दिल्ली मेट्रो में पोस्टर कांड का मास्टरमाइंड कौन? QR कोड से ग्रुप में जुड़ने की अपील! FIR दर्ज

Delhi Metro Posters: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सरकार विरोधी पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। QR कोड वाले पोस्टरों को लेकर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 24 Oct 2026 11:41 AM IST
Delhi Metro Anti-Government Posters
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Image Source- Social Media

Delhi Metro Posters: दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन (Airport Express Line) पर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले पोस्टर मिलने का मामला सामने आया है। मेट्रो ट्रेन के अंदर दो पोस्टर चिपकाए गए थे। इन पोस्टरों में पिछले कुछ सालों में देश में हुए बदलावों को लेकर कई दावे किए गए थे और सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए गए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और मेट्रो रेलवे एक्ट, 2002 (Metro Railway Act, 2002) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों पोस्टरों को पुलिस ने जब्त कर लिया है और अब इन्हें लगाने वाले लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

पोस्टर पर मिला QR कोड

पुलिस के मुताबिक, दोनों पोस्टरों पर सरकार के कामकाज को लेकर सवाल उठाए गए थे। पोस्टरों पर एक क्यूआर कोड (QR Code) भी मौजूद था। इसके जरिए लोगों को एक ऑनलाइन ग्रुप (Online Group) से जुड़ने का निमंत्रण दिया गया था।

मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (Special Cell) भी कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश में जुटी है कि ये पोस्टर किसने लगाए और इनके पीछे कौन लोग हैं।

20 अक्टूबर की है घटना

एफआईआर के मुताबिक, यह मामला 20 अक्टूबर का है। घटना उस समय सामने आई जब दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी डीएमआरसी (DMRC) के ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर अपनी ड्यूटी कर रहे थे।

तरुण चौधरी शाम करीब 6 बजकर 50 मिनट पर नई दिल्ली स्टेशन से यशोभूमि स्टेशन के लिए ट्रेन लेकर रवाना हुए थे। ट्रेन करीब 7 बजकर 15 मिनट पर यशोभूमि स्टेशन पहुंची।

सीट पर चिपके मिले दो पोस्टर

यशोभूमि स्टेशन पहुंचने के बाद ट्रेन का निरीक्षण करते समय तरुण चौधरी की नजर एक सीट पर चिपके दो पोस्टरों पर पड़ी। एफआईआर में बताया गया है कि दोनों पोस्टर ट्रेन के अंदर एक सीट पर लगाए गए थे।

तरुण चौधरी ने दोनों पोस्टरों को वहां से हटाया और इसकी जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर (Operations Control Centre) को दी।

इसके बाद उन्हें ये पोस्टर द्वारका सेक्टर 21 स्टेशन के कंट्रोलर को सौंपने के लिए कहा गया। बाद में पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।

पोस्टर लगाने वाले की तलाश

पोस्टर मिलने के बाद पुलिस ने दोनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज मामले में पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मेट्रो ट्रेन के अंदर पोस्टर कब और किसने लगाए थे। मामले की जांच में स्पेशल सेल के शामिल होने के बाद अब पोस्टरों में दिए गए दावों और क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन ग्रुप से जुड़ने की अपील को भी जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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