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दिल्ली सरकार ने खाया 300 करोड़ का कमीशन! भारद्वाज बोले- '650 करोड़ के घोटाले का आरोपी विदेश फरार...'
AAP Party Protest: पार्टी नेताओं का दावा है कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की खरीद में तकरीबन 650 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है।
AAP Party Protest
AAP Party Protest: दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में कथित स्वास्थ्य घोटाले को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बार फिर दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अस्पतालों में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और अन्य जरूरी सामान की खरीद में करीब 650 करोड़ रुपये का कथित घोटाला हुआ है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी नेताओं ने राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।
आरोप में क्या कहा सौरभ भारद्वाज ने?
प्रदर्शन के दौरान दिल्ली प्रदेश AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बीते 3 दिनों से पार्टी लगातार अस्पतालों के बाहर प्रदर्शन कर रही है क्योंकि गरीब मरीजों को मुफ्त दवाइयां तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं, जिससे सरकारी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।
सौरभ भारद्वाज का दावा है कि अस्पतालों के लिए केवल 100 करोड़ रुपये की दवाइयां खरीदी गईं, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में इसके लिए 400 करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया। उनके अनुसार, इस तरह करीब 300 करोड़ रुपये का कथित कमीशन लिया गया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
103 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता
AAP नेता ने आरोप लगाया कि मामला केवल दवाइयों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक, एक्स-रे मशीनों की खरीद में लगभग 103 करोड़ रुपये की कथित अनियमितता हुई, जबकि अस्पतालों में मरीजों के लिए खरीदी जाने वाली बेडशीट और अन्य सामग्री में भी करीब 50 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। पार्टी का दावा है कि इन सभी मामलों को मिलाकर कुल 650 करोड़ रुपये का कथित भ्रष्टाचार हुआ है।
आम आदमी पार्टी ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित विभाग या सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल यह मामला राजधानी की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इन आरोपों की जांच में क्या निष्कर्ष निकालती हैं और आगे क्या कार्रवाई की जाती है।


