शिक्षा मंत्री पद से क्यों दिया था इस्तीफा?', धर्मेंद्र प्रधान पहली बार खुलकर बोले

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी। उन्होंने NEET विवाद, Gen Z को गुमराह करने की कोशिश और नवीन पटनायक पर लगाए आरोपों को लेकर बड़ा बयान दिया।

Alakha Singh
Published on: 9 Aug 2026 7:24 AM IST
शिक्षा मंत्री पद से क्यों दिया था इस्तीफा?, धर्मेंद्र प्रधान पहली बार खुलकर बोले
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Ex-Education Minister Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के करीब दो हफ्ते बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र प्रधान ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। संबलपुर में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा कि NEET पेपर लीक विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश की गई थी। उन्होंने साफ कहा कि उनके लिए मंत्री पद कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा।

'Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई'

GM यूनिवर्सिटी में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि Gen Z देश का भविष्य है और कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, “Gen Z हमारे बच्चे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की। तब मेरा कोई निजी मसला नहीं था।” प्रधान ने कहा कि भारत में हर साल करोड़ों बच्चे जन्म लेते हैं और आने वाले समय में यही युवा भारत को 'विश्व गुरु' बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रधान ने यह भी कहा कि उनके लिए पद कभी महत्वपूर्ण नहीं रहा। उन्होंने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संपर्क कर इस्तीफा देने की पेशकश की थी। धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था।

NEET विवाद के बीच देना पड़ा इस्तीफा?

धर्मेंद्र प्रधान का यह बयान ऐसे समय आया है जब NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश सामने आया था। दिल्ली के जंतर-मंतर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन हुए थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई शामिल थी।

प्रधान के इस्तीफे के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक बयान है, जिसमें उन्होंने अपने फैसले और उस दौर के राजनीतिक घटनाक्रम पर खुलकर बात की।

ओडिशा में 'धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ' के नारे

इसी दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और BJD अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी निशाना साधा। रायराखोल में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने खिलाफ हुए विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र किया।

एयरपोर्ट के पास BJD के युवा और छात्र विंग के कार्यकर्ताओं ने धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान 'धर्मेंद्र प्रधान वापस जाओ' के नारे लगाए गए थे।

प्रधान ने कहा, “मैं एक किसान का बेटा हूं। भले ही आप मुझे वापस जाने के लिए कहें, मैं वापस आऊंगा।”

नवीन पटनायक पर लगाया युवाओं को भड़काने का आरोप

धर्मेंद्र प्रधान ने नवीन पटनायक पर अपने खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों में युवाओं को शामिल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक उन्हें ओडिशा के लोगों के लिए शर्म की बात और बुरा इंसान तक बताते हैं।

प्रधान ने सवाल किया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा कोई काम किया है, जिससे ओडिशा के लोगों को शर्मिंदगी उठानी पड़े। इसके बाद सभा में मौजूद लोगों ने जोरदार आवाज में 'नहीं' कहा।

प्रधान ने कहा कि हो सकता है कि वह राज्य के लिए सम्मान नहीं ला रहे हों, लेकिन उन्होंने अपने काम से कभी ओडिशा के लोगों को शर्मिंदा नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह कभी ऐसा काम नहीं करेंगे जिससे राज्य की प्रतिष्ठा धूमिल हो।

'भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से बना केंद्रीय मंत्री'

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि करीब 12 साल पहले भगवान जगन्नाथ और संबलपुर की आराध्य देवी मां समलेश्वरी के आशीर्वाद से वह केंद्रीय मंत्री बने थे।

खास बात यह रही कि प्रधान ने ये टिप्पणियां ऐसे मंच से कीं, जहां BJD विधायक और ओडिशा विधानसभा में उप-नेता प्रसन्न आचार्य भी मौजूद थे।

प्रधान ने बताया कि BJD के विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए उन्होंने प्रसन्न आचार्य से सलाह ली थी कि उन्हें कार्यक्रम में जाना चाहिए या नहीं। प्रधान के मुताबिक, प्रसन्न आचार्य ने उन्हें आने के लिए कहा और भरोसा दिलाया कि उनका स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह उनकी अनुमति लेकर कार्यक्रम में पहुंचे।

धर्मेंद्र प्रधान के ताजा बयान से साफ है कि शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद वह अब इस पूरे विवाद को लेकर अपनी स्थिति सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करने में जुटे हैं। वहीं, ओडिशा में नवीन पटनायक और BJD पर उनके हमले से राज्य की राजनीति में भी सियासी टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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