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Delhi में Eknath Shinde का बड़ा सियासी पावर प्ले, अमित शाह से हाई-प्रोफाइल बैठक के बाद तेज हुईं नई राजनीतिक चर्चाएं
Maharashtra Politics: अमित शाह के आधिकारिक आवास पर एक घंटे से अधिक समय तक चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
Maharashtra Politics
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र (Maharashtra) की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने अपने सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे (Shrikant Shinde) और 13 बागी सांसदों के साथ दिल्ली (Delhi) पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाकात की। अमित शाह के आधिकारिक आवास पर एक घंटे से अधिक समय तक चली इस हाई-प्रोफाइल बैठक (High Profile Meeting) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (National Democratic Alliance-NDA) के भीतर बदलते राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज कर दिया है।
अमित शाह ने विकास कार्यों के लिए दिया भरोसा
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एकनाथ शिंदे गुट के सभी सांसदों को विकास परियोजनाओं (Development Projects) के लिए पूरी वित्तीय सहायता का भरोसा दिया। उन्होंने सभी नेताओं से आत्मविश्वास बनाए रखने की बात कही और यह भी आश्वासन दिया कि महाराष्ट्र से जुड़े बड़े मुद्दों को आने वाली केंद्रीय कैबिनेट (Union Cabinet) की बैठकों में जल्द मंजूरी दिलाने की कोशिश की जाएगी। इस भरोसे को शिंदे गुट के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
श्रीकांत शिंदे को मिली अहम जिम्मेदारी
बैठक की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि डॉ. श्रीकांत शिंदे को सांसदों और केंद्र सरकार (Central Government) के बीच समन्वय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के अनुसार अमित शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिंदे गुट के सभी सांसद अपनी समस्याएं, सुझाव और चिंताएं डॉ. श्रीकांत शिंदे के माध्यम से ही केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। माना जा रहा है कि इससे सांसदों के मुद्दों का समाधान पहले से अधिक तेजी से किया जा सकेगा और केंद्र तथा शिंदे गुट के बीच तालमेल भी मजबूत होगा।
बंद कमरे में हुई अलग से चर्चा
बैठक के दौरान एकनाथ शिंदे और अमित शाह के बीच करीब 15 मिनट तक बंद कमरे में अलग से बातचीत भी हुई। हालांकि इस बातचीत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे भविष्य की रणनीति और महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक स्थिति से जोड़कर देखा जा रहा है। इस मुलाकात ने कई नए राजनीतिक कयासों को जन्म दे दिया है।
शिंदे गुट को मिल सकते हैं दो मंत्री पद
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) गुट से छह सांसदों के शिंदे खेमे में आने के बाद लोकसभा (Lok Sabha) में शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 13 सांसदों तक पहुंच गई है। इससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में एकनाथ शिंदे की राजनीतिक अहमियत पहले की तुलना में और मजबूत मानी जा रही है।
इसी बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) के संभावित विस्तार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार शिंदे गुट को दो मंत्री पद मिल सकते हैं। इनमें डॉ. श्रीकांत शिंदे को केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जबकि संजय बांदू जाधव (Sanjay Bandu Jadhav) को केंद्रीय राज्य मंत्री बनाए जाने की चर्चा भी चल रही है।
उद्धव ठाकरे गुट पर बढ़ सकता है दबाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि ऐसा होता है तो यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा राजनीतिक झटका साबित हो सकता है। केंद्र का खुला समर्थन मिलने से एकनाथ शिंदे की राष्ट्रीय राजनीति में पकड़ और मजबूत हो सकती है। साथ ही महाराष्ट्र की राजनीति में भी उनका प्रभाव पहले से अधिक बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन संभावित मंत्री पदों और राजनीतिक रणनीति को लेकर अभी तक केंद्र सरकार या भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party-BJP) की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।


