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India-Bangladesh Relations: TMC के पूर्व नेता दिनेश त्रिवेदी ने संभाला बांग्लादेश के हाई कमिश्नर का पद, पदभार ग्रहण करते ही किया बड़ा फैसला
India-Bangladesh Relations: टीएमसी के पूर्व नेता दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने पद संभालते ही 28 जून से बांग्लादेशियों के लिए ट्रैवल वीजा सेवाएं फिर से शुरू करने का बड़ा ऐलान किया है।
India-Bangladesh Relations: तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे और अब भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त के रूप में अपना कार्यभार संभाल लिया है। 27 अप्रैल को ही उन्हें इस अहम जिम्मेदारी के लिए चुना गया था। खास बात यह है कि इस राजनयिक पद पर काबिज होने वाले वह पहले भारतीय राजनेता बन गए हैं।
गुरुवार को 76 वर्षीय त्रिवेदी ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन को अपने आधिकारिक क्रेडेंशियल्स सौंपे और इसी के साथ ढाका में उनका कूटनीतिक सफर शुरू हो गया। इससे ठीक एक दिन पहले, बुधवार को नई दिल्ली में गृह मंत्रालय ने एक आधिकारिक ज्ञापन के जरिए उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा भी प्रदान किया था। बंगभवन राष्ट्रपति भवन के प्रवक्ता ने भी इस बात की पुष्टि की है कि नए भारतीय उच्चायुक्त ने अपना काम विधिवत तरीके से शुरू कर दिया है।
पड़ोसी देश की जनता को मिली बड़ी राहत
अपना पदभार ग्रहण करते ही दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के नागरिकों को एक बेहद सुखद खबर दी। आधिकारिक दस्तावेज सौंपने से पहले प्रेसिडेंट गार्ड रेजिमेंट की एक टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इस समारोह के तुरंत बाद वह ढाका स्थित भारतीय वीजा केंद्र पहुंचे।
वहां उन्होंने अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराते हुए बांग्लादेशी नागरिकों के लिए ट्रैवल वीजा सेवाओं को दोबारा शुरू करने का बड़ा ऐलान कर दिया। त्रिवेदी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें सामान्य ट्रैवल वीजा सेवा फिर से शुरू करने की घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है और लोग अट्ठाईस जून से इसके लिए अपने आवेदन जमा कर सकेंगे।
दो साल का इंतजार खत्म, इन केंद्रों से मिलेगी सुविधा
मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौरान सुरक्षा हालात बिगड़ने और नई दिल्ली के साथ तल्खियों के चलते करीब दो साल पहले ये वीजा सेवाएं रोक दी गई थीं। अब नए फैसले के तहत ढाका, राजशाही, चटगांव, सिलहट और खुलना में मौजूद पांचों केंद्रों से वीजा जारी किए जाएंगे। उच्चायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इस पूरी प्रक्रिया का और भी विस्तार किया जाएगा।
इसके अलावा मानवीय आधार पर दिए जाने वाले अर्जेंट मेडिकल वीजा की सुविधा पहले की तरह ही चलती रहेगी। आमतौर पर बांग्लादेशी नागरिक पर्यटन, इलाज, सरकारी या व्यापारिक काम और किसी तीसरे देश की यात्रा के लिए भारत आने हेतु इस ट्रैवल वीजा का इस्तेमाल करते हैं। आपको बता दें कि दिनेश त्रिवेदी 12 जून को बेनापोल-पेट्रापोल जमीनी सीमा से होते हुए बांग्लादेश पहुंचे थे, जहां उन्होंने अनुभवी करियर राजनयिक प्रणय कुमार वर्मा की जगह ली है।


