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MP Dewas Blast: MP के देवास में भीषण धमाका! पटाखा फैक्ट्री में लगी भयंकर आग, अब तक 3 की मौत, 23 घायल
MP Dewas Blast: मध्य प्रदेश के देवास में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने मचाई तबाही! अब तक 3 मजदूरों की मौत और 23 से ज्यादा घायल। विस्फोट इतना जोरदार था कि मलबा हाईवे तक जा गिरा।
MP Dewas Blast: मध्य प्रदेश के देवास जिले में गुरुवार की सुबह एक ऐसी प्रलयंकारी घटना की गवाह बनी, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। टोंककला के समीप एबी रोड पर स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में सुबह करीब 11 बजे अचानक हुए भीषण विस्फोट ने न केवल आसमान में काले धुएं का गुबार खड़ा किया, बल्कि आसपास के कई किलोमीटर के दायरे को भूकंप की तरह कंपा दिया। यह हादसा इतना भयावह था कि फैक्ट्री में काम कर रहे तीन श्रमिकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 23 से अधिक मजदूर आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गए। अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे कई घायलों की स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
आसमान से गिरा मलबा और दहश़त का मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों ने इस घटना को किसी युद्ध क्षेत्र की तरह बताया है। जब फैक्ट्री के भीतर रखे बारूद के ढेर ने आग पकड़ी, तो धमाके इतने शक्तिशाली थे कि फैक्ट्री के ऊपर लगा लोहे का टीन शेड कागज की तरह हवा में उड़ गया और सीधे नेशनल हाईवे (एबी रोड) पर जा गिरा। विस्फोट की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों के शवों के लोथड़े और मांस के टुकड़े सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए। राहगीरों और वाहन चालकों के लिए यह दृश्य किसी डरावने सपने जैसा था, जिसके बाद सड़क पर भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई।
काले धुएं का घेरा और बेबस खड़े लोग
हादसे के बाद कई घंटों तक फैक्ट्री परिसर से आग की ऊंची लपटें और जहरीला काला धुआं उठता रहा। आसपास के ग्रामीण मदद के लिए दौड़कर मौके पर तो पहुंचे, लेकिन रुक-रुक कर हो रहे जोरदार धमाकों ने उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। फैक्ट्री के भीतर बड़ी मात्रा में तैयार पटाखे और कच्चा बारूद मौजूद था, जो आग में घी का काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में काम करने वाले अधिकांश श्रमिक बिहार के रहने वाले थे, जो अपने परिवारों के लिए रोजी-रोटी कमाने मध्य प्रदेश आए थे, लेकिन आज वे इस भीषण अग्निकांड का शिकार हो गए।
प्रशासनिक अमला सक्रिय और राहत कार्य में बाधा
घटना की सूचना मिलते ही देवास कलेक्टर, एडीएम और पुलिस के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तुरंत देवास और आसपास के क्षेत्रों से फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस की दर्जनों गाड़ियां बुलाईं। हालांकि, राहत कार्य के दौरान भी फैक्ट्री के मलबे से बीच-बीच में होते धमाकों ने बचाव दल की मुश्किलों को दोगुना कर दिया। दमकलकर्मियों को आग बुझाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री के भीतर प्रवेश करना पड़ा। पुलिस ने एहतियात के तौर पर हाईवे के एक हिस्से को बंद कर दिया और आसपास की आबादी को वहां से हटा लिया।
अस्पतालों में 'इमरजेंसी' और जांच के आदेश
गंभीर रूप से घायल मजदूरों को तुरंत देवास जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक बड़ी टीम तैनात की गई है। कई मजदूरों का शरीर 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुका है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए आईसीयू में रखा गया है। मौके पर अब बम निरोधक दस्ता (BDDS) और फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम भी पहुंच चुकी है, जो मलबे की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विस्फोट का असली कारण क्या था।


