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दीपके और नेहा बोरा की टेंशन बढ़ी! हिरासत के बाद अब इस वजह से हो सकती है FIR, जानें पूरा मामला
दिल्ली में CJP के 'लहरा दो तिरंगा' प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब 150 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें अभिजीत दिपके और नेहा बोरा भी शामिल हैं।
CJP Protest: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' अभियान को लेकर शुक्रवार को जमकर हलचल देखने को मिली। प्रदर्शन से पहले और उसके दौरान दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा और CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हैं।
अब दोनों नेताओं के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन को लेकर FIR दर्ज करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, फिलहाल गिरफ्तारी की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन एहतियातन हिरासत में लेने जैसी कार्रवाई हो सकती है।
नेहा बोरा पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं AISA अध्यक्ष नेहा बोरा के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि नेहा बोरा 2 अक्टूबर के बाद से नई दिल्ली में प्रदर्शनों के दौरान आठ से ज्यादा बार हिरासत में ली जा चुकी हैं।
शुक्रवार को नेहा बोरा को मंडी हाउस के पास उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए कनॉट प्लेस की ओर जा रही थीं। पुलिस ने यह कार्रवाई ऐसे समय की, जब दिल्ली में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू थे।
अभिजीत दीपके को घर से निकलते ही हिरासत में लिया
CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके भी पुलिस की कार्रवाई के दायरे में आए। जानकारी के मुताबिक, वह झंडेवालान स्थित अपने आवास से निकलकर कनॉट प्लेस में होने वाले मार्च में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिपके को बाद में जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। पुलिस ने इससे पहले उन्हें नोटिस देकर ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा था, जिनसे आम लोगों, यात्रियों, दुकानदारों और मरीजों को परेशानी हो सकती थी।
कनॉट प्लेस में भारी सुरक्षा, सेंट्रल पार्क बंद
CJP का ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित था। हालांकि, पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और सेंट्रल पार्क बंद रखा। कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले और यातायात सुचारु बना रहे।
पुलिस का कहना है कि धारा 163 के तहत लागू प्रतिबंधों के बीच कुछ लोग कानून-व्यवस्था प्रभावित कर सकते थे। इसी आशंका को देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई की गई और करीब 150 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
नेहा बोरा के वकील ने पुलिस कमिश्नर को लिखी चिट्ठी
नेहा बोरा की हिरासत को लेकर मामला और गंभीर हो गया, जब उनके वकील ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखा। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस नेहा बोरा के ठिकाने की जानकारी नहीं दे रही है और उन्हें अपने कानूनी वकील से बात करने की अनुमति भी नहीं दी जा रही है।
दूसरी ओर, CJP ने भी अभिजीत दीपके को लेकर दावा किया कि उन्हें किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया है और पार्टी का उनसे संपर्क टूट गया है। AISA की ओर से भी आरोप लगाया गया कि नेहा बोरा को बिना पहचान वाली गाड़ी में ले जाया गया और उनके ठिकाने की जानकारी नहीं मिल रही।
धारा 163 के कथित उल्लंघन पर FIR की तैयारी
शुक्रवार को सामने आए अपडेट के मुताबिक, नेहा बोरा और अभिजीत दिपके के खिलाफ BNSS की धारा 163 के तहत लगाए गए प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन को लेकर FIR दर्ज की जा सकती है। फिलहाल दोनों नेताओं की गिरफ्तारी की संभावना कम बताई जा रही है, लेकिन पुलिस एहतियातन हिरासत जैसी कार्रवाई कर सकती है।
पुलिस का दावा- कनॉट प्लेस में हालात शांतिपूर्ण
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, कनॉट प्लेस में स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, किसी अप्रिय घटना को रोकना और आम लोगों की आवाजाही को सुचारु रखना है।


