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इस राज्य में 24 घंटे खुलेंगी दुकानें, मॉल और रेस्टोरेंट! सरकार ने बदला कानून, जानें क्या-क्या बदलेगा
Gujarat Shops Open 24x7: गुजरात में दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल और शोरूम अब 24 घंटे खुले रह सकेंगे। सरकार ने गुमास्ता कानून में बड़ा बदलाव किया है, लेकिन कर्मचारियों के अधिकार बरकरार रहेंगे।
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Gujarat Shops Open 24x7: गुजरात में दुकान, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, गैरेज और शोरूम जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान (Commercial Establishments) अब 24 घंटे खुले रखे जा सकेंगे। राज्य सरकार ने ‘गुमास्ता धारा’ यानी दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम (Shops and Establishments Act) से जुड़े कानून में बड़ा बदलाव किया है। विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन यह संशोधन पेश किया गया, जिसके बाद सिर्फ तय समय सीमा के आधार पर पुलिस या स्थानीय अधिकारी इन प्रतिष्ठानों को बंद नहीं करवा सकेंगे।
हालांकि 24 घंटे दुकानें और प्रतिष्ठान खुले रखने की सुविधा का मतलब यह नहीं है कि नियम पूरी तरह खत्म हो गए हैं। स्वच्छता (Hygiene), ट्रैफिक व्यवस्था (Traffic Management) और सुरक्षा (Safety) से जुड़े नियमों का पालन पहले की तरह जरूरी रहेगा। साथ ही कर्मचारियों के काम के घंटे, आराम का समय, छुट्टी और सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकार भी लागू रहेंगे।
रात में दुकानें बंद करने की पुरानी पाबंदी खत्म
अब तक गुजरात में दुकानों और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खुलने और बंद होने को लेकर समय की पाबंदियां लागू थीं। हालांकि महानगर पालिका क्षेत्र, अस्पताल, नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप और बस स्टेशन जैसे कुछ इलाकों को इन पाबंदियों से अलग रखा गया था।
मौजूदा व्यवस्था के तहत नगर पालिका और राज्य राजमार्ग वाले इलाकों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें बंद रखने का नियम था। वहीं दूसरे इलाकों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक प्रतिष्ठानों को बंद रखना पड़ता था। अब नए संशोधन के बाद यह समय सीमा खत्म हो जाएगी। यानी पात्र दुकानें और प्रतिष्ठान सप्ताह के किसी भी दिन 24 घंटे संचालित किए जा सकेंगे।
कर्मचारियों से लगातार काम नहीं
सरकार के इस बदलाव का सबसे अहम पहलू यह है कि 24x7 संचालन (24x7 Operations) की अनुमति मिलने के बावजूद कर्मचारियों के अधिकार खत्म नहीं होंगे। दुकान या प्रतिष्ठान पूरे दिन खुला रह सकता है, लेकिन कर्मचारियों से लगातार काम नहीं कराया जा सकेगा।
कर्मचारियों के काम के घंटे, आराम के अंतराल, छुट्टी, रोजगार की शर्तों और सुरक्षा से जुड़े लागू कानून पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। यानी प्रतिष्ठान को 24 घंटे चलाने और कर्मचारियों से 24 घंटे काम कराने के बीच साफ अंतर रखा गया है।
सरकार ने क्यों किया बड़ा बदलाव?
गुजरात विधानसभा में उद्योग राज्य मंत्री डॉ। जयराम गामित ने बताया कि राज्य में उद्योग और कारोबार से जुड़ी नियामक प्रक्रियाओं को ज्यादा सरल, तेज, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाने के लिए ‘गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल, 2026’ (Gujarat Ease of Doing Business Bill, 2026) पारित किया गया है।
सरकार का कहना है कि इस बिल का मकसद उद्योगों और नागरिकों पर पड़ने वाले अनावश्यक नियामक बोझ (Regulatory Burden) को कम करना है। इसके साथ ही प्रक्रियाओं को आसान बनाने, स्व-घोषणा (Self-Declaration) और स्व-प्रमाणीकरण (Self-Certification) को बढ़ावा देने और जोखिम आधारित व तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
सरकार कम जोखिम वाली गतिविधियों में अनिवार्य पूर्व-मंजूरी और अधिकारियों के साथ भौतिक संपर्क की जरूरत कम करके विश्वास आधारित शासन (Trust-Based Governance) की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है।
पांच कानूनों में 12 संशोधन एक साथ
इस विधेयक के जरिए राज्य के पांच अलग-अलग कानूनों की 12 संशोधनात्मक धाराओं को एक ही दायरे में लाया गया है। सरकार का कहना है कि इससे कानूनी प्रक्रिया आसान होगी और विधानसभा का समय भी बचेगा।
इस पूरे बदलाव को ‘विकसित गुजरात से विकसित भारत @2047’ (Viksit Gujarat to Viksit Bharat @2047) के संकल्प, गुजरात औद्योगिक नीति-2026 (Gujarat Industrial Policy 2026) और जनवरी में होने वाली 11वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 (Vibrant Gujarat Global Summit 2027) की पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अग्नि सुरक्षा के नियम भी बदले जाएंगे
बिल में गुजरात अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2013 (Gujarat Fire Prevention and Life Safety Measures Act, 2013) से जुड़े सुधार भी शामिल हैं।
इसके तहत अग्नि सुरक्षा मानकों (Fire Safety Standards) को जोखिम और काम के प्रदर्शन पर आधारित बनाया गया है। सरकार के मुताबिक स्थानीय परिस्थितियों और इमारत के प्रकार के हिसाब से नियमों को अनुकूल बनाया जाएगा, जिससे अनुपालन लागत (Compliance Cost) कम करने में मदद मिलेगी।
दुकान और प्रतिष्ठान अधिनियम में बड़ा बदलाव
गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 2019 (Gujarat Shops and Establishments Act, 2019) के तहत पंजीकरण की प्रक्रिया को भी आसान किया जाएगा। स्व-घोषणा और स्व-प्रमाणीकरण के जरिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव है।
इसके साथ ही दुकानों और प्रतिष्ठानों को सप्ताह के किसी भी दिन 24x7 काम करने की सुविधा दी जाएगी। हालांकि यह सुविधा काम के घंटे, आराम के अंतराल और रोजगार की शर्तों से जुड़े लागू कानूनों के अधीन होगी।
MSME के लिए भी आसान होगा कारोबार
गुजरात एमएसएमई सुविधा अधिनियम, 2019 (Gujarat MSME Facilitation Act, 2019) के तहत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए ‘राइट टू बिजनेस’ (Right to Business) व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।
सरकार ने सहकारी, बिजली, जीआईडीसी और सिंचाई जैसे आठ अतिरिक्त राज्य कानूनों को सुविधा देने वाले ढांचे के अनुरूप बनाने की बात कही है। इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम कारोबार के लिए सरकारी प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
दूसरे राज्यों के डॉक्टरों का रजिस्ट्रेशन आसान
गुजरात मेडिकल काउंसिल एक्ट, 1967 (Gujarat Medical Council Act, 1967) में भी बदलाव का प्रस्ताव है। इसके तहत दूसरे राज्यों में पहले से पंजीकृत डॉक्टरों के लिए गुजरात में स्व-घोषणा के आधार पर रजिस्ट्रेशन कराना आसान होगा।
सरकार का मानना है कि इससे चिकित्सा सेवाओं और पेशेवर गतिशीलता (Professional Mobility) को बढ़ावा मिलेगा और दूसरे राज्यों से गुजरात आने वाले डॉक्टरों के लिए प्रक्रिया तेज हो सकेगी।
सरकारी सेवाओं में ऑटो-अपील की व्यवस्था
गुजरात राइट ऑफ सिटिजन्स टू पब्लिक सर्विसेज एक्ट, 2013 (Gujarat Right of Citizens to Public Services Act, 2013) में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है।
अगर तय समय सीमा के भीतर किसी सरकारी सेवा या शिकायत का निपटारा नहीं होता है तो मामला अपने आप उच्च अधिकारी के पास चला जाएगा। इसके लिए तकनीक आधारित ‘ऑटो-अपील’ (Auto-Appeal) और ‘ऑटो-एस्केलेशन’ (Auto-Escalation) व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं में देरी कम करना और लोगों को समय पर समाधान उपलब्ध कराना है।
निवेश बढ़ाने पर सरकार का जोर
उद्योग राज्य मंत्री डॉ। जयराम गामित ने कहा कि गुजरात औद्योगिक नीति-2026, चारों क्षेत्रों में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट्स और जनवरी में होने वाली 11वीं वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट-2027 की पृष्ठभूमि में ये कानूनी सुधार अहम हैं।
सरकार का दावा है कि इन बदलावों से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और गुजरात को उद्योग, निवेश और रोजगार के लिए और ज्यादा अनुकूल बनाया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा, श्रमिकों के अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से कोई समझौता किए बिना अनावश्यक प्रक्रियात्मक जटिलताओं को खत्म करना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में यह बिल गुजरात को देश और दुनिया के लिए बेहतर निवेश गंतव्य बनाने में मदद करेगा।
‘Reform, Perform and Transform’ पर जोर
राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री के ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ (Reform, Perform and Transform) के मंत्र के साथ गुजरात को ज्यादा सरल, तेज और उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही है।
सरकार के मुताबिक यह बिल राज्य में निवेश, उद्योग और रोजगार के लिए ज्यादा अनुकूल माहौल तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा। गुजरात पहले से ही निवेश, औद्योगिक विकास, उद्यमिता और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के तौर पर आगे बढ़ रहा है।
मंत्री गामित ने विधानसभा में कहा कि इस विधेयक के पारित होने से गुजरात में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के साथ-साथ ईज ऑफ लिविंग (Ease of Living) के उच्च स्तर हासिल किए जा सकेंगे।
कुल मिलाकर गुजरात सरकार के इस संशोधन से दुकानों, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, गैरेज और शोरूम जैसे प्रतिष्ठानों के लिए रात में बंद होने की पुरानी समय सीमा खत्म हो जाएगी। अब इन्हें 24 घंटे चलाने की सुविधा होगी, लेकिन स्वच्छता, सुरक्षा, ट्रैफिक और श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य रहेगा। सरकार इसे कारोबार आसान बनाने, निवेश बढ़ाने और विश्वास व जोखिम आधारित शासन की ओर बढ़ने वाला बड़ा कदम बता रही है।


