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गोपाल कांडा के ठिकानों पर ED की ताबड़तोड़ छापेमारी! 248 करोड़ की हेराफेरी का आरोप, हरियाणा में हड़कंप!
Gopal Kanda ED Raid: हरियाणा के पूर्व मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े परिसरों पर ED ने छापेमारी की है। गुरुग्राम के वाटिका लिमिटेड प्रोजेक्ट्स में 661 निवेशकों से 248.46 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी की जांच चल रही है।
Gopal Kanda ED Raid: हरियाणा की राजनीति के चर्चित चेहरे और पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने उनके कई ठिकानों पर अचानक छापेमारी करके हड़कंप मचा दिया। यह कार्रवाई गुरुग्राम स्थित 'वाटिका लिमिटेड' से जुड़े एक बहुत बड़े रियल एस्टेट घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई है। ईडी की टीम सुबह-सुबह कांडा से जुड़े परिसरों पर पहुंची और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। अचानक हुई इस बड़ी कार्रवाई से कांडा के समर्थकों और हरियाणा के सियासी गलियारों में पूरी तरह से खलबली मच गई है।
248 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, यह पूरा मामला कमर्शियल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में निवेशकों से करोड़ों रुपये ठगने से जुड़ा है। निवेशकों को समय पर पजेशन, हर महीने पक्का रिटर्न, लीज रेंटल और सेल डीड पूरी करने का लुभावना लालच दिया गया था। जांच के दायरे में आए चार बड़े प्रोजेक्ट्स में करीब 661 भोले-भाले निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जमा कराए गए थे। लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी न तो निवेशकों को संपत्तियों का कब्जा मिला और न ही उनकी सेल डीड पूरी की गई। आरोप है कि इस घोटाले के पैसे को गैर-कानूनी तरीके से घुमाकर गोपाल कांडा की अलग-अलग कंपनियों में भेजा गया था।
फार्महाउस से लेकर दफ्तर तक खंगाले जा रहे दस्तावेज
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत गुरुग्राम में गोपाल कांडा से जुड़ी तीन मुख्य जगहों पर एक साथ दबिश दी। ईडी के अधिकारियों ने कांडा के निजी आवास, आलिशान फार्महाउस और मुख्य कार्यालय में पहुंचकर छानबीन शुरू की। यह कोई पहला मौका नहीं है जब कांडा केंद्रीय जांच एजेंसी की जद में आए हैं। इससे पहले अगस्त 2023 में भी ईडी ने उनके सिरसा स्थित सिविल लाइन घर और एमडीएलआर (MDLR) एयरलाइंस के दफ्तर पर लगातार 21 घंटे तक मैराथन छापेमारी की थी और कई अहम कागजात जब्त किए थे।
विवादों से कांडा का पुराना नाता
हरियाणा के सिरसा जिले में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ रखने वाले गोपाल कांडा का विवादों से पुराना और गहरा नाता रहा है। वे सबसे पहले साल 2012 में सुर्खियों में आए थे, जब उनकी कंपनी की पूर्व एयर होस्टेस गीतिका शर्मा की आत्महत्या के मामले में उनका नाम आया था। दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार भी किया था, हालांकि 2023 में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था। राजनीति की बात करें तो 2024 के हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार के हटने के बावजूद उन्हें कांग्रेस के गोकुल सेतिया से करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी। अब इस नए वित्तीय घोटाले ने पूर्व मंत्री की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।


