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दिल्ली धमाके के एक-एक कर खुले सारे तार... जैश का डॉक्टर नेटवर्क बेनकाब; कश्मीर से मिला पहला सुराग
Delhi blast connection: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद के बहु-राज्य आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस नेटवर्क की कड़ियां हाल ही में दिल्ली के लालकिला धमाके से भी जुड़ रही हैं।
Delhi blast connection: दिल्ली में हुए धमाके की गूंज अब जम्मू-कश्मीर तक पहुंच चुकी है। सुरक्षाबलों की सूझबूझ से एक ऐसी साजिश का पर्दाफाश हुआ है जिसने पूरे देश को हिला दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के उस बहु-राज्य आतंकी नेटवर्क को तोड़ दिया है, जो डॉक्टरों और धार्मिक मौलवियों की आड़ में भारत के कई शहरों को निशाना बनाने की तैयारी में था। पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है और 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक, बम बनाने की सामग्री और दो एके-सीरीज राइफलें बरामद की हैं।
धमकी भरे पोस्टर से खुली साजिश की परत
कहानी की शुरुआत हुई एक मामूली सी घटना से। श्रीनगर के नौगाम इलाके में लगे धमकी भरे पोस्टरों से। अक्टूबर के मध्य में इन पोस्टरों पर सुरक्षा बलों को चेतावनी दी गई थी, जिससे पुलिस का ध्यान इस तरफ गया। एसएसपी जी. वी. सुनीप चक्रवर्ती, जिन्होंने इससे पहले कई बड़े ऑपरेशन किए थे, ने जांच शुरू करवाई।
सीसीटीवी फुटेज ने तीन ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) की पहचान की, जो पहले पत्थरबाजी के मामलों में भी शामिल रह चुके थे। पूछताछ के दौरान इनकी कड़ियां शोपियां के मौलवी इरफान अहमद से जुड़ीं, और यहीं से खुलने लगी जैश की “डॉक्टर नेटवर्क” साजिश।
डॉक्टर बने आतंक के चेहरे
मौलवी इरफान ने कबूल किया कि जैश-ए-मोहम्मद कश्मीरी डॉक्टरों को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथी बना रहा था। पुलिस ने जिन डॉक्टरों को पकड़ा, उनके नाम सामने आते ही सन्नाटा छा गया-
डॉ. मुजम्मिल गणाई (पुलवामा निवासी, फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में कार्यरत),
डॉ. अदील अहमद राथर (काजीगुंड निवासी, यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार),
डॉ. शाहीन सईद (लखनऊ निवासी, मुजम्मिल की कथित प्रेमिका)।
एक और डॉक्टर डॉ. उमर, जो पुलवामा का रहने वाला है, फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि ये सभी डॉक्टर अपने मेडिकल प्रोफेशन का इस्तेमाल संदेह से बचने और विस्फोटक एकत्र करने के लिए कर रहे थे।
पाकिस्तान कनेक्शन और टेलीग्राम चैट्स
इरफान के घर से मिले मोबाइल में टेलीग्राम पर पाकिस्तान के आतंकी उमर बिन खत्ताब से संपर्क के सबूत मिले। वहीं, उसका साथी जमीर अहमद आहंगर उर्फ मुतलशा, “फर्जदान-ए-दारुल उलूम देवबंद” नामक पैन-इंडिया चैट ग्रुप का सदस्य था। पूछताछ में इरफान ने स्वीकार किया कि उसने एक डॉक्टर के घर में AK-47 देखी थी, और मुतलशा ने बताया कि वह डॉक्टर मुजम्मिल ही था।
हरियाणा से बरामद हुआ विस्फोटक
जांच की अगली कड़ी हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंची। अल-फलाह यूनिवर्सिटी के पास बने ठिकानों से पुलिस ने 2900 किलो विस्फोटक और बम बनाने की सामग्री बरामद की। इसके अलावा मेवात के मौलवी हाफिज मोहम्मद इश्तियाक को भी गिरफ्तार किया गया, जो इन आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दे रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि यह विस्फोटक पिछले दो सालों से जुटाया जा रहा था, और इसका इस्तेमाल दिल्ली समेत उत्तर भारत के शहरों में बड़े आतंकी हमलों के लिए किया जाना था।
दिल्ली धमाके से जुड़ रही कड़ियां
चौंकाने वाली बात यह है कि इन गिरफ्तारियों के कुछ ही दिन बाद दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुआ भयावह धमाका, जिसमें 9 लोगों की मौत और 20 घायल हुए। पुलिस अब जांच कर रही है कि क्या जम्मू-कश्मीर से पकड़े गए नेटवर्क और दिल्ली ब्लास्ट के बीच कोई सीधा संबंध है। राजधानी में बढ़ा हाई अलर्ट, और सुरक्षा एजेंसियां अब हर उस सुराग को जोड़ने में जुटी हैं जो दिल्ली के धमाके और ‘डॉक्टर नेटवर्क’ की साजिश के बीच की कड़ी साबित कर सके।


