DK Shivakumar 3 जून को बन सकते हैं कर्नाटक के नए CM, मंत्रिमंडल में 50% नए चेहरों की चर्चा तेज

Karnataka New CM: नेतृत्व बदलाव की अटकलों के बीच अब सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं।

Priya Singh Bisen
Published on: 30 May 2026 11:21 AM IST
DK Shivakumar
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Karnataka New CM: इन दिनों कर्नाटक की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है। राज्य में लंबे वक़्त से चल रही राजनीतिक चर्चाओं और नेतृत्व बदलाव की अटकलों के बीच अब सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण कर सकते हैं। जानकारी के मुताबिक, उनके साथ लगभग 10 मंत्रियों के भी शपथ ग्रहण करने की पूरी संभावना है, जबकि 18 जून के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।

राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस नेतृत्व कर्नाटक में नई कैबिनेट को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ेगा। इस बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा राज्यपाल द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम और तेज हो गया है। हालांकि, मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद भी सिद्धारमैया का प्रभाव राज्य की राजनीति और कांग्रेस संगठन में बना रहने की आशंका है।

नई सरकार के गठन पर हो सकती है अंतिम चर्चा

इस बीच कांग्रेस विधायक दल (CLP) की एक अहम बैठक में नेतृत्व परिवर्तन और नई सरकार के गठन को लेकर अंतिम चर्चा हो सकती है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला भी इस बैठक में शामिल होने वाले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए औपचारिक रूप से ऐलान किया जा सकता है।

मंत्रिमंडल में भी बड़े परिवर्तन की संभावना

नई सरकार के गठन के साथ मंत्रिमंडल में भी बड़े परिवर्तन की संभावना बन रही है। राजनीतिक गलियारों में ये भी चर्चा ज़ोरों पर है कि डीके शिवकुमार की कैबिनेट में लगभग 50% नए चेहरों को अवसर दिया जा सकता है। कांग्रेस नेतृत्व क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर कार्य कर रहा है। कर्नाटक विधान परिषद के मुख्य सचेतक सलीम अहमद ने भी संकेत दिए हैं कि मंत्रिमंडल गठन और उपमुख्यमंत्री पदों से जुड़े निर्णयों CLP बैठक के बाद कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए जाएंगे।

हालांकि, सत्ता में बदलाव के बावजूद सिद्धारमैया का राजनीतिक कद कम होने की संभावना नज़र नहीं रही है। इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यकों को जोड़ने वाला उनका ‘अहिंडा’ सामाजिक गठबंधन आज भी कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। यही कारण है कि कांग्रेस आलाकमान भी इस सामाजिक समीकरण को किसी तरह प्रभावित नहीं करना चाहता।

राजनीति में सक्रिय रहकर कार्य करेंगे सिद्धारमैया

इन सब के बीच सब से दिलचस्प बात यह है कि सिद्धारमैया ने राज्यसभा जाने के बजाय कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहकर कार्य करने का फैसला लिया है। इसे उनके राजनीतिक प्रभाव को बनाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ऐसे में कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती दो प्रभावशाली नेताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की होगी। एक ओर सरकार की कमान संभालने वाले डीके शिवकुमार होंगे, तो दूसरी ओर संगठन और सामाजिक आधार पर मजबूत पकड़ रखने वाले सिद्धारमैया।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार की असली परीक्षा शुरू होगी। उन्हें न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करना होगा, बल्कि पार्टी के अंदर सभी गुटों को साथ लेकर चलने की चुनौती का भी सामना करना पड़ेगा। आगामी दिनों में कर्नाटक की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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