13 साल से छोटे बच्चों के लिए Instagram, Snapchat बैन होगा? दिल्ली HC ने दिया बड़ा निर्देश

13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर बैन की मांग पर दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि यह नीति-निर्माण का विषय है। जानें कोर्ट ने क्या निर्देश दिया।

Alakha Singh
Published on: 20 Aug 2026 7:32 PM IST
13 साल से छोटे बच्चों के लिए Instagram, Snapchat बैन होगा? दिल्ली HC ने दिया बड़ा निर्देश
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Delhi High Court on Social Media Ban: 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग वाली जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ किया कि बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाना या इस संबंध में नए नियम बनाना नीति-निर्माण का विषय है, न्यायपालिका का नहीं। कोर्ट ने इस मामले में सीधे कोई आदेश जारी करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को अपनी मांग केंद्र सरकार के समक्ष रखने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा की पीठ ने कहा कि सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा यह व्यापक मुद्दा है और इस पर फैसला लेने से पहले संबंधित सभी पक्षों की राय और मौजूदा कानूनों की समीक्षा जरूरी होगी।

आपको बता दें एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के युवा सबसे ज्यादा Instagram, Snapchat, WhatsApp, Moj / ShareChat और YouTube का इस्तेमाल करते हैं। सोशल मीडिया के लिए मोबाईल में अत्यधिक समय व्यतीत करने के कारण कई माता-पिता चिंता भी जताते हैं।

13 साल से उम्र के लिए रोक की मांग

याचिका में मांग की गई थी कि 13 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके साथ ही 13 से 16 साल की उम्र के किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर उपलब्ध कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं।

याचिकाकर्ता की ओर से बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के संभावित प्रभाव का मुद्दा उठाया गया। सुनवाई के दौरान ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) के बढ़ते खतरे को लेकर भी चिंता जताई गई।

हाई कोर्ट ने क्यों नहीं दिया बैन का आदेश?

अदालत ने माना कि सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर उम्र-आधारित प्रतिबंध लगाना एक व्यापक नीतिगत फैसला होगा। ऐसे फैसले का प्रभाव बच्चों, अभिभावकों, स्कूलों, सोशल मीडिया कंपनियों और डिजिटल सुरक्षा से जुड़े दूसरे हितधारकों पर पड़ेगा।

इसी वजह से कोर्ट ने कहा कि इस तरह के विषय पर सरकार को नीतिगत स्तर पर विचार करना चाहिए। अदालत ने केंद्र को किसी निश्चित समय सीमा में फैसला लेने का निर्देश देने से भी इनकार कर दिया।

केंद्र ने DPDP कानून का दिया हवाला

केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और डिजिटल प्राइवेसी से जुड़े प्रावधानों के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) कानून पहले से मौजूद है।

सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े किसी नए कानून या नियम का देशभर में व्यापक प्रभाव पड़ेगा। इसलिए इस मुद्दे पर जल्दबाजी के बजाय विस्तृत विचार-विमर्श जरूरी है।

'सोशल मीडिया पर पूरी तरह बैन अंतिम कदम'

सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सोशल मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना एक अंतिम उपाय हो सकता है। अदालत के समक्ष यह भी बताया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और अन्य मध्यस्थ कंपनियां आपत्तिजनक सामग्री को हटाने के लिए मौजूदा नियमों के तहत कदम उठा रही हैं।

हालांकि, बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत को लेकर याचिका में उठाए गए मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखने का रास्ता खुला है।

अब क्या होगा?

दिल्ली हाई कोर्ट के इस रुख का मतलब यह नहीं है कि 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर तत्काल बैन लग गया है। फिलहाल अदालत ने ऐसी कोई पाबंदी लागू नहीं की है।

याचिकाकर्ता को अपनी मांगों और सुझावों के साथ केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के समक्ष ज्ञापन देने को कहा गया है। इसके बाद सरकार मौजूदा कानूनों और नियमों की समीक्षा करते हुए इस मुद्दे पर आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकती है।

क्या है इस मामले का सबसे अहम बिंदु?

  1. 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन की मांग की गई थी।
  2. 13 से 16 साल के किशोरों के लिए कड़े कंटेंट नियमों की मांग भी हुई।
  3. हाई कोर्ट ने बैन का कोई आदेश नहीं दिया।
  4. अदालत ने इसे मुख्य रूप से केंद्र सरकार के नीति-निर्माण का विषय माना।
  5. याचिकाकर्ता को केंद्र के सामने ज्ञापन देने को कहा गया।
  6. ऑनलाइन बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को लेकर भी चिंता जताई गई।
  7. केंद्र ने बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए DPDP कानून का हवाला दिया।
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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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