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भारत नहीं, पाकिस्तान के गांधी जी..., BJP विधायक के विवादित बयान के बाद सियासी बवाल
Basangouda Patil Yatnal: विजयपुरा से बीजेपी विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक बयान दे दिया।
Basangouda Patil Yatnal
Basangouda Patil Yatnal: कर्नाटक की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया जब विजयपुरा से भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनल ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर आपत्तिजनक बयान दे दिया। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विपक्षी दलों ने इसे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का अपमान बताया है, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने आधिकारिक तौर पर खुद को इस बयान से अलग कर लिया है।
जो “वंदे मातरम” नहीं गाते, वे पाकिस्तान चले जाएं: यतनल
एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए यतनल ने कहा कि जो लोग “वंदे मातरम” नहीं गाते या मातृभूमि को सलाम नहीं करते, वे पाकिस्तान चले जाएं। उन्होंने दावा किया कि गांधी भारत के नहीं बल्कि पाकिस्तान के राष्ट्रपिता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे गांधी को राष्ट्रपिता नहीं मानते और उनके लिए अंबेडकर ही पर्याप्त हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में जवाहरलाल नेहरू को मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनके अनुसार नेताजी सुभाष चंद्र बोस ही पहले प्रधानमंत्री थे।
यतनल का यह बयान ऐतिहासिक तथ्यों और स्थापित मान्यताओं के विपरीत माना जा रहा है। इतिहासकारों के अनुसार, महात्मा गांधी को देश की आजादी के आंदोलन का नैतिक नेतृत्व करने के कारण राष्ट्रपिता के रूप में सम्मानित किया जाता है। वहीं, जवाहरलाल नेहरू ने 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री के रूप में पदभार संभाला था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 1943 में सिंगापुर में आजाद हिंद सरकार की घोषणा की थी, लेकिन वह भारत की औपचारिक स्वतंत्रता से पहले की घटना थी।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने यतनल के बयान को गांधी के योगदान का अपमान बताया और भाजपा से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि देश का विभाजन ब्रिटिश नीतियों का परिणाम था, न कि गांधी की इच्छा का। वहीं, तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने इस बयान को “विभाजनकारी राजनीति” करार दिया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने स्पष्ट किया कि यह विधायक का व्यक्तिगत विचार है, पार्टी की आधिकारिक राय नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा गांधी और अंबेडकर दोनों का सम्मान करती है। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। अब यह देखना होगा कि पार्टी स्तर पर यतनल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कदम उठाया जाता है या नहीं।


