PMO का फर्जी अफसर या ठगी का शिकार हुआ रोहन? PM मोदी के इवेंट से पहले गिरफ्तारी, अब खुले नए राज

Fake PMO Officer Row: PM मोदी के BKC इवेंट से पहले गिरफ्तार रोहन पारेख के मामले में नया ट्विस्ट आया है। वकील ने PMO नौकरी और ID कार्ड को लेकर बड़े दावे किए।

Aditya Kumar Verma
Published on: 8 Sept 2026 6:43 PM IST
Fake PMO Officer or Victim of Fraud? New Revelations on Rohan Parekh Ahead of PM Modi’s Event
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Image Source- Social Media

Fake PMO Officer Row: मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में फर्जी PMO पहचान पत्र (Fake PMO ID Card) के मामले में रोहन पारेख (Rohan Parekh) को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में रोहन पारेख के साथ उसके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे (Dilip Kunde) को भी गिरफ्तार किया गया है। दिलीप के पास लाइसेंसी हथियार (Licensed Weapon) मिला था। मामले में तीसरा आरोपी प्रथमेश बागुल (Prathamesh Bagul) वांछित है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

हथियार लेकर अंदर जाने से रोका गया

मुंबई पुलिस (Mumbai Police) के मुताबिक, रोहन पारेख 7 सितंबर की शाम बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और अंदर चले गए। इसके बाद उनके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे ने भी अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन उसके पास हथियार होने के कारण डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर ने उसे रोक दिया।

इसके बाद रोहन पारेख वापस आए और अपना कथित PMO पहचान पत्र (PMO Identity Card) दिखाया। पुलिस के मुताबिक, इसी पहचान पत्र को लेकर अब जांच की जा रही है।

कार्ड पर कई सवाल, वैधता की तारीख गायब

पुलिस के सामने आए पहचान पत्र पर जारी होने की तारीख तो लिखी थी, लेकिन उसकी वैधता यानी वैलिडिटी की तारीख नहीं थी। आम तौर पर सरकार की ओर से जारी किए जाने वाले पहचान पत्र पर वैधता की तारीख दर्ज होती है।

इसके अलावा कार्ड पर जारी करने वाले के हस्ताक्षर तो थे, लेकिन उनका पद नहीं लिखा था। इस पहचान पत्र में रोहन पारेख को ‘ग्रेड सी अधिकारी’ (Grade C Officer) बताया गया था। इन्हीं बातों के आधार पर पुलिस इस पहचान पत्र की असलियत की जांच कर रही है।

‘मेरे क्लाइंट को फंसाया गया’

मामले में वांछित आरोपी प्रथमेश बागुल की तलाश जारी है। मंगलवार को कोर्ट में रोहन पारेख के वकील ने पारेख का पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें साल 2024 में तरुण कपूर (Tarun Kapoor) नाम के एक व्यक्ति ने PMO में काम करने का प्रस्ताव दिया था।

वकील के मुताबिक, रोहन पारेख को महक गुप्ता (Mehak Gupta) के लिए एडवाइजरी रोल और तरुण गुप्ता (Tarun Gupta) से डिफेंस एक्विजिशन पॉलिसी (Defense Acquisition Policy) से जुड़ा ईमेल मिला था। इसके अलावा PMO से जुड़े ईमेल, आधिकारिक ऑफर लेटर और प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर वाला पत्र भी उन्हें मिला था। पारेख के वकील ने दावा किया कि उनके क्लाइंट को फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेज जांच अधिकारियों को सौंप दिए गए हैं।

‘बॉडीगार्ड रखने के निर्देश मिले थे’

पारेख के वकील के मुताबिक, रोहन पारेख ने लंदन स्थित एक विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है और भू-राजनीति (Geopolitics) पर अपना अध्ययन और निबंध यूनेस्को (UNESCO) को सौंपा है। वकील ने बताया कि पारेख ने बीएससी (BSc) की है और साल 2024 से उनके पास निजी बॉडीगार्ड है।

वकील का दावा है कि रोहन पारेख को कथित तौर पर बॉडीगार्ड रखने के निर्देश भी मिले थे। उन्होंने बताया कि पारेख को पहचान पत्र एक स्क्रीनशॉट के तौर पर भेजा गया था और उन्हें इसकी कोई फिजिकल कॉपी कभी नहीं दी गई।

‘निजी काम से BKC गया था’

रोहन पारेख का दावा है कि वह BKC में किसी सरकारी या आधिकारिक काम से नहीं, बल्कि निजी काम से गए थे। उन्होंने बताया कि वह अपनी मंगेतर के लिए परफ्यूम खरीदने मॉल गए थे।

पारेख ने मामले की जांच से जुड़े सभी दस्तावेज पुलिस को सौंप दिए हैं। इस मामले में BKC थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच (Crime Branch) कर रही है।

प्रधानमंत्री के दौरे से कोई संबंध नहीं

रोहन पारेख और उनके बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब तीसरे वांछित आरोपी प्रथमेश बागुल की तलाश कर रही है। वहीं, रोहन पारेख को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को BKC स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में ‘ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026’ (Global Fintech Fest 2026) का शुभारंभ करने वाले हैं। इस दौरान वह लोगों को संबोधित भी करेंगे। हालांकि, मुंबई पुलिस ने साफ तौर पर कहा है कि सोमवार को हुई यह घटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से जुड़ी हुई नहीं थी।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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