TRENDING TAGS :
ध्रुव राठी और दीपके समेत CJP नेता अब भी हिरासत में! 7000 लोग रात में रिहा, अब आगे क्या?
जंतर मंतर प्रोटेस्ट में गए 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारी रिहा किए गए। अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की हिरासत पर अपडेट, CJP का आज फिर जंतर-मंतर प्रदर्शन का ऐलान।
Dhruv Rathee, Abhijeet Dipke detention news: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन के बाद पुलिस की कार्रवाई पर नया अपडेट सामने आया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए 7,000 से अधिक लोगों को रिहा कर दिया गया है। हालांकि, पॉपुलर यूटूबर ध्रुव राठी, CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका अब भी पुलिस हिरासत में हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इन लोगों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
प्रदर्शन से पहले गुरुग्राम में यूट्यूबर ध्रुव राठी को भी हिरासत में लिया गया था। वहीं, CJP ने शीर्ष नेताओं की हिरासत के बावजूद आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन की कमान संभाल रहे अजिंक्य शिंदे ने रविवार, 11 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से एक बार फिर जंतर-मंतर चलो का आह्वान किया है।
ध्रुव राठी को दिल्ली में CJP के प्रदर्शन में शामिल होने से पहले गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। पुलिस टीम शनिवार सुबह उनके घर पहुंची थी। राठी ने दिल्ली में प्रदर्शन में शामिल होने की घोषणा की थी। इस कार्रवाई पर CJP ने नाराजगी जताते हुए उनकी तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग की थी। बाद में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की खबर आई, जबकि CJP के तीन प्रमुख नेताओं और राठी को हिरासत में ही रखे जाने की सूचना है। हालांकि कुछ जगह ध्रुव राठी के छोड़े जाने की भी खबरें हैं लेकिन ध्रुव राठी या अन्य किसी ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की।
Dhruv Rathee, CJP नेताओं पर सस्पेंस
अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पहुंचने पर विमान के भीतर से ही हिरासत में ले लिया गया था। CJP के मुताबिक, पुलिस की इस कार्रवाई के बाद तीनों नेताओं से संपर्क नहीं हो पा रहा था और संगठन ने उनके ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। CJP के संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने उनकी तत्काल रिहाई की मांग उठाई है।
अजिंक्य शिंदे संभालेंगे आंदोलन की कमान, आज फिर जंतर-मंतर कूच
CJP के शीर्ष नेताओं की हिरासत के बीच संगठन ने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अजिंक्य शिंदे को जिम्मेदारी सौंपी। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
इंडिया टुडे की 11 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, CJP ने रविवार को फिर से जंतर-मंतर चलो का आह्वान किया है। संगठन का आरोप है कि उसके नेताओं को हिरासत में लेकर आंदोलन को रोकने की कोशिश की गई। हालांकि, रविवार के प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति और कार्यक्रम की स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
ममता बनर्जी, केजरीवाल समेत विपक्षी नेताओं को भी हिरासत में लिया गया
दिल्ली में शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं को भी हिरासत में लिया गया था। इनमें पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार शामिल थे। बाद में हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया।
ममता बनर्जी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में हालात आपातकाल से भी आगे निकल गए हैं। उनके मुताबिक, वह और उनके समर्थक प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठा लिया और अलग-अलग थानों में ले जाती रही।
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा- सवाल पूछना बंद मत करो
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें अपने विश्वास के लिए खड़े रहना चाहिए और सवाल पूछना बंद नहीं करना चाहिए। उन्होंने दिल्ली में पुलिस कार्रवाई, छात्रों पर कथित बल प्रयोग और शहर में लगाए गए प्रतिबंधों को लेकर भी सवाल उठाए।
वहीं, जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्र और युवा नेताओं की हिरासत की आलोचना की। उन्होंने इसे देश में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति बताते हुए सरकार से कार्रवाई रोकने और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की।
रेखा गुप्ता ने CJP और विपक्ष पर साधा निशाना
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रदर्शन के कारण राजधानी में पैदा हुई अव्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिल्ली को बंधक नहीं बनने दिया जा सकता। उन्होंने राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर CJP के साथ मिलकर राजधानी को राजनीतिक संघर्ष का मैदान बनाने का आरोप लगाया। यह आरोप मुख्यमंत्री का राजनीतिक बयान है; विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शन पर प्रतिबंधों को लेकर अलग रुख अपनाया है।
दिल्ली मेट्रो की सेवाएं सामान्य
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार बंद किए गए थे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शनिवार देर रात बताया कि सभी मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार खोल दिए गए हैं। संबंधित स्टेशनों पर इंटरचेंज सुविधाएं भी बहाल कर दी गई हैं। इससे यात्रियों को हुई परेशानी के बाद सेवाएं सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ।
अब आगे क्या?
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई को लेकर है। पुलिस ने कहा है कि तीनों नेताओं के मामले में कानूनी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस चाहे तो आज रविवार को भी ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने इन लोगों को पेश कर जेल में डालने की मांग कर सकती है। जहां से उन्हे जमानत मिल सकती है। ऐसा नहीं हुआ तो रविवार पड़ने के चलते अभी 24 घंटे और इन लोगों को हिरासत में रखा जा सकता है। इसके बाद पुलिस को हिरासत में लिए गए लोगों को हर हाल में सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होगा। यहां मजिस्ट्रेट तय करेंगे की हिरासत में लिए गए लोगों को जमानत देनी है या नहीं।
दूसरी ओर, CJP ने पीछे हटने से इनकार करते हुए 11 अक्टूबर को दोबारा प्रदर्शन का आह्वान किया है।
आंदोलन का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवाल हैं। चुनाव आयोग और सरकार पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है। रविवार को CJP की अगली रणनीति और हिरासत में मौजूद नेताओं के बारे में मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर सबकी नजर रहेगी।


