गुरुग्राम में गैंगस्टरों का आतंक, 'MNR बिल्डमार्क' केस में नहीं मिला कोई सुराग, पुलिस ने बनाया प्लान

गुरुग्राम में MNR बिल्डमार्क केस में गैंगस्टरों ने फैलाई दहशत, पुलिस ने बनाई सुपर रणनीति, विदेशों से सक्रिय अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तैयार की रणनीति।

Harsh Srivastava
Published on: 21 Sept 2025 10:51 AM IST
गुरुग्राम में गैंगस्टरों का आतंक, MNR बिल्डमार्क केस में नहीं मिला कोई सुराग, पुलिस ने बनाया प्लान
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MNR Buildmark case update: दिल्ली-एनसीआर में अब गैंगस्टर केवल जमीन पर नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया और विदेशों से बैठकर भी अपना खूनी खेल चला रहे हैं। गुरुग्राम के सेक्टर-45 में एमएनआर बिल्डमार्क के दफ्तर पर गुरुवार देर रात हुई 30 राउंड फायरिंग की सनसनीखेज वारदात को 48 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक शूटरों की पहचान नहीं कर पाई है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि विदेशी धरती से चल रहे गैंगस्टर नेटवर्क गुरुग्राम पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। इस बीच, एसटीएफ (Special Task Force) गुरुग्राम और पुलिस की अपराध शाखा की टीमों ने मिलकर इन अपराधियों को पकड़ने के लिए एक 'महा-रणनीति' बनाई है।

विदेश में बैठे गैंगस्टरों को भारत लाने की तैयारी

जुलाई से सितंबर के बीच गुरुग्राम जिले में हुई तीन बड़ी फायरिंग की वारदातों के बाद, अब पुलिस और एसटीएफ ने इन गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का मन बना लिया है। जांच में सामने आया है कि इस तरह की वारदातों को अंजाम देने वाले गैंगस्टर अक्सर सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेते हैं। पुलिस ने इन सभी बदमाशों की सही जानकारी निकालने के बाद उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का फैसला किया है। इसके अलावा, उनकी सही लोकेशन का पता लगाकर इंटरपोल की मदद से उन्हें विदेश से भारत डिपोर्ट कर लाने की तैयारी है। जरूरत पड़ने पर एक विशेष टीम को भी विदेश भेजा जा सकता है।

'गुमराह' करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि विदेश में बैठे गैंगस्टर अपने गुर्गों के दम पर कहीं भी, कभी भी आसानी से वारदातों को अंजाम दिलवा सकते हैं। शुरुआती जांच में गैंगस्टर दीपक नांदल, सुनील सरधारनिया और एक म्यूजिक कंपनी के मालिक की लोकेशन सबसे पहले दुबई में मिली थी। बाद में उनके कनाडा और अमेरिका जैसे शहरों में होने के संकेत मिले हैं। हालांकि, उनकी सही लोकेशन का पता लगाना अभी भी चुनौती बना हुआ है। जांच टीमों ने पाया है कि ये आरोपी अक्सर पुलिस को गुमराह करने के लिए पुराने फोटो को नई लोकेशन के साथ सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं, जिससे यह लगे कि वे उस शहर या देश में मौजूद हैं।

'आर्थिक विवाद' है हर वारदात की जड़

जांच में सामने आया है कि एमएनआर बिल्डमार्क के दफ्तर पर हुए हमले का संबंध भी एक पुराने वित्तीय विवाद से है। गैंगस्टर दीपक नांदल ने मुंबई में 'तलवार' नाम के एक व्यक्ति के कहने पर 35 लाख रुपये का निवेश किया था। सूत्रों के अनुसार, पिछले दो महीनों में हुई तीन बड़ी वारदातों के पीछे भी दीपक नांदल का नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि पैसों के विवाद में फाजिलपुरिया पर फायरिंग कराई गई और रोहित शौकीन की हत्या कराई गई। जानकारी के मुताबिक, 50 से अधिक गैंगस्टर विदेशों से बैठकर अपने गुर्गों के जरिए हरियाणा, पंजाब और दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं, और उनके निशाने पर अक्सर वही लोग होते हैं जिनसे उनका कोई वित्तीय विवाद होता है।

पुलिस के लिए बड़ी चुनौती

ये विदेशी गैंगस्टर गुरुग्राम पुलिस के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गए हैं। पिछले दो महीनों में, उन्होंने तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इन घटनाओं में एक और गैंगस्टर हिमांशु भाऊ का नाम भी चर्चा में है। पुलिस और एसटीएफ का मानना है कि जब तक इन विदेशी सरगनाओं को नहीं पकड़ा जाता, तब तक इस तरह की वारदातों को पूरी तरह रोकना मुश्किल होगा। अब देखना यह है कि क्या पुलिस की यह नई रणनीति रंग लाएगी और क्या ये गैंगस्टर भारत की कानूनी पकड़ में आ पाएंगे?

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Harsh Srivastava

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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