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Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश में तूफान से अब तक 5 लोगों की मौत, UP-MP और बिहार में भी बदला मौसम
आंध्र प्रदेश में साइक्लोन अर्नब ने भारी तबाही मचाई। 55 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया और 39 NDRF टीमें तैनात हैं। UP-MP और बिहार में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
Cyclone Arnab, Weather Today Latest Update: आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में साइक्लोन अर्नब ने भारी तबाही मचाई है। 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं और 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक के झोंकों ने तटीय क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तूफान के खतरे को देखते हुए 55,000 से अधिक लोगों को निचले इलाकों और संवेदनशील तटीय क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है। वहीं, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के मुताबिक, अब तक पांच लोगों की मौत की खबर है। राहत और बचाव कार्यों के लिए 39 NDRF टीमें तैनात की गई हैं।
यूपी, एमपी और बिहार में भी बदला मौसम, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
साइक्लोन अर्नब का असर आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार में भी 28 से 30 अक्टूबर के बीच बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया में 30–40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिसके लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा जताया गया है। आज 28 अक्टूबर 2026 को कई इलाकों में बादल छाए रहे।
मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में भी 28 अक्टूबर को भारी बारिश का पूर्वानुमान है। रीवा, सतना, सीधी और मऊगंज समेत विंध्य क्षेत्र के लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है। हालांकि, 29 अक्टूबर को लेकर अलग-अलग मौसम बुलेटिनों में अंतर है, इसलिए जिलेवार अलर्ट की पुष्टि जरूरी है। वहीं, बिहार में मौसम विभाग ने 28 अक्टूबर को गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका जताई है, जबकि 29 और 30 अक्टूबर को कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज झोंकों का अलर्ट है। पटना के पूर्वानुमान में भी अगले दिनों बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।
सुबह 8 बजे तक तट से टकराया तूफान, अब कमजोर पड़ने लगा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, साइक्लोन अर्नब ने 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यनम के तटवर्ती क्षेत्रों में दस्तक दी। बापटला और विशाखापत्तनम के बीच, यनम के दक्षिण-पश्चिम में तूफान का लैंडफॉल पूरा हुआ। इस दौरान हवा की रफ्तार 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
सुबह 8:30 बजे तक तूफान का केंद्र पूरी तरह जमीन पर आ चुका था। इसके बाद इसकी तीव्रता बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान से घटकर गंभीर चक्रवाती तूफान की श्रेणी में आ गई। मौसम विभाग के अनुसार, इसके आगे कमजोर होकर गहरे दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने की संभावना जताई गई।
55 हजार लोगों का रेस्क्यू, 39 NDRF टीमें तैनात
NDRF के डीआईजी (ऑपरेशंस) एसएस सूडान ने बताया कि राज्य सरकार के समन्वय से निचले और तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर निकासी अभियान चलाया गया। अब तक 55 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राहत अभियान को मजबूत करने के लिए 39 NDRF टीमें तैनात की गई हैं, जिनमें चार टीमों को मंगलवार को एयरलिफ्ट करके भेजा गया था।
राज्य प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, लोगों की जान बचाने और संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है।
काकीनाडा में समुद्री लहरों का हमला, तटीय सड़क क्षतिग्रस्त
साइक्लोन के प्रभाव से समुद्र में ऊंची लहरें उठीं और तटीय कटाव तेज हो गया। काकीनाडा के पास उप्पाडा तटीय सड़क को नुकसान पहुंचा है। इससे इलाके में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत और संपर्क बहाल करने का काम शुरू कर दिया है।
तटीय इलाकों में सतर्कता जारी
तूफान की तीव्रता घटने के बावजूद तटीय क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी है। तेज हवाओं, समुद्री लहरों और भारी बारिश से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बहाली अभियान जारी है। लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और खतरे वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।


