'राहुल गांधी का दिमाग चोरी...'! वोट चोरी के आरोपों पर भड़के CM फडणवीस, मचा सियासी घमासान

Fadnavis on Rahul Gandhi: वोट चोरी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि वह स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं कि कोई वोट चोरी नहीं हुआ है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका दिमाग चोरी हो गया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 27 Sept 2026 3:57 PM IST
Fadnavis on Rahul Gandhi
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Fadnavis on Rahul Gandhi: महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष की तरफ से लगाए जा रहे वोट चोरी (Vote Chori) के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर तगड़ा तंज कसा है। आज रविवार को फडणवीस ने कहा कि 'वोट चोरी' का कोई मामला नहीं हुआ है और उन्होंने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग (Election Commission) जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर जनता के विश्वास को कमजोर करने का भी बड़ा आरोप लगाया।

वोट चोरी के दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए फडणवीस ने कहा कि वह स्पष्ट शब्दों में कहना चाहते हैं कि कोई वोट चोरी नहीं हुआ है। इसी दौरान उन्होंने राहुल गांधी को लेकर विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका दिमाग चोरी हो गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से ऐसी समिति बनाने की बात भी कही, जो राहुल गांधी का दिमाग वापस ला सके, ताकि वह देशहित में बात करें, सही बोलें और सच बोलें।

चुनाव आयोग में मतभेद की खबरों पर भी बोले फडणवीस

देवेंद्र फडणवीस ने चुनाव आयोग के अंदर मतभेद (EC Rift) की खबरों को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्तों (Election Commissioners) ने संयुक्त रूप से साफ़ किया है कि SIR से जुड़े निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे।

चुनाव आयोग ने भी हाल में कहा है कि SIR सहित उसके निर्णय पूरे आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिए गए। आयोग के अनुसार, अलग-अलग सदस्यों की ओर से विचार या सुझाव दिए जाना निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन आखिरी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।

फडणवीस ने कहा कि सभी निर्णय मिलकर लिए गए, पहले एजेंडा तय किया गया और उस पर चर्चा हुई। उनके अनुसार, किसी भी सदस्य की अलग राय नहीं थी और फाइलों पर भी कोई असहमति दर्ज नहीं है।

14 आपत्तियों की रिपोर्ट के बाद उठा विवाद

दरअसल, SIR प्रक्रिया (Special Intensive Revision) को लेकर चुनाव आयोग के अंदर मतभेद की खबर तब सामने आई, जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि बीते 10 महीनों के दौरान दो चुनाव आयुक्तों ने कई निर्णयों को लेकर औपचारिक आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अलग-अलग मौकों पर 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं। इनमें SIR से जुड़े फैसलों के अलावा वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और पश्चिम बंगाल में मतदाता अपीलों जैसे मामले भी शामिल बताए गए थे।

हालांकि, चुनाव आयोग ने इन रिपोर्टों के जवाब में कहा कि व्यक्तिगत टिप्पणियां या विचार आयोग के अंतिम निर्णय नहीं होते और SIR समेत आयोग के सभी निर्णयों को तीनों आयुक्तों की मंजूरी मिली थी। 26 सितंबर को जारी आयोग के आधिकारिक बयान में भी पूरे देश में SIR के आदेश को सर्वसम्मति से मंजूर किए जाने की बात दोहराई गई।

संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप

फडणवीस ने राहुल गांधी पर चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं (Constitutional Institutions) को बदनाम करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी हाथ में संविधान लेकर चलते हैं, लेकिन उनका मुख्य उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल खड़े करना है।

फडणवीस ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चुनाव आयोग, सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी सीएजी (CAG) जैसी संस्थाओं पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, ऐसी स्थिति बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था (Democratic System) से विश्वास कमजोर हो।

उन्होंने विपक्ष की रणनीति पर तंज कसते हुए कहा कि जब लोगों को समझाया नहीं जा सकता तो उन्हें भ्रमित कर दिया जाए।

SIR को लेकर सहयोगी दलों के सवाल पर क्या बोले

विपक्षी दलों की ओर से SIR में कथित गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन की तैयारी के सवाल पर भी महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां SIR के कारण 15 क्षेत्रों में मतदाताओं की संख्या कम हुई थी, लेकिन इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने उन क्षेत्रों में जीत दर्ज की।

वहीं, एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों चिराग पासवान और चंद्रबाबू नायडू की तरफ से SIR के मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगे जाने के सवाल पर फडणवीस ने कहा कि अगर चुनाव आयोग पर हर दिन आरोप लगाए जाएंगे तो आयोग को स्थिति स्पष्ट करनी ही होगी।

इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने भी अपने हालिया बयान में कहा है कि SIR से जुड़े फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। वहीं, विपक्ष की तरफ से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर BJP और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार जारी है।

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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