अस्पताल में भी देवेंद्र नाथ महतो के हौसले बुलंद! छात्रों को लिखा खुला पत्र, सरकार को सीधी चेतावनी

Devendra Nath Mahto Open Letter: रांची सदर अस्पताल में इलाज के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अमरण अनशन के 10वें दिन छात्रों के नाम खुला पत्र जारी किया। उन्होंने लाठीचार्ज की निंदा करते हुए सरकार को साफ चेतावनी दी कि न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Aug 2026 10:34 PM IST
अस्पताल में भी देवेंद्र नाथ महतो के हौसले बुलंद! छात्रों को लिखा खुला पत्र, सरकार को सीधी चेतावनी
X

Devendra Nath Mahto Open Letter: झारखंड की राजधानी रांची में परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर छिड़ा आंदोलन अब अपने सबसे अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। सदर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में उपचाराधीन युवा आंदोलनकारी देवेंद्र नाथ महतो ने अपने अमरण अनशन के 10वें दिन एक बेहद भावनात्मक और कड़ा पत्र जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि भले ही लगातार उपवास की वजह से उनका शरीर बेहद कमजोर हो गया हो, लेकिन न्याय और छात्र हितों की इस लड़ाई को लेकर उनके हौसले अब भी चट्टान की तरह मजबूत हैं।

शांतिपूर्ण मार्च पर लाठीचार्ज के खिलाफ गुस्सा

अस्पताल के बेड से लिखे अपने खुले पत्र में छात्र नेता ने रांची में हुए विधानसभा घेराव कार्यक्रम में शामिल लाखों युवाओं का दिल से आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठा रहे बेकसूर युवाओं पर किए गए पुलिसिया लाठीचार्ज और बल प्रयोग की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने मांग की है कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे युवाओं पर हमला करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर संघर्ष

छात्र नेता ने अपने पत्र में रेखांकित किया है कि देश की युवा पीढ़ी किसी हिंसा या अराजकता के रास्ते पर नहीं चल रही है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल भारत के संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था द्वारा दिए गए अपने बुनियादी अधिकारों की हिफाजत के लिए आवाज उठा रहे हैं। लाठियों और दबाव के बल पर युवाओं की बुलंद आवाज को दबाया नहीं जा सकता। जब तक हर एक प्रतियोगी अभ्यर्थी को पूर्ण रूप से न्याय नहीं मिल जाता, तब तक यह अहिंसक आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

छात्रों के जनसैलाब की बड़ी जीत

इस अभूतपूर्व और अनुशासित छात्र आंदोलन की ताकत का ही असर है कि राज्य शासन को अंततः बैकफुट पर आना पड़ा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों के आरोपों के बीच एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। सरकार ने त्वरित संज्ञान लेते हुए 14वीं JPSC PT परीक्षा के साथ-साथ वर्ष 2023 और 2025 की बैकलॉग परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह निरस्त करने का कड़ा निर्देश जारी कर दिया है।

संदिग्ध भर्तियों की होगी निष्पक्ष जांच

परीक्षाओं को रद्द करने के अलावा, राज्य सरकार ने विभिन्न विवादित भर्ती प्रक्रियाओं में व्यापक सुधार और जांच का भरोसा दिया है। पूर्व में आयोजित 11वीं से 13वीं JPSC, FRO, ACF तथा APP समेत कई अन्य परीक्षाओं में सामने आईं धांधली की शिकायतों की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के आदेश दे दिए गए हैं। सरकार के इन फैसलों को आंदोलित युवाओं और अभ्यर्थियों के लंबे संघर्ष की एक बेहद बड़ी और शुरुआती सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story