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Cyclone Arnab Update Today: हाहाकार मचा रहा चक्रवात अर्नब, 6 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
Cyclone Arnab Latest Update: चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश तट से टकराने के बाद ओडिशा, यूपी, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट। जानें मौसम का ताजा अपडेट।
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Cyclone Arnab Latest Update: बंगाल की खाड़ी से उठे अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान अर्नब ने आंध्र प्रदेश के समुद्री तट पर भारी तबाही मचाने के बाद अब देश के अनेक राज्यों में मौसम का संकट बढ़ा दिया है। बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट से टकराए इस चक्रवात के कारण तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्री पानी के उछाल से मकानों, सड़कों, बिजली की व्यवस्था तथा कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है। आंध्र प्रदेश से कम से कम तीन लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि सामने आई है, जबकि 28 अक्टूबर की रात प्रकाशित रिपोर्ट में मृतकों की संख्या आठ बताई गई है। इस अंतर के कारण आठ मौतों को अभी अंतिम सरकारी आंकड़ा नहीं माना जा सकता। तूफ़ान की चपेट में आए तटीय जिलों में सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। अनेक मकानों को नुकसान पहुंचा तथा हजारों एकड़ में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। चक्रवात का सबसे शक्तिशाली दौर गुजर चुका है। लेकिन उसके अवशेषों के कारण पूर्वी और मध्य भारत में गुरुवार तथा शुक्रवार को भारी बारिश का खतरा बना हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अर्नब बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार करने के बाद तेजी से कमजोर होने लगा। बुधवार रात साढ़े आठ बजे तूफ़ान का केंद्र काकीनाडा से लगभग 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम, यानम से 90 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम और विशाखापत्तनम से लगभग 180 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम में था। उस समय यह सामान्य चक्रवाती तूफ़ान की श्रेणी में आ चुका था और पिछले छह घंटों में करीब दस किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर-उत्तरपश्चिम दिशा में बढ़ रहा था। मौसम विभाग ने इसके बुधवार मध्यरात्रि तक गहरे अवदाब में बदलने और उसके बाद क्रमशः कमजोर होते जाने का अनुमान जताया था। गुरुवार सुबह प्रकाशित मौसम रिपोर्टों में इसके और कमजोर हो जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि इसकी नवीनतम केंद्रीय स्थिति के लिए आज का आधिकारिक बुलेटिन निर्णायक होगा।
तीन मौतों की आधिकारिक पुष्टि, आठ तक पहुंचने की खबर; 79 हजार एकड़ फसल प्रभावित
अर्नब से हुई जनहानि और आर्थिक नुकसान की तस्वीर अब धीरे-धीरे स्पष्ट होने लगी है।रिपोर्ट के अनुसार आंध्र प्रदेश में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है। इनमें विशाखापत्तनम में बिजली का करंट लगने से दो महिलाओं की मृत्यु हुई, जबकि पूर्वी गोदावरी में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति की जान चली गई। तूफ़ान ने राज्य के 14 तटीय जिलों में लगभग 79 हजार एकड़ कृषि क्षेत्र को प्रभावित किया है। कोनासीमा जिले में केले और नारियल के बागानों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। अनेक गांवों में बिजली के खंभे गिरने और पेड़ उखड़ने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई है। विशाखापत्तनम के निचले हिस्सों में भारी वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति बनी।
ऐसे में प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बचाव और राहत के साथ नुकसान की सही तस्वीर सामने लाने की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजी जानकारी में कम से कम 180 मकानों को नुकसान और 220 पेड़ गिरने का उल्लेख किया। इससे स्पष्ट है कि चक्रवात से हुई क्षति के आंकड़े अभी प्रारंभिक हैं।अंतिम सर्वेक्षण के बाद इनमें वृद्धि संभव है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 1.80 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
चक्रवात के समुद्र तट पर पहुंचने से पहले ही दोनों राज्यों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया था। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कुल मिलाकर एक लाख 80 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। आंध्र प्रदेश में प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को राहत शिविरों में ले जाया गया। मछुआरों की नावों को सुरक्षित किया गया और संभावित खतरे वाले तटीय क्षेत्रों में रेल तथा विमान सेवाएं प्रभावित हुईं। राज्य में कई स्थानों पर स्कूल बंद किए गए। गुरुवार, 29 अक्टूबर को भी आंध्र प्रदेश के 11 जिलों में स्कूल बंद रहने की सूचना है।
चक्रवात के कमजोर पड़ने के बावजूद राहत और पुनर्वास की चुनौती समाप्त नहीं हुई है। जिन इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे हैं, वहां बिजली आपूर्ति बहाल करने और सड़कों को साफ करने का काम आवश्यक है। सबसे अधिक चुनौती उन गांवों में होगी जहां फसल और मकान दोनों को नुकसान पहुंचा है। केला और नारियल जैसी फसलों को हुए नुकसान की भरपाई तत्काल संभव नहीं है, क्योंकि इनकी दोबारा खेती और उत्पादन में लंबा समय लगता है।
29 अक्टूबर की सुबह अर्नब कहां पहुंचा, मौसम विभाग ने दी नई जानकारी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के विशाखापत्तनम मौसम केंद्र की गुरुवार सुबह प्रभावी चेतावनी के अनुसार अर्नब कमजोर होकर गहरे अवदाब में बदल चुका है। 29 अक्टूबर की रात 12 बजकर 30 मिनट भारतीय समय पर इसका केंद्र ओडिशा के मलकानगिरि से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण, आंध्र प्रदेश के पाडेरू से लगभग 90 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम तथा छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से करीब 140 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था। पिछले छह घंटों में यह लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा में बढ़ा था। मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह इसके और कमजोर होकर अवदाब तथा शाम तक स्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इस तरह अब अर्नब की सबसे बड़ी चुनौती समुद्र तट पर विनाशकारी हवाओं के बजाय उसके साथ आगे बढ़ रही भारी वर्षा है।
ओडिशा में छह जिलों के लिए रेड अलर्ट, गजपति में लगभग 250 मिलीमीटर बारिश
ओडिशा में अर्नब के प्रभाव से भारी बारिश का सिलसिला जारी है। मौसम विभाग ने राज्य के छह जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गजपति, गंजाम, रायगढ़ा, कोरापुट और मलकानगिरि जैसे जिलों में पिछले दिनों से ही तेज वर्षा हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक गजपति जिले में एक स्थान पर 249.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भुवनेश्वर, कटक, पुरी, ढेंकानाल और बरहामपुर में भी मंगलवार से रुक-रुककर वर्षा की सूचना है। राज्य के दस अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया था। गुरुवार को सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ में भी भारी बारिश की चेतावनी है। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव का जोखिम बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश में 31 अक्टूबर तक असर, वाराणसी से लखनऊ तक बारिश
अर्नब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में गुरुवार से मौसम का मिजाज बदलने का अनुमान है। लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के हवाले से बताया गया है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्यांचल के अनेक जिलों में 31 अक्टूबर तक मौसम प्रभावित रह सकता है। गुरुवार को कई जिलों के लिए भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की चेतावनी है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर और बलिया विशेष निगरानी वाले जिलों में शामिल हैं। चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, अमेठी और सुल्तानपुर में भी बारिश हो सकती है। शुक्रवार को पूर्वांचल, अवध और तराई के अनेक जिलों के साथ बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी मौसम प्रभावित होने का अनुमान है।
लखनऊ में गुरुवार से शनिवार तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बारिश और बादलों के कारण अगले तीन दिनों में दिन के अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि यह अनुमान है, दर्ज हो चुकी तापमान गिरावट नहीं। पूर्वांचल और अवध में धान की कटाई के समय बारिश होने से किसानों की चिंता बढ़ सकती है। खेतों में कटी हुई फसल भीगने और कटाई में देरी होने की आशंका है।
बिहार में छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट, पटना समेत अधिकांश जिलों में बारिश
बिहार में गुरुवार को मौसम विभाग ने कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, भोजपुर तथा बक्सर के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और दूसरे अनेक जिलों के लिए येलो अलर्ट है। राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में गुरुवार को बारिश की संभावना है। शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका बनी रहेगी।
झारखंड में रांची से जमशेदपुर तक बारिश, कई जिलों में स्कूल बंद
झारखंड में अर्नब का प्रभाव मंगलवार रात से ही दिखाई देने लगा था। रांची, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम सहित कई क्षेत्रों में रुक-रुककर वर्षा हुई है। पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सिमडेगा में बुधवार तथा गुरुवार को स्कूल बंद रखने की घोषणा की गई थी। मौसम विभाग ने रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला-खरसावां और सिंहभूम के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। गढ़वा, पलामू, लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट की सूचना है। गुरुवार को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में ओलावृष्टि का खतरा
गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में कुछ स्थानों पर आंधी और ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, चंडीगढ़, अमृतसर और लुधियाना जैसे शहरों में मौसम में अचानक बदलाव संभव है। हालांकि इन शहरों में एक समान बारिश या ओलावृष्टि निश्चित नहीं है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में भी कुछ स्थानों पर ओले पड़ने का अनुमान है। यहां मौसम बिगड़ने का महत्वपूर्ण कारण पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ी वायुमंडलीय प्रणाली है। इसे सीधे अर्नब के तटीय चक्रवाती प्रभाव के समान नहीं माना जाना चाहिए।
अगले 48 घंटे की सबसे बड़ी चुनौती भारी बारिश
गुरुवार, 29 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा का अनुमान है। शुक्रवार, 30 अक्टूबर को बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में वर्षा का प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण रह सकता है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश की चेतावनी है। अर्नब का कमजोर पड़ना राहत की बात है। लेकिन व्यापक नमी के कारण आगे बढ़ने वाली बारिश की प्रणाली अभी कई राज्यों को प्रभावित कर सकती है।
29 अक्टूबर 2026, सुबह लगभग 8:30 बजे तक की स्थिति में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अर्नब अब गहरे अवदाब में बदल चुका है। आंध्र प्रदेश में तबाही के बाद इसका प्रभाव ओडिशा और छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ा है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में बारिश की गंभीर चेतावनी बनी हुई है। जनहानि के आंकड़ों में अंतर है, इसलिए अंतिम सरकारी संख्या आने तक कम से कम तीन पुष्ट मौतें और आठ मौतों की मीडिया रिपोर्ट के बीच अंतर बनाए रखना आवश्यक है।


