Delhi Bus Gang Rape: 47 KM तक ‘बेकाबू’ रही बस! CCTV से खुली छात्रा से गैंगरेप की पूरी कहानी

Delhi Bus Gang Rape: नाबालिग छात्रा को नोएडा पहुंचाने के बहाने स्लीपर बस में बैठाया गया। आरोप है कि बस 47 KM तक दिल्ली की ओर चली और कश्मीरी गेट पर छात्रा को उतारा गया।

Alakha Singh
Published on: 1 Sept 2026 8:21 AM IST
Delhi Bus Gang Rape: 47 KM तक ‘बेकाबू’ रही बस! CCTV से खुली छात्रा से गैंगरेप की पूरी कहानी
X

Delhi Gang Rape News: दिल्ली-एनसीआर में एक नाबालिग छात्रा के साथ चलती स्लीपर बस में कथित बस ड्राइवर और कंडक्टर द्वारा गैंगरेप की घटना ने दिल्ली और नोएडा के लोगों को झकझोर दिया है। इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस के मुताबिक, 4 अगस्त की रात छात्रा को नोएडा सेक्टर-63 पहुंचाने का भरोसा देकर बस में बैठाया गया, लेकिन बस अपने तय रास्ते से हटकर दिल्ली की तरफ चली गई। इस दौरान 47 किमी तक चलती बस में छात्रा के साथ बारी-बारी से हैवानियत की गई। करीब 47 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद छात्रा को कश्मीरी गेट के पास उतारा गया।

शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने CCTV फुटेज की मदद से बस की पहचान की और ड्राइवर व कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब बस के पूरे रूट, CCTV फुटेज और घटनाक्रम से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है।

बारिश के बीच परी चौक पहुंची थी छात्रा

पुलिस के अनुसार, छात्रा नोएडा सेक्टर-63 स्थित अपने रिश्तेदार के पास जाने के लिए निकली थी। भारी बारिश के बीच वह रास्ता भटककर रात करीब 9 बजे ग्रेटर नोएडा के परी चौक पहुंच गई।

वहां कथित तौर पर बस के कंडक्टर ने उसे बताया कि बस नोएडा सेक्टर-63 जाएगी और उसे वहां उतार दिया जाएगा। इसी भरोसे पर छात्रा बस में सवार हो गई। बस सेक्टर-63 जाने के बजाय दिल्ली की ओर बढ़ गई और सफर के दौरान छात्रा के दरिंदगी की गई।



शाम 5 बजे वर्कशॉप से निकली थी बस

जांच में सामने आया है कि घटना वाली बस उस रात नियमित यात्री सेवा में नहीं थी। ट्रैवल कंपनी के मुताबिक, बस तकनीकी खराबी के कारण ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर स्थित वर्कशॉप में मरम्मत के लिए गई थी।

पुलिस के अनुसार, ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने करीब शाम 5 बजे बस को वर्कशॉप से लिया था। इसके बाद रात करीब 9 बजे बस सूरजपुर से आगे बढ़ी और परी चौक की ओर पहुंची।

47 किलोमीटर तक चलती रही बस

पुलिस के मुताबिक, छात्रा के बस में बैठने के बाद वाहन नोएडा सेक्टर-63 की दिशा में जाने के बजाय दिल्ली की तरफ बढ़ गया। आरोप है कि सफर के दौरान ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने छात्रा के साथ बलात्कार किया। छात्रा ने विरोध किया तो उसे जान से मरने की धमकी दी गई और डराया गया।

करीब 47 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बस कश्मीरी गेट इलाके में पहुंची, जहां छात्रा को उतार दिया गया। अब जांच एजेंसियां पूरे रूट के CCTV फुटेज को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बस रास्ते में कहां-कहां गई और क्या कहीं रुकी थी।

कश्मीरी गेट पहुंचकर पुलिस चौकी पहुंची छात्रा

बस से उतरने के बाद छात्रा ने ऑटो-रिक्शा लिया और कश्मीरी गेट पुलिस स्टेशन पहुंची। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया और समिति के निर्देश पर उसके परिजनों को सौंप दिया गया।

CCTV फुटेज से कुछ घंटों में मिली बस

शिकायत के बाद पुलिस ने बस की तलाश शुरू की। जांचकर्ताओं ने अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज खंगाले और बस की आवाजाही को ट्रैक किया।

पुलिस के अनुसार, CCTV फुटेज के जरिए बस की पहचान की गई और उसे उत्तरी दिल्ली के तिमारपुर इलाके की एक पार्किंग से बरामद किया गया।

इसके बाद ड्राइवर कुलदीप (39) और कंडक्टर संदीप (26) को गिरफ्तार किया गया। दोनों कानपुर के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने बस को भी कब्जे में ले लिया है।

बस का अपना CCTV क्यों नहीं कर रहा था काम?

मामले में सबसे बड़ा सवाल बस के अंदर लगे CCTV सिस्टम को लेकर उठ रहा है।

ट्रैवल कंपनी के मैनेजर के मुताबिक, घटना के समय बस मरम्मत और नवीनीकरण की प्रक्रिया में थी और उसका CCTV सिस्टम काम नहीं कर रहा था।

बस में स्लीपर बर्थ पर पर्दे भी लगे हुए थे। ऐसे में पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बस के अंदर होने वाली गतिविधियों की निगरानी कितनी प्रभावी थी।

47 KM के रास्ते में किसी ने बस को क्यों नहीं रोका?

जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बस के पूरे रूट से जुड़ा है। पुलिस अलग-अलग स्थानों के CCTV फुटेज जुटाकर बस की यात्रा की टाइमलाइन तैयार कर रही है।

जांचकर्ताओं का फोकस यह पता लगाने पर है कि बस रास्ते में कहां-कहां गई, क्या किसी स्थान पर रुकी और क्या नोएडा-दिल्ली सीमा समेत संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद बस बिना किसी जांच के आगे निकलती रही।

रूट के कुछ हिस्सों में रिंग रोड और हाईवे होने के कारण लगातार वाहनों की निगरानी चुनौतीपूर्ण होने की बात भी सामने आई है।

फोरेंसिक जांच में मिले अहम सुराग

पुलिस ने बस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा। रिपोर्ट में बस के अंदर पीड़िता के बाल मिलने की बात सामने आई है।

हालांकि, जांच अभी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के पोटेंसी टेस्ट भी कराए हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड था या नहीं।

इसके साथ ही ट्रैवल कंपनी की भर्ती प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है। पुलिस यह देख रही है कि दोनों आरोपियों की नियुक्ति के समय उनके बैकग्राउंड का सत्यापन किस तरह किया गया था।

निर्भया कांड की याद क्यों आई?

चलती बस में नाबालिग के साथ कथित गैंगरेप की घटना ने 2012 के निर्भया कांड की याद ताजा कर दी है। उस मामले में भी चलती बस में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।

निर्भया मामले के बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए और यौन अपराधों से जुड़े कानूनों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।

हालांकि, मौजूदा मामले की परिस्थितियां अलग हैं और इसकी जांच अभी जारी है। पुलिस अब CCTV, फोरेंसिक साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।

Alakha Singh
ABOUT THE AUTHOR

Alakha Singh

alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

Next Story