66 किलो सोना, चांदी का पंडाल! लालबागचा राजा नहीं, ये गणपति हैं सबसे अमीर...भव्यता देख रह जाएंगे दंग

Richest Ganpati in India: मुंबई के GSB गणपति को 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजाया गया है। 24 फीट ऊंची प्रतिमा के लिए ₹703 करोड़ का बीमा कवर लिया गया है। जानें क्यों इसे देश का सबसे अमीर गणपति कहा जाता है।

Harsh Srivastava
Published on: 14 Sept 2026 12:12 PM IST
66 किलो सोना, चांदी का पंडाल! लालबागचा राजा नहीं, ये गणपति हैं सबसे अमीर...भव्यता देख रह जाएंगे दंग
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Richest Ganpati in India: आज से पूरे देश में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व शुरू हो गया है और अगले 11 दिनों तक बप्पा की भक्ति की बयार बहने वाली है। वैसे तो देश के हर कोने में गणपति उत्सव का रंग देखने को मिल रहा है, लेकिन महाराष्ट्र और खासकर मुंबई का गणेश उत्सव अपने आप में बेहद अनूठा होता है। मुंबई में लालबागचा राजा की भव्यता और मान्यता तो जगप्रसिद्ध है ही, लेकिन माटुंगा इलाके में स्थापित होने वाले 'जीएसबी' (GSB) गणपति का अपना ही दिव्य महात्म्य है। इस साल भी मुंबई के जीएसबी सेवा मंडल ने अपने बप्पा को इतने दिव्य रूप में सजाया है कि हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गई हैं। बप्पा के इस आलौकिक स्वरूप और सुरक्षा के लिए लिया गया करोड़ों का बीमा इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

66 किलो सोना और 335 किलो चांदी से सजे गणपति

माटुंगा स्थित जीएसबी सेवा मंडल को अधिकारिक रूप से देश का सबसे अमीर गणपति मंडल माना जाता है। इस वर्ष बप्पा की 24 फीट ऊंची प्रतिमा का भव्य श्रृंगार देखने लायक है। बप्पा के सिंहासन से लेकर उनके मुकुट और आभूषण तक सब कुछ शुद्ध सोने से बने हैं। भगवान गणेश की मूर्ति को सजाने के लिए करीब 66 किलो शुद्ध सोने के आभूषणों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा करीब 335 किलो शुद्ध चांदी से बप्पा के अन्य आभूषण और पूरे पंडाल की नक्काशीदार सजावट की गई है। सोने-चांदी की इस अनूठी चमक से पूरा मंडप अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा है, जो भक्तों को अपनी ओर खींच रहा है।

5 दिनों के लिए 703 करोड़ रुपये का बीमा कवर

जीएसबी सेवा मंडल के बप्पा सिर्फ 5 दिनों के लिए ही विराजे जाते हैं, लेकिन इन 5 दिनों की सुरक्षा व्यवस्था किसी किले जैसी होती है। इस साल मंडल ने बप्पा की सुरक्षा, कीमती आभूषणों और श्रद्धालुओं के लिए कुल ₹703 करोड़ का ऑल-रिस्क बीमा कवर लिया है, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड है। इस भारी-भरकम बीमा कवर में केवल सोने-चांदी के गहनों की सुरक्षा ही शामिल नहीं है, बल्कि पंडाल में दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, दिन-रात सेवा में लगे सेवादारों, भोजन पकाने वाले रसोइयों, सुरक्षा गार्डों और काम करने वाले सभी कर्मचारियों का लाइफ और हेल्थ कवर भी शामिल किया गया है।

मंत्रोच्चार और हवन से गूंजता है मंडप

मुंबई में इस साल लगभग 2,700 सार्वजनिक गणपति मंडल सजाए गए हैं, लेकिन जीएसबी सेवा मंडल की बात बिल्कुल अलग और सात्विक है। जहां कई पंडालों में आधुनिक गानों और डीजे का शोर होता है, वहीं जीएसबी पंडाल में किसी भी प्रकार के लाउड संगीत की इजाजत नहीं होती। यहां पूरे वातावरण में केवल पवित्र वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई देती है। मंडप में दो विशेष हवन कुंड बनाए गए हैं, जहां पांच दिनों तक 24 घंटे लगातार प्रकांड वैदिक ब्राह्मणों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ अखंड हवन किया जाता है। माना जाता है कि इस हवन में दी गई आहुति से भक्तों की हर मनोकामना सीधे बप्पा तक पहुंच जाती है।

70 साल पुरानी तुलादान की अनूठी परंपरा

जीएसबी गणपति मंडल में आस्था केवल दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां करीब 70 सालों से सेवा की एक खास परंपरा चली आ रही है। मंडप के पास दो बड़े विशेष तराजू रखे जाते हैं। जब किसी भक्त की मनोकामना पूरी हो जाती है, तो वह अपने बच्चों को इस तराजू में बैठाकर उनके वजन के बराबर चावल, दाल और अन्य खाद्य सामग्री का दान करता है। इस परंपरा के तहत एकत्र होने वाले अनाज का उपयोग पूरे साल गरीबों और जरूरतमंदों के लिए महाप्रसाद बनाने में किया जाता है। यही सात्विकता, सेवा भावना और अपार वैभव इस मंडल को देश का सबसे खास और सबसे अमीर गणेशोत्सव बनाता है।

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Harsh Srivastava is a journalist currently working as Desk In-Charge at NewsTrack, Lucknow. He began his journalism career in 2023 and has previously worked with Hindustan, Times Internet and India News. He holds a Master’s degree in Journalism and Mass Communication (MJMC). His key areas of interest include politics, elections and crime, with a wider focus on governance, public policy and current affairs. He writes research-driven and SEO-focused digital stories, combining journalistic depth with an understanding of digital audiences. Harsh has covered the 2026 West Bengal Assembly Election, several state elections and bypolls, and extensively followed the Delhi CJP protest and its developments. His work includes news reports, explainers, features and analytical stories. Originally from Varanasi, Harsh has worked across Varanasi, Delhi and Lucknow, with experience spanning reporting, digital journalism, content writing and editorial operations.

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