Diva Jeet Adani First Anniversary: दिवा और जीत अदाणी ने दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई अपनी शादी की पहली सालगिरह

Diva Jeet Adani First Anniversary: अदाणी मंगल सेवा के एक वर्ष पूरे, 500 दिव्यांग महिलाओं को 10-10 लाख की एफडी से मिली स्थायी आर्थिक सुरक्षा।

Newstrack Network
Published on: 5 Feb 2026 10:11 PM IST (Updated on: 5 Feb 2026 10:11 PM IST)
Diva and Jeet Adani celebrate their first wedding anniversary with disabled women
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दिवा और जीत अदाणी ने दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई अपनी शादी की पहली सालगिरह (Photo- Newstrack)

Diva Jeet Adani First Anniversary: अहमदाबाद। निजी खुशियों को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की मिसाल पेश करते हुए दिवा और जीत अदाणी ने अपनी शादी की पहली सालगिरह दिव्यांग महिलाओं के साथ मनाई। यह अवसर केवल एक वैवाहिक वर्षगांठ का नहीं था, बल्कि एक ऐसे संकल्प की पूर्ति का साक्षी बना, जिसने सैकड़ों महिलाओं के जीवन को स्थायित्व, सम्मान और आत्मनिर्भरता प्रदान की है।

गुरुवार शाम 5 फरवरी 2026 को शांतिग्राम स्थित बेल्वेडियर क्लब का लॉन सेवा, संवेदना और सादगी के भाव से सराबोर नजर आया। यही वह स्थान था, जहां अदाणी मंगल सेवा की शुरुआत के एक वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया गया।


विवाह से पहले लिया गया था सेवा का संकल्प

दिवा और जीत अदाणी ने अपने विवाह से पहले 7 फरवरी 2025 को यह निर्णय लिया था कि वे अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव को केवल निजी उत्सव तक सीमित नहीं रखेंगे, बल्कि इसे समाज के लिए सार्थक बनाएंगे। इसी सोच से 5 फरवरी 2025 को ‘अदाणी मंगल सेवा’ की नींव रखी गई। इस पहल का उद्देश्य हर वर्ष दिव्यांग महिलाओं को दीर्घकालिक सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है, ताकि वे सम्मान के साथ स्वतंत्र जीवन जी सकें।

पहले ही वर्ष में पूरा हुआ 500 महिलाओं का लक्ष्य

अदाणी मंगल सेवा ने अपने पहले ही वर्ष में 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता प्रदान करने का संकल्प पूरा कर दिखाया। 25 से 40 वर्ष आयु वर्ग की वे महिलाएं, जिनके पास विशिष्ट विकलांगता पहचान पत्र (UDID कार्ड) है, इस योजना की लाभार्थी बनीं। इन महिलाओं की पहचान ‘यूथ फॉर जॉब्स’ प्रोजेक्ट के तहत की गई। इस पूरी प्रक्रिया को अदाणी फाउंडेशन द्वारा संचालित किया गया।


10 लाख की एफडी से मिली स्थायी सुरक्षा

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक लाभार्थी महिला को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से 10 लाख रुपये की सावधि जमा (एफडी) प्रदान की गई। यह एफडी ऐसी संरचना में तैयार की गई है जिससे लाभार्थी को हर माह सुनिश्चित आय मिलती रहे।

10 वर्षों की अवधि पूरी होने के बाद एफडी की मूल राशि भी महिला को प्राप्त हो जाती है। इस मॉडल का उद्देश्य एकमुश्त सहायता देने के बजाय लंबे समय तक आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।

हर साल 50 करोड़ रुपये का प्रावधान

अदाणी मंगल सेवा के तहत हर वर्ष 500 दिव्यांग महिलाओं को सहायता देने का संकल्प लिया गया है। इसके लिए सालाना 50 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है, ताकि यह पहल निरंतर और व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ती रहे।

‘सेवा ही साधना है’ दर्शन से प्रेरित पहल

यह पूरी पहल अदाणी समूह के संस्थापक और चेयरमैन श्री गौतम अदाणी के ‘सेवा ही साधना है’ के मूल मंत्र से प्रेरित है। यह दर्शन इस बात पर बल देता है कि सेवा केवल प्रतीकात्मक न होकर निरंतर, अनुशासित और जिम्मेदारीपूर्ण होनी चाहिए। एक पारिवारिक संकल्प के रूप में शुरू हुई यह पहल आज एक सशक्त सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम का रूप ले चुकी है।


भावनात्मक और स्नेहिल रहा कार्यक्रम

कार्यक्रम का माहौल बेहद सौम्य और आत्मीय रहा। लाभार्थी महिलाएं अपने परिवारों के साथ समूहों में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। शुरुआत प्रार्थना और चिंतन के साथ हुई, जिसके बाद एक प्रस्तुति के माध्यम से अदाणी मंगल सेवा के उद्देश्य और मूल भावना को साझा किया गया।

एफडी प्रमाण पत्र वितरण बना खास पल

शाम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब लाभार्थी महिलाओं को एफडी के प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रमाण पत्र थामे महिलाओं के चेहरों पर सुरक्षा, संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।

अहमदाबाद के नेत्रहीन संघ द्वारा प्रस्तुत गरबा और फ्यूजन संगीत की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को भावनात्मक और उल्लासपूर्ण बना दिया।


गौतम अदाणी ने जताया गर्व और संतोष

इस अवसर पर गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दिवा और जीत अदाणी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा कि मंगल सेवा के माध्यम से सैकड़ों परिवारों के जीवन में सम्मान और नई उम्मीद आई है। उन्होंने कहा कि जब किसी बेटी के जीवन में मुस्कान और आत्मविश्वास लौटता है, तो वह संतोष दुनिया की किसी भी बड़ी उपलब्धि से बढ़कर होता है।

डॉ. प्रीति अदाणी का प्रेरक संबोधन

अदाणी फाउंडेशन की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल सहायता का नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और सशक्तिकरण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग होना कमजोरी नहीं, बल्कि साहस और लचीलापन का प्रतीक है।

जीत और दिवा अदाणी की भावनाएं

जीत अदाणी ने कहा कि मंगल सेवा एक जिम्मेदारी है, जिसे वे निरंतर निभाते रहेंगे। वहीं दिवा अदाणी ने इसे स्थायी सुरक्षा और गरिमा पर आधारित विश्वास बताया।


कॉफी टेबल बुक का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान गौतम अदाणी ने अदाणी मंगल सेवा पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया, जिसमें संघर्ष से सफलता तक की प्रेरक कहानियां संकलित हैं।

सेवा में ही सच्ची समृद्धि का संदेश

कार्यक्रम का समापन सामूहिक रात्रिभोज के साथ हुआ। अदाणी मंगल सेवा का पहला वर्ष यह संदेश देकर गया कि जब उद्देश्य को प्राथमिकता दी जाती है, तो उसका प्रभाव समाज में दूर तक दिखाई देता है।

Shashi kant gautam

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