रूस-यूक्रेन विवाद में पूर्व CJI चंद्रचूड़ की एंट्री! रूस ने बनाया आर्बिट्रेटर, मिलियन डॉलर का है केस

Russia-Ukraine Dispute: पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ रूस-यूक्रेन से जुड़े बड़े निवेश विवाद में रूस की ओर से आर्बिट्रेटर नियुक्त हुए हैं। यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक ने रूस से सैकड़ों मिलियन डॉलर का दावा किया है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 12 Aug 2026 2:04 PM IST
Russia-Ukraine Dispute
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Russia-Ukraine Dispute: भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ (Former CJI DY Chandrachud) की रूस-यूक्रेन विवाद (Russia-Ukraine Dispute) से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन केस (International Arbitration Case) में एंट्री हुई है। रूस (Russia) ने उन्हें यूक्रेन के सरकारी बैंक ओशचाडबैंक (Oschadbank) की ओर से दायर निवेश विवाद (Investment Dispute) में अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है।

इस मामले में ओशचाडबैंक ने रूस के खिलाफ सैकड़ों मिलियन डॉलर के दावे किए हैं। यह जानकारी ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू (Global Arbitration Review) की एक रिपोर्ट के हवाले से सामने आई है।

निवेश समझौते के तहत चल रही है कार्यवाही

यह विवाद रूस और यूक्रेन के बीच साल 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते (Bilateral Investment Treaty) के तहत चल रही आर्बिट्रेशन कार्यवाही से जुड़ा है।

ओशचाडबैंक का दावा यूक्रेन के डोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में मौजूद उसकी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों को हुए कथित नुकसान से संबंधित है।

बैंक का कहना है कि साल 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर सैन्य अभियान (Full-Scale Military Operation) शुरू होने के बाद उसे इन क्षेत्रों में मौजूद अपनी संपत्तियों और कारोबार को नुकसान उठाना पड़ा।

तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा मामले की सुनवाई

इस निवेश विवाद की सुनवाई तीन सदस्यीय आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल (Three-Member Arbitration Tribunal) करेगा। ट्रिब्यूनल की अध्यक्षता कोस्टा रिका की आर्बिट्रेटर और पूर्व व्यापार मंत्री डायाला जिमेनेज (Dyalá Jiménez) करेंगी। डायाला जिमेनेज को रूस और ओशचाडबैंक ने संयुक्त रूप से ट्रिब्यूनल का अध्यक्ष चुना है।

वहीं, ग्रीस के आर्बिट्रेटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के प्रोफेसर स्टावरोस ब्रेकौलाकिस (Stavros Brekoulakis) को ओशचाडबैंक ने अपना आर्बिट्रेटर नियुक्त किया है।

रूस की तरफ से भारत के पूर्व चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को चुना गया है। इस तरह तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल में रूस और ओशचाडबैंक की ओर से एक-एक आर्बिट्रेटर और दोनों पक्षों की सहमति से चुनी गई अध्यक्ष शामिल हैं।

रूस पहले भी चंद्रचूड़ को दे चुका है प्रस्ताव

डीवाई चंद्रचूड़ को रूस की तरफ से आर्बिट्रेटर नियुक्त किए जाने का यह पहला प्रस्ताव नहीं था। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले भी रूस से जुड़े कुछ निवेश विवादों में आर्बिट्रेटर बनने के प्रस्ताव चंद्रचूड़ ठुकरा चुके हैं।

इन मामलों में विंटरशॉल डीआ (Wintershall Dea) और यूक्रेन की सरकारी पावर ट्रांसमिशन कंपनी उक्रेनर्गो (Ukrenergo) से जुड़े विवाद शामिल थे।

विंटरशॉल मामले में भूमिका से खुद को किया था अलग

विंटरशॉल डीआ मामले में चंद्रचूड़ को परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (Permanent Court of Arbitration) की ओर से नियुक्ति से जुड़ी भूमिका भी दी गई थी। हालांकि, रूस की ओर से उनसे संपर्क किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद उन्होंने उस भूमिका से खुद को अलग कर लिया था। अब ओशचाडबैंक और रूस के बीच चल रहे इस नए निवेश विवाद में रूस ने पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ को अपना आर्बिट्रेटर चुना है।

2025 में आर्बिट्रेशन व्यवस्था पर की थी बात

ग्लोबल आर्बिट्रेशन रिव्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, डीवाई चंद्रचूड़ ने साल 2025 में भारत से जुड़े निवेशक-राज्य विवादों (Investor-State Disputes) और आर्बिट्रेशन व्यवस्था (Arbitration System) पर भी बात की थी।

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे विवाद से जुड़े इस मामले में अब तीन सदस्यीय आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल आगे की कार्यवाही करेगा। ओशचाडबैंक ने रूस के खिलाफ सैकड़ों मिलियन डॉलर के दावे किए हैं और यह विवाद यूक्रेन के उन क्षेत्रों में बैंक की संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों को हुए कथित नुकसान से जुड़ा है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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