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न्यूजट्रैक सर्वे में बड़ा खुलासा! 50% से ज्यादा ने कहा- धर्मेंद्र प्रधान दें इस्तीफा
Dharmendra Pradhan Resign: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों के आंदोलन पर न्यूज़ट्रैक के ऑनलाइन पोल में प्रतिभागियों की राय सामने आई है।
Delhi Student Protest Neet Paper Leak Dharmendra Pradhan Resign Survey
Dharmendra Pradhan Resign: नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और छात्रों के आंदोलन पर न्यूज़ट्रैक के ऑनलाइन पोल में प्रतिभागियों की राय सामने आई है। इस पोल में भाग लेने वाले 50 प्रतिशत से ज्यादा लोगों का कहना है कि छात्रों का आंदोलन उचित है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
न्यूज़ट्रैक के इस ऑनलाइन पोल में देश-विदेश से 1,500 से अधिक लोगों ने अपनी राय दी। पोल के अनुसार, करीब 26 प्रतिशत प्रतिभागियों ने केंद्र सरकार के पक्ष का समर्थन किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को उचित नहीं माना। वहीं लगभग 23 प्रतिशत लोगों ने तटस्थ रुख अपनाया। इन प्रतिभागियों ने न तो आंदोलन का समर्थन किया और न ही उसका विरोध।
पोल में प्रतिभागियों की कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएं इस प्रकार रहीं:
पद्मिनी पांडे: सिर्फ इस्तीफा नहीं, सजा भी हो।
सुलेमान खान: बिल्कुल सही, इस्तीफा देना चाहिए।
अनुभव: मांग जायज है। शिक्षा मंत्री को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
रोहित कादियान: बिल्कुल ठीक। उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।
जी. के. शुक्ला: मांग जायज है। जो मंत्री अपना काम नहीं संभाल सकते, उन्हें बिना किसी दबाव के स्वयं इस्तीफा दे देना चाहिए।
विकी कुमार: बिल्कुल सही। हर उस मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए जो अपने पद की जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा पा रहा है।
बिनोद पांडे: मांग सही प्रतीत होती है।
रघुवीर खंडूरी शास्त्री: प्रधानमंत्री सामने आकर सफाई क्यों नहीं देते?
कमरुद्दीन खान: सिस्टम में चोर हैं।
संजीव शंकर शुक्ला: उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
नंद किशोर: इस्तीफे से ज्यादा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत है।
बहादुर नेगी: धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद, जुग-जुग जियो।
देवेंद्र सिंह: इस्तीफा नहीं होना चाहिए। यह सब प्रायोजित है।
सुभाष चंद्रा: विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है।
पुष्पा तिवारी: धर्मेंद्र प्रधान अच्छा काम कर रहे हैं। उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए। जय श्रीराम... जय मोदी...
नवीन कुमार भगत: धर्मेंद्र प्रधान न इस्तीफा देंगे और न ही उन्हें देना चाहिए।
जगदीश चंद्र कटारिया: ये लोग छात्र बनकर आए थे, लेकिन इनका उद्देश्य कुछ और था।
जिजांशु कुशवंश: यह मोदी विरोध है। कांग्रेस के शासनकाल में ऐसे आंदोलन क्यों नहीं हुए?
न्यूज़ट्रैक पोल: 50 फीसदी लोगों की राय - धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए
पेपर लीक के मामले में छात्रों की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग व आंदोलन पर 'न्यूज़ट्रैक' के एक सर्वे में जनता की राय स्पष्ट रूप से सामने आई है। सर्वे में भाग लेने वाले 50 फीसदी से ज्यादा लोगों ने कहा है कि छात्रों का आंदोलन सही है और धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए।
हमारे ऑनलाइन सर्वे में देश-विदेश से 1500 से ज्यादा प्रतिभागियों ने अपनी राय रखी। हमारे सवालों के जवाब में करीब 26 फीसदी लोगों ने केंद्र सरकार के पक्ष को सही बताया और मंत्री के इस्तीफे की मांग को गलत करार दिया। वहीं करीब 23 फीसदी लोगों ने तटस्थ राय दिखाई। ये न तो पक्ष में दिखे न विरोध में।
कुछ चुनिंदा टिप्पणियां इस प्रकार रहीं :
पद्मिनी पांडे: सिर्फ इस्तीफा नहीं, सजा भी हो
सुलेमान खान: बिल्कुल सही, इस्तीफा दो।
अनुभव : मांग जायज है, शिक्षा मंत्री जी को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए।
रोहित कादियान: बिल्कुल ठीक। कुर्सी छोड़नी पड़ेगी।
जी के शुक्ला: मांग जायज है। जो मंत्री अपना काम नहीं संभाल सकते, उनको अपने से बिना मांगे इस्तीफा देकर दूर हो जाना चाहिए।
विकी कुमार: एकदम सही है। हर वो मंत्री से इस्तीफा होना चाहिए जो अपने पद को सही से संभाल नहीं पा रहे।
बिनोद पांडे: मांग सही प्रतीत हुई है।
रघुवीर खंडूरी शास्त्री: पीएम क्यों नहीं सामने आ कर सफाई देते?
कमरुद्दीन खान : सिस्टम में चोर हैं।
संजीव शंकर शुक्ला : बिल्कुल हटाया जाए।
नंद किशोर: इस्तीफा नहीं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की बात हो।
बहादुर नेगी: धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद, जुग जुग जीयो।
देवेंद्र सिंह : इस्तीफा नहीं होना चाहिए। यह सब प्रायोजित है।
सुभाष चंद्रा: विपक्ष अराजकता फैलाना चाहता है।
पुष्पा तिवारी : धर्मेंद्र प्रधान अच्छा काम कर रहे हैं। इस्तीफा नहीं देना चाहिए। जय श्री राम... जय मोदी...
नवीन कुमार भगत : धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देंगे और देना भी नहीं चाहिए।
जगदीश चन्द्र कटारिया: देशद्रोही छात्र का रूप लेकर आए थे।
जिजांशु कुशवंश : यह मोदी विरोध है, कांग्रेस के समय आंदोलन क्यों नहीं हुए?


