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'वंदे मातरम' के दौरान बैठे रहे कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला! BJP ने कहा- माफी मांगो वरना...
गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में ‘वंदे मातरम’ के गायन के दौरान कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला के बैठने पर विवाद हो गया।
Vande Mataram Row: गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत बुधवार को राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन के साथ हुई, लेकिन इसी दौरान सदन में विवाद खड़ा हो गया। कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला के राष्ट्रगीत के दौरान कुछ समय के लिए बैठ जाने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आपत्ति जताई और उनसे माफी मांगने की मांग की।
इमरान खेड़ावाला अहमदाबाद की जमालपुर-खाड़िया विधानसभा सीट से विधायक हैं और वह गुजरात विधानसभा में एकमात्र मुस्लिम विधायक हैं। राष्ट्रगीत शुरू होने पर वह शुरुआत में खड़े हुए, लेकिन बाद में बैठ गए, जबकि सदन में मौजूद अन्य सदस्य खड़े रहे।
राष्ट्रगीत के दौरान विधायक के बैठने पर BJP ने जताई आपत्ति
मानसून सत्र की शुरुआत सदन की परंपरा के अनुसार 'वंदे मातरम' के गायन से हुई। इसी दौरान खेड़ावाला के बैठने को लेकर BJP नेताओं ने सवाल उठाए। राज्य मंत्री प्रवीण माली ने घटना की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा का सत्र शुरू होने पर कई वर्षों से कार्यवाही की शुरुआत 'वंदे मातरम' से करने की परंपरा रही है। माली ने कहा कि 'वंदे मातरम' शुरू होने पर खेड़ावाला पहले खड़े हुए, लेकिन कुछ देर बाद बैठ गए। उन्होंने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताया।
BJP ने कांग्रेस से भी मांगा जवाब
BJP नेता ने सवाल उठाया कि खेड़ावाला का बैठना उनका व्यक्तिगत फैसला था या फिर यह कांग्रेस पार्टी की स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कांग्रेस से इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग की। प्रवीण माली ने 'वंदे मातरम' का अर्थ बताते हुए कहा कि इसका मतलब 'मैं भारत माता को नमन करता हूं' है। उन्होंने इसे मातृभूमि के प्रति सम्मान और अभिवादन बताया। राज्य सरकार की ओर से भी इस घटना की कड़ी निंदा किए जाने की बात कही गई।
इमरान खेड़ावाला ने आरोपों को किया खारिज
वहीं, कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला ने राष्ट्रगीत के अपमान के आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह ‘वंदे मातरम’ का सम्मान करते हैं और इसके उन हिस्सों के दौरान खड़े हुए, जिन्हें 1937 से पारंपरिक रूप से गाया जाता रहा है। खेड़ावाला ने कहा कि वह आगे भी 'वंदे मातरम' के उन्हीं हिस्सों के दौरान खड़े रहेंगे, जिन्हें परंपरागत रूप से 1937 से गाया जाता रहा है। उन्होंने दावा किया कि बाद में जब अतिरिक्त अंतरे गाए जाने शुरू हुए, जिन्हें BJP द्वारा जोड़े गए अंतरे बताया गया, तब वह बैठ गए।
विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
वहीं, BJP नेताओं ने मामले को विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी के सामने उठाने की तैयारी की। शिक्षा मंत्री जीतू वघानी समेत BJP के कई नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष से इस मामले में कार्रवाई की मांग की।


