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दिगंबर हत्याकांड में सबसे बड़े सस्पेंस से उठा पर्दा! कोई और नहीं जिगरी ही निकले कातिल, पुलिस के भी खड़े हो गए रोंगटे
Digambar murder case solved: देहरादून के दिगंबर हत्याकांड में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन दोस्तों को गिरफ्तार किया है। ढाई लाख रुपये की उधारी को लेकर दोस्तों ने नशे में थर्ड डिग्री टॉर्चर देकर हत्या कर दी और शव को हरिद्वार के जंगल में दफना दिया।
Digambar murder case solved: उत्तराखंड की शांत वादियों और राजधानी देहरादून के पॉश इलाके रेसकोर्स से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। जेल की सलाखों के पीछे शुरू हुई एक दोस्ती का अंत इतना वीभत्स होगा, इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। महज ढाई लाख रुपये की उधारी वसूलने के लिए तीन दोस्तों ने अपने ही साथी को मौत के घाट उतार दिया। यह कोई साधारण हत्या नहीं थी, बल्कि नशे की हालत में घंटों तक दिया गया 'थर्ड डिग्री टॉर्चर' था। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने बेरहमी की सारी हदें पार कर दी थीं।
कोर्ट से निकलते ही बुना गया मौत का जाल
इस खौफनाक कहानी की शुरुआत 9 फरवरी को हुई। बसंत विहार निवासी दिगंबर धीमान अपने खिलाफ चल रहे एक पॉक्सो केस की तारीख पर देहरादून कोर्ट गया था। कोर्ट से सुनवाई की अगली तारीख मिलने के बाद जैसे ही वह बाहर निकला, उसे उसके पुराने दोस्त हेमंत ने फोन किया। दिगंबर ने हेमंत से ढाई लाख रुपये उधार ले रखे थे और काफी समय से उसका फोन नहीं उठा रहा था। उस दिन दिगंबर ने फोन उठाया, तो हेमंत ने उधारी की बात करने के बजाय उसे नई बस्ती स्थित अपने घर पर पार्टी के बहाने बुला लिया। दिगंबर को जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह अपने दोस्तों के पास नहीं, बल्कि साक्षात मौत के बुलावे पर जा रहा है।
हथौड़े, लोहे की रॉड और रूह कंपा देने वाला टॉर्चर
हेमंत के घर पर चारों दोस्तों ने मिलकर शराब पी। जब दिगंबर पूरी तरह नशे में धुत्त हो गया, तब हेमंत, आदिल और वैभव ने अपना असली रंग दिखाया। उन्होंने दिगंबर से अपने ढाई लाख रुपये वापस मांगे। जब दिगंबर ने असमर्थता जताई, तो तीनों हैवान बन गए। उन्होंने दिगंबर को बांध दिया और लोहे की रॉड व हथौड़ों से उस पर हमला करना शुरू कर दिया। वे उसे तब तक पीटते रहे जब तक कि उसने दम नहीं तोड़ दिया। एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि आरोपियों ने उधारी वसूलने के लिए दिगंबर को बुरी तरह प्रताड़ित किया था। जेल में हुई यह दोस्ती अब एक खूनी दास्तान में बदल चुकी थी।
65 किलोमीटर दूर जंगल में दफन किया राज
हत्या के बाद आरोपियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती शव को ठिकाने लगाने की थी। इसके लिए उन्होंने एक टैक्सी चालक राजनंदन को 15 हजार रुपये का लालच देकर अपनी साजिश में शामिल किया। 9 फरवरी की रात ही शव को कंबल में लपेटकर रेसकोर्स से करीब 65 किलोमीटर दूर हरिद्वार जिले के चिड़ियापुर के जंगल में ले जाया गया। वहां एक नहर के पास जमीन खोदकर शव को मिट्टी में दबा दिया गया ताकि किसी को शक न हो। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और टैक्सी चालक की गिरफ्तारी ने इस राज से पर्दा उठा दिया। रविवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी हेमंत, आदिल और वैभव को आईएसबीटी के पास से धर दबोचा। पुलिस ने जंगल से शव बरामद कर लिया है और अब तीनों सलाखों के पीछे अपने किए की सजा भुगत रहे हैं।


