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दिशा सालियान केस में रहस्यमयी महिला की एंट्री, अस्पताल पहुंचाने वालों में कौन था तीसरा शख्स?
दिशा सालियान केस में CBI की FIR के बाद नया बिंदु सामने आया है। 2020 के कांस्टेबल बयान में अस्पताल ले जाने वालों में एक महिला का जिक्र है, जिसकी पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हुई।
Disha Salian case: सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सीबीआई की एफआईआर के बाद जांच को लेकर एक नया बिंदु सामने आया है। 8 जून 2020 की रात दिशा को अस्पताल ले जाने वाले लोगों को लेकर पुलिस के एक पुराने बयान में एक महिला का भी जिक्र मिलता है। खास बात यह है कि दो पुरुषों की पहचान सामने आ चुकी है, लेकिन उस महिला की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अस्पताल में तैनात कांस्टेबल संतोष कचिरत गुनगुने ने 15 जून 2020 को दिए अपने बयान में डॉक्टर के हवाले से बताया था कि दिशा को अस्पताल लाने वालों में दो पुरुष और एक महिला शामिल थे। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दो पुरुषों की पहचान दिशा के मंगेतर रोहन राय से जुड़े बयानों में हिमांशु शिखारे और इंद्रनील वैद्य के तौर पर बताई गई है। हालांकि, उस महिला का नाम किसी अन्य उपलब्ध रिकॉर्ड में सामने नहीं आया है।
पुराने बयान में महिला का जिक्र क्यों अहम?
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 की रात मुंबई के मालाड स्थित एक इमारत से गिरने के बाद हुई थी। उनकी मौत को शुरुआती जांच में दुर्घटना/आत्महत्या के तौर पर देखा गया था। बाद में मामले को लेकर कई तरह के आरोप और सवाल उठते रहे।
अब सीबीआई की ओर से मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद पुराने पुलिस बयानों और रिकॉर्ड की जांच फिर चर्चा में है। अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को लेकर कांस्टेबल का बयान इसी संदर्भ में एक ऐसा बिंदु है, जिसकी जांच एजेंसी आगे पड़ताल कर सकती है। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर महिला की पहचान या उसकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर
दिशा सालियान केस में बॉम्बे हाईकोर्ट की अनुमति के बाद सीबीआई ने जांच आगे बढ़ाई। एजेंसी ने दिशा के पिता सतीश सालियान का बयान दर्ज किया और इसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
एफआईआर में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे, अभिनेता सूरज पंचोली और डिनो मोरिया समेत कई लोगों के नामों का उल्लेख होने की बात सामने आई है। हालांकि, किसी एफआईआर में नाम होना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता और लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं।
सतीश सालियान ने लगाए क्या आरोप?
रिपोर्टों के मुताबिक, दिशा के पिता सतीश सालियान ने सीबीआई को दिए बयान में आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों ने कथित साजिश तथा बाद में मामले को दबाने में भूमिका निभाई।
उनके बयान में कुछ सरकारी कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग किए जाने की बात सामने आई है। आरोपों में दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड को कथित तौर पर नष्ट करने या दबाने, रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और पुलिस मशीनरी तथा सरकारी संसाधनों के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर दावे शामिल हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और ये फिलहाल जांच के दायरे में हैं।
पुलिस, डॉक्टर और FSL अधिकारियों का भी जिक्र
रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियान के बयान में पोस्टमॉर्टम से जुड़े डॉक्टरों और कर्मचारियों के अलावा कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैब से जुड़े अधिकारियों के नामों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें डॉक्टर संजय जाधव और सहायक रासायनिक विश्लेषक एनपी भाले समेत अन्य अधिकारियों का जिक्र होने की बात कही गई है।
इसके अलावा कुछ पुलिस अधिकारियों, रिजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग से जुड़े सुरक्षा कर्मियों और मामले की जांच की निगरानी करने वाले वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है।
अब महिला की पहचान पर भी नजर
मामले में सबसे अहम सवालों में से एक यह है कि 8 जून 2020 की रात दिशा को अस्पताल ले जाने वालों में शामिल बताई गई महिला आखिर कौन थी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में उसकी पहचान सामने नहीं आई है।
सीबीआई अब पुराने पुलिस बयानों, मेडिकल रिकॉर्ड, फॉरेंसिक दस्तावेजों और संबंधित लोगों के बयानों को मिलाकर घटनाक्रम की जांच कर सकती है। महिला की पहचान और उसकी भूमिका को लेकर कोई निष्कर्ष जांच एजेंसी की पुष्टि के बाद ही निकाला जा सकेगा।
दिशा सालियान की मौत का मामला लंबे समय से महाराष्ट्र की राजनीति में भी विवाद का विषय रहा है। सीबीआई की नई जांच के बाद पुराने रिकॉर्ड और पहले दिए गए बयानों की दोबारा पड़ताल से मामले में आगे क्या सामने आता है, इस पर नजर बनी हुई है।


