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दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन! महिलाओं को परेशान करने वाला ‘रोड सेफ्टी वाला’ गिरफ्तार
Gurman Singh Arrest: दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने ‘रोड सेफ्टी वाला’ नाम से सोशल मीडिया हैंडल चलाने वाले 32 वर्षीय गुरमान सिंह को गिरफ्तार किया है।
Gurman Singh Arrest: दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने एक ऐसे सोशल मीडिया हैंडलर को गिरफ्तार किया है, जिस पर महिलाओं और नाबालिग लड़कियों को परेशान करने के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी की पहचान 32 वर्षीय गुरमान सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, वह सड़क पर महिलाओं और लड़कियों का पीछा करता था, उनकी गाड़ियों के पास जाकर उन्हें परेशान करता था और बिना उनकी अनुमति के वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर देता था। वह 'रोड सेफ्टी वाला' नाम से फेसबुक और यूट्यूब सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था।
मामले की शुरुआत 2 जून 2026 को हुई, जब दिल्ली के राजा गार्डन इलाके में रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, उनकी नाबालिग बेटियां स्कूटी से जा रही थीं, तभी दो बाइक सवार युवकों ने पीछे से उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों युवकों ने उनका पीछा किया और रास्ते में अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। बाद में परिवार को पता चला कि इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया है।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की जांच
शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो (POCSO) कानून की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने डिजिटल सबूत जुटाए और आरोपी गुरमान सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय पुलिस ने आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। मोबाइल की जांच में पुलिस को उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलीं। अधिकारियों के अनुसार, फोन में 'रोड सेफ्टी वाला' नाम के फेसबुक पेज और यूट्यूब चैनल का एक्सेस मिला है। इसके अलावा कई वीडियो, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच का हिस्सा बनाया गया है।
सोशल मीडिया अकाउंट हटाने की तैयारी
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मिले सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही जिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ये वीडियो अपलोड किए गए थे, उन्हें हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या आरोपी ने इस तरह की घटनाओं को पहले भी अंजाम दिया था और कहीं अन्य लोग भी इसका शिकार तो नहीं हुए। फिलहाल पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।


