Defence Import Ban: रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत को बड़ा बूस्ट, 405 उपकरणों के आयात पर लगी रोक

Defence Import Ban: केंद्र सरकार ने 405 रक्षा उपकरणों और कलपुर्जों की छठी Positive Indigenisation List जारी की है। ₹3,070 करोड़ के आयात पर रोक से घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

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Published on: 19 Aug 2026 11:32 PM IST
Defence Import Ban
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Defence Import Ban (Image Credit-Social Media)

नई दिल्ली: रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता खत्म करने और घरेलू विनिर्माण को मजबूती देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 405 रक्षा उपकरणों, उप-प्रणालियों और महत्वपूर्ण कलपुर्जों की छठी 'सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची' (पॉजिटिव इंडिजनाइजेशन लिस्ट) जारी कर दी है। अब इन सभी रक्षा साजो-सामान के विदेशों से आयात पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा और इनका निर्माण भारतीय सार्वजनिक व निजी रक्षा उपक्रमों द्वारा स्वदेशी तकनीक से किया जाएगा। प्रतिबंधित किए गए इन उपकरणों का अनुमानित आयात मूल्य करीब 3,070 करोड़ रुपये है।

इस नई सूची में थलसेना, वायुसेना और नौसेना के कई प्रमुख युद्धक प्लेटफॉर्म्स के स्पेयर पार्ट्स और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम शामिल हैं:

विमानन क्षेत्र: एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH), लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LUH), सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान और लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA तेजस) इंजन से जुड़े अहम कलपुर्जे।

बख्तरबंद वाहन व तोपखाना: T-72 और T-90 मुख्य युद्धक टैंकों के साथ-साथ BMP-II इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स के महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स।

मिसाइल व गोला-बारूद: कोंकुर-एम (Konkurs-M), इनवार एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, एमआर-सैम (MR-SAM) एयर डिफेंस सिस्टम के पार्ट्स और हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक (HEAT) गोला-बारूद।

डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स: अत्याधुनिक रडार, सोनार सिस्टम, एडवांस्ड फायर कंट्रोल सिस्टम और सैन्य संचार प्रणाली के उपकरण।

केंद्र सरकार ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण की यह विशेष मुहिम अगस्त 2020 में शुरू की थी। इससे पहले जारी की गईं पांच सूचियों के माध्यम से कुल 5,012 रक्षा मदों को आयात प्रतिबंध के दायरे में लाकर उनका घरेलू उत्पादन शुरू कराया जा चुका है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य रक्षा आयात बिल में भारी कटौती करना, देश में रक्षा अनुसंधान व नवाचार (R&D) को बढ़ावा देना और भारत को एक प्रमुख रक्षा निर्यातक देश के रूप में स्थापित करना है।

फैसले से डिफेंस शेयरों में जोरदार उछाल, पारस डिफेंस में लगा 10% का अपर सर्किट

रक्षा मंत्रालय की इस घोषणा का घरेलू शेयर बाजार में रक्षा क्षेत्र की कंपनियों (डिफेंस स्टॉक्स) पर तुरंत सकारात्मक असर देखने को मिला। मंगलवार के कारोबारी सत्र में रक्षा कंपनियों के शेयरों में 10 प्रतिशत तक की जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई:

पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज: कंपनी का शेयर 10 फीसदी की छलांग लगाकर 1,527.30 रुपये के अपने नए 52-सप्ताह के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर पर (अपर सर्किट) पहुंच गया।

जेन टेक्नोलॉजीज: शेयर में 7 प्रतिशत से अधिक की जोरदार तेजी आई।

अन्य प्रमुख कंपनियां: डायनेमैटिक टेक्नोलॉजीज, डेटा पैटर्न्स, एक्स (Aequs) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) के शेयरों में 3 से 5 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आयात पर इस पाबंदी से घरेलू एमएसएमई (MSME) और रक्षा उपकरण निर्माताओं को बड़े स्तर पर ऑर्डर मिलेंगे, जिससे देश के रक्षा औद्योगिक गलियारों (डिफेंस कॉरिडोर्स) में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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