Punjab News: संजीव अरोड़ा के घर ED की रेड पर विपक्ष का हमला, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

Punjab News: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर ईडी की छापेमारी पर आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर विपक्षी नेताओं को डराने और एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

Newstrack/IANS
Published on: 9 May 2026 11:27 AM IST
Punjab News: संजीव अरोड़ा के घर ED की रेड पर विपक्ष का हमला, भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
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Punjab News: पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता संजीव अरोड़ा के चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की, जिसको लेकर पंजाब में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आप नेताओं ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह आप के विधायकों को डराने का काम कर रही है।

पंजाब सरकार के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप धालीवाल ने कहा कि आज फिर देखने को मिला है कि पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के यहां ईडी की छापेमारी हो रही है, इसमें कोई नई बात नहीं है, भाजपा लोगों को डराने के लिए इस तरह का काम करती है लेकिन उनको ये नहीं पता है कि इससे कुछ होने वाला नहीं है। पंजाब के लोग डरने वाले नहीं है। संजीव अरोड़ा बिजनेस मैन है भाजपा उनको जानकर परेशान कर रही है, इससे कुछ होने वाला नहीं है।

पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा, "पंजाब में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, इसी को लेकर भाजपा की तरफ से ईडी की कार्रवाई कराई जा रही है, भाजपा के लोगों को डरा-धमकाकर भाजपा तोड़ने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी भाजपा की तरफ से कार्रवाई कराई गई थी लेकिन उसमें कुछ मिला नहीं था। इसके बाद भी फिर से ईडी को भेज दिया गया है। इस बार भी कुछ होने वाला नहीं है।"

वहीं, शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईडी ने दिल्ली, गुड़गांव और चंडीगढ़ में 5 जगहों पर छापे मारे, जिनका संबंध हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड और पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा से है। इन छापों में कंपनी के दफ़्तर और संजीव अरोड़ा के घर शामिल हैं।"

उन्होंने कहा कि ईडी एक कथित 100 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी मोबाइल फोन खरीद और एक्सपोर्ट रैकेट की जांच कर रही है, जिसका संबंध मनी लॉन्ड्रिंग और दुबई से भारत में पैसों की 'राउंड ट्रिपिंग' से है। आरोप है कि दिल्ली की उन फर्मों के फर्जी जीएसटी बिलों का इस्तेमाल किया गया, जिनका असल में कोई वजूद ही नहीं था। इन बिलों के जरिए धोखे से आईटीसी, एक्सपोर्ट रिफ़ंड और ड्यूटी ड्रॉबैक के फ़ायदे उठाए गए। जांच से पता चलता है कि इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और कथित तौर पर निजी तौर पर भी खूब कमाई की गई। इसी तरह सरकारी खजाने को लूटा गया और उस पैसे को ऐशो-आराम पर उड़ाया गया।

Vineeta Pandey

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