Delhi Fire: मौत भी जुदा नहीं कर सकी..., बाथरूम में गले लगाए मिली दंपति की लाश, दिल्ली अग्निकांड की ये मंजर देख आंखे हुई नम

Delhi Malviya Nagar Agnikand: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

Shishumanjali kharwar
Published on: 4 Jun 2026 12:57 PM IST (Updated on: 4 Jun 2026 12:57 PM IST)
Delhi Malviya Nagar Agnikand
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Delhi Malviya Nagar Agnikand: दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार को हुए अग्निकांड ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। इस दर्दनाक हादसे से जुड़ी कई मार्मिक कहानियां सामने आ रही हैं, लेकिन एक दंपति की आखिरी तस्वीर ने हर किसी को भावुक कर दिया। रेस्क्यू अभियान के दौरान दमकलकर्मियों को पहली मंजिल के बंद वॉशरूम से दंपति के शव मिले, जो अंतिम क्षणों में भी एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।

दंपति ने की जान बचाने की आखिरी कोशिश

प्रत्यक्षदर्शियों और बचावकर्मियों के अनुसार जब इमारत में आग तेजी से फैलने लगी और जहरीले धुएं ने पूरी मंजिल को अपनी चपेट में ले लिया, तब दंपति ने जान बचाने की आखिरी कोशिश की। दोनों वॉशरूम में जाकर बंद हो गए और उम्मीद की कि बंद दरवाजा तथा पानी की मौजूदगी उन्हें कुछ समय तक सुरक्षित रख सकेगी। संभवतः उन्हें विश्वास था कि राहत टीमें समय रहते उन्हें बाहर निकाल लेंगी।

हालांकि आग से ज्यादा खतरनाक साबित हुआ जहरीला धुआं, जिसने कुछ ही देर में वॉशरूम को भी गिरफ्त में ले लिया। जब बचाव दल ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो वहां का दृश्य बेहद दर्दनाक था। महिला टॉयलेट सीट और पुरुष पास रखी कुर्सी पर बैठे मिले। दोनों के शरीर बुरी तरह झुलस चुके थे, लेकिन आखिरी समय तक वे एक-दूसरे को गले लगाए हुए थे।

विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार हुआ तबाह

हृदयविदारक हादसे ने गुरुग्राम निवासी विवेक अग्रवाल के पूरे परिवार को तबाह कर दिया। जानकारी के अनुसार विवेक अपने पिता राधेश्याम अग्रवाल के इलाज के सिलसिले में दिल्ली आए थे। उनके पिता साकेत के एक अस्पताल में भर्ती थे। परिवार अस्पताल के पास स्थित एक गेस्ट हाउस में ठहरा हुआ था, जहां यह हादसा हुआ। बताया जा रहा है कि आग लगने के दौरान विवेक ने एक रिश्तेदार को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की थी। उन्होंने घबराई आवाज में केवल इतना कहा, “यहां आग लग गई है…” और कुछ ही क्षण बाद कॉल कट गई। इसके बाद उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका। बाद में विवेक सहित उनके परिवार के आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई।

अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में आग से ज्यादा घातक धुआं साबित हुआ। संकरे गलियारों और अपर्याप्त वेंटिलेशन के कारण पूरी इमारत कुछ ही मिनटों में धुएं से भर गई। कई लोग अपने कमरों से बाहर निकलने से पहले ही बेहोश हो गए। बेसमेंट में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए दमकलकर्मियों को लोहे के शटर और ग्रिल काटकर रास्ता बनाना पड़ा। इस अग्निकांड में कुल 21 लोगों की जान चली गई। हादसे ने एक बार फिर इमारतों में अग्नि सुरक्षा मानकों और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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