज हो गया है। राहुल गांधी ने अभ्यर्थियों का समर्थन करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और कहा कि देश का एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह ढह चुका है।
Rahul Gandhi on JPSC Student Protest: झारखंड में सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। 25 जुलाई से रांची के ऐतिहासिक जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में हजारों अभ्यर्थी बेमियादी धरने और अनशन पर डटे हुए हैं। आंदोलन की मुख्य वजह 14वीं JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में सामने आई भारी गड़बड़ियां हैं। हालांकि, धीरे-धीरे यह गुस्सा विकराल रूप ले चुका है और अब JSSC सहित राज्य की अन्य तमाम भर्ती परीक्षाओं में हो रही अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थी आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
राहुल गांधी का बड़ा हमला
छात्रों के इस उग्र आंदोलन पर कांग्रेस के शीर्ष नेता राहुल गांधी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से साझा किए गए एक वीडियो में उन्होंने देश की पूरी शिक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में जगह-जगह हो रहे छात्र आंदोलन असल में चरमरा चुके तंत्र के खिलाफ युवाओं का आक्रोश हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश का एजुकेशन सिस्टम पूरी तरह ढह चुका है। यह व्यवस्था बेहद खर्चीली होने के साथ-साथ युवाओं की आवाज को दबाने वाली बन गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार चाहे कांग्रेस की हो, केंद्र की हो या फिर झारखंड की, हर किसी को अभ्यर्थियों की आवाज सुननी होगी और इस सिस्टम को बदलने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।
मल्लिकार्जुन खरगे ने भी खिला मोर्चा
राहुल गांधी के बयान से पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर पार्टी की नीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी थी। मीडिया से रूबरू होते हुए खरगे ने कहा कि युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ पूरी पार्टी मुस्तैदी से खड़ी है। उन्होंने कहा कि मामला झारखंड का हो, पंजाब का हो या देश की राजधानी दिल्ली का, कांग्रेस लगातार पत्राचार के जरिए सवाल पूछ रही है। खरगे ने साफ किया कि संबंधित राज्य में भले ही गठबंधन की सरकार हो या विपक्षी दल का शासन, वे छात्रों के हक के लिए अपनी लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे।
अभ्यर्थियों की 5 प्रमुख मांगें
सालों से पेपर लीक, फर्जीवाड़े और विवादित चयन प्रक्रिया का दंश झेल रहे अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। आंदोलनकारी युवाओं ने शासन के सामने 5 प्रमुख शर्तें रखी हैं:
14वीं JPSC की प्रारंभिक परीक्षा को तुरंत निरस्त किया जाए।
धांधली की जांच CBI या सेवानिवृत्त जजों की स्वतंत्र समिति से कराई जाए।
JPSC और JSSC के प्रशासनिक ढांचे में बड़े संस्थागत सुधार किए जाएं।
सभी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
पेपर लीक और फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।
40 लाख का 'रेट चार्ट' और जांच का शिकंजा
राजनीतिक गलियारों में भी इस आंदोलन को लेकर भारी हलचल मची हुई है। झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए दावा किया है कि राज्य में प्रशासनिक पदों की बिक्री के लिए बाकायदा एक रेट चार्ट तय है। उनके अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा पास करने के लिए 5 लाख, मुख्य परीक्षा के लिए 25 लाख और इंटरव्यू में नंबर बढ़ाने के लिए 10 लाख रुपये वसूले जा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच एजेंसियों ने एक्शन लेते हुए कई गिरफ्तारियां की हैं। पूर्व आयोग अध्यक्ष एल. खियांग्ते से पूछताछ की जा चुकी है और चौतरफा दबाव के चलते फिलहाल मुख्य परीक्षा स्थगित कर दी गई है।


