Odisha News: तरबूज, आम और नारियल खाने से परिवार की बिगड़ी तबीयत, बेटे की मौत

Odisha News: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई ग्रामीण पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कुकुनी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्य तरबूज, पके आम और नारियल खाने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए।

Aditya Jaiswal
Published on: 17 May 2026 8:18 AM IST
Odisha Food Poisoning
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Odisha Food Poisoning

Odisha News: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के पट्टामुंडई ग्रामीण पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कुकुनी गांव में एक ही परिवार के चार सदस्य तरबूज, पके आम और नारियल खाने के बाद गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान एक नाबालिग लड़के की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पंचानन सेनापति के परिवार के पांच सदस्यों को शुक्रवार सुबह गंभीर उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार की शिकायत के बाद केंद्रपाड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 13 वर्षीय स्वाधीन सेनापति और परिवार के एक अन्य सदस्य को बाद में बेहतर इलाज के लिए कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि इलाज के दौरान स्वाधीन की मौत हो गई। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए पंचानन सेनापति ने बताया कि परिवार ने पिछले दो दिनों में तरबूज, पके आम और कच्चा नारियल खाया था, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्होंने कहा, "फल खाने के बाद हमें तेज बुखार, सिरदर्द और अत्यधिक कमजोरी महसूस हुई। हमने पहले पास की फार्मेसी से दवाइयां लीं, लेकिन हमारी हालत में सुधार नहीं हुआ, इसलिए हम सुबह अस्पताल आए।"

परिवार की सदस्य चारुलता सेनापति ने बताया कि गुरुवार रात को तरबूज खाने के बाद लक्षण शुरू हुए। उन्होंने कहा, "बच्चे ट्यूशन से लौटे और जल्द ही उन्हें उल्टी होने लगी। उन्हें चक्कर आना, पेट में ऐंठन और दस्त की भी शिकायत हुई। बच्चों और वयस्कों सहित परिवार के पांच सदस्य बीमार पड़ गए।" उन्होंने आगे बताया कि परिवार के तीन सदस्यों का फिलहाल केंद्रपाड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि दो को कटक रेफर किया गया है। मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि प्रभावित व्यक्तियों में फूड पॉइजनिंग से जुड़े सामान्य लक्षण जैसे उल्टी, दस्त और पेट दर्द हो रहे हैं। हालांकि, केंद्रपाड़ा अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

जिला मुख्यालय अस्पताल के डॉक्टर अंबिका प्रसाद नायक ने बताया कि यह बीमारी फलों के कारण नहीं, बल्कि दूषित या बासी भोजन के कारण होने की संभावना है। उन्होंने पर बताया, “यह खाद्य विषाक्तता का मामला प्रतीत होता है। गर्मियों में ठीक से संग्रहित न किए गए पके भोजन के सेवन से इस तरह के संक्रमण हो सकते हैं। आमतौर पर तरबूज खाने से ऐसे लक्षण नहीं होते हैं। परिवार द्वारा खाए गए भोजन में कुछ मिलावट हो सकती है।” डॉक्टरों ने आगे बताया कि गंभीर हालत के कारण दो मरीजों को पहले कटक रेफर किया गया था, जबकि दो वयस्क और एक 17 वर्षीय लड़की का इलाज केंद्रपाड़ा में चल रहा है।

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