भारत से अमेरिका तक ED की कार्रवाई! 112.90 करोड़ की सम्पत्तियां जब्त, LEEL Electricals पर कसा शिकंजा

LEEL Electricals ED Action: प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लील इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड के प्रमोटर भरत राज पुंज और अन्य आरोपियों की 112.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली हैं। ईडी की कार्रवाई में टेक्सास के ह्यूस्टन स्थित मकान, बैंक खाते, एफडी और म्यूचुअल फंड निवेश भी शामिल हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 7 July 2026 9:49 PM IST
LEEL Electricals ED Action
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LEEL Electricals ED Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) के एक बड़े मामले में लील इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (LEEL Electricals Limited) जिसे पहले लॉयड इलेक्ट्रिक एंड इंजीनियरिंग लिमिटेड (Lloyd Electric and Engineering Limited) के नाम से जाना जाता था, के मुख्य प्रमोटर भरत राज पुंज (Bharat Raj Punj) और अन्य आरोपियों की करीब 112.90 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर ली हैं। यह कार्रवाई ईडी के जयपुर जोनल कार्यालय (Jaipur Zonal Office) की ओर से की गई है।

जांच के दायरे में कई राज्यों में फैली संपत्तियां

ईडी के मुताबिक जब्त की गई संपत्तियों में दिल्ली (Delhi), उत्तराखंड (Uttarakhand), गुजरात (Gujarat), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), तेलंगाना (Telangana), गोवा (Goa), महाराष्ट्र (Maharashtra) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) में स्थित जमीन, औद्योगिक प्लॉट और मकान शामिल हैं।

इसके अलावा अमेरिका (United States) के टेक्सास (Texas) राज्य के ह्यूस्टन (Houston) शहर में स्थित एक आवासीय मकान को भी अटैच किया गया है। साथ ही बैंक खातों में जमा राशि, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में किए गए निवेश को भी जांच एजेंसी ने अपने कब्जे में लिया है।

CBI की FIR के बाद शुरू हुई जांच

ईडी ने बताया कि इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से दर्ज एफआईआर (FIR) के आधार पर शुरू की गई थी। जांच में आरोप है कि कंपनी के प्रमोटरों और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने फर्जी और हेरफेर किए गए वित्तीय दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के नेतृत्व वाले बैंक कंसोर्टियम (Bank Consortium) से धोखाधड़ी की।

जांच एजेंसी के अनुसार इस कथित धोखाधड़ी से बैंकों को करीब 376 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इस मामले में सबसे अधिक नुकसान एसबीआई और आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) को हुआ है।

बैलेंस शीट में हेरफेर कर लिया गया कर्ज

ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कंपनी की बैलेंस शीट (Balance Sheet) में संपत्तियों, स्टॉक और बकाया राशि को वास्तविक स्थिति से अधिक दिखाया। इसी आधार पर बैंकों से लगातार कर्ज लिया गया।

जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में यह रकम प्रमोटरों के नियंत्रण वाली कंपनियों और विदेश में मौजूद सहयोगी कंपनियों को निवेश और ऋण के नाम पर भेज दी गई।

टेक्सास के ह्यूस्टन में खरीदा गया मकान भी अटैच

ईडी का कहना है कि विदेश भेजी गई रकम से अमेरिका के टेक्सास राज्य के ह्यूस्टन शहर में एक मकान खरीदा गया था। यह संपत्ति भरत राज पुंज और उनकी पत्नी पूजा पुंज (Pooja Punj) के संयुक्त नाम पर दर्ज है।

जांच एजेंसी ने इस मकान को कथित अपराध की कमाई यानी प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (Proceeds of Crime) मानते हुए अटैच कर लिया है।

आगे भी हो सकती है कार्रवाई

ईडी के मुताबिक इस मामले की जांच अभी जारी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान यदि और सबूत सामने आते हैं तो आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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